Saturday, June 6, 2026
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Homeराज्यबिहार / झारखण्डराजस्व विभाग में जीरो टॉलरेंस: अनियमितता करने वाले अधिकारियों पर बड़ा एक्शन

राजस्व विभाग में जीरो टॉलरेंस: अनियमितता करने वाले अधिकारियों पर बड़ा एक्शन

 पटना

बिहार की सम्राट चौधरी सरकार ने भ्रष्टाचार और लापरवाही के आरोप अंचलाधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने काम में भ्रष्टाचार, लापरवाही और अनियमितता बरतने वाले 14 अंचलाधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की है। इसके तहत इन पर आरोप पत्र गठित किया गया है। साथ ही इनके वेतन वृद्धि पर भी रोक लगा दी गई है। राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने कहा कि विभाग में भ्रष्टाचार और अनियमित्ता पर जीरो टॉलरेंस की नीति जारी रहेगी। भ्रष्ट पदाधिकारी ठीक हो जाएं अन्यथा आगे भी कार्रवाई के लिए तैयार रहें।

रिश्वत लेते गिरफ्तार पत्थरघट के पूर्व सीओ राकेश कुमार पर आरोप पत्र गठित करने का निर्णय लिया गया। पाटलिपुत्र के सीओ अनुज कुमार के एक वेतन वृद्धि पर रोक लगा दी गई है। मधेपुरा के घैलाढ़ सीओ रहे चंदन कुमार पर आरोप पत्र गठित किया गया है। ऑनलाइन जमाबंदी पंजी में बिना साक्ष्य रकबा जोड़ने के आरोप में बैकुंठपुर के सीओ पंकज कुमार पर आरोप पत्र गठित किया गया है। गलत ढंग से जमाबंदी कायम करने पर गुरारू के सीओ रहे संजीव कुमार त्रिवेदी की दो वेतन वृद्धि रोक दी गई है।

इसके साथ बालू के अवैध खनन मामले में पालीगंज के सीओ रहे राकेश कुमार की एक वेतन वृद्धि रोक दी गई है। सुपौल की सीओ रहीं बुच्ची कुमारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई चलेगी। गोपालपुर की सीओ रहे राजकिशोर शर्मा का 10 प्रतिशत पेंशन कटौती पांच वर्षों तक होगी।

इधर गोपालगंज सदर के सीओ रजत कुमार वर्णवाल ने दाखिल-खारिज में एकरूपता नहीं रखी। इस कारण इन पर आरोप पत्र गठित किया गया है। एकमा के सीओ रहे अमलेश कुमार अनधिकृत रूप से अनुपस्थित रहे। इन पर आरोप पत्र गठित हुआ है। चंडी की सीओ रहीं कुमारी आंचल ने अपील वाद के आदेश पर अमल नहीं किया। इन पर आरोप पत्र गठित हुआ है।

विभाग की ओर से लिए गए एरक्शन में बैरिया के सीओ रहे अनिल कुमार ने बीसी को ईबीसी में दिखाया तो इन पर आरोप पत्र गठित किया गया। साहेबपुर कमाल के सीओ रहे सतीश कुमार सिंह ने बाढ़ राहत की राशि में अनियमितता बरती। मुजफ्फरपुर जिले के कांटी की सीओ रहीं रिषिका को सस्पेंड किया गया था। उनके निलंबन को सरकार की स्वीकृति मिल गई है। रिषिका पर सरकारी जमीन एक खास व्यक्ति के नाम से दाखिल खारिज कर देने का आरोप लगा। डीएम के स्तर पर जांच के बाद विभाग ने यह कार्रवाई की।

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