Wednesday, July 29, 2026
Google search engine
Homeदेशहोर्मुज संकट से निपटने की तैयारी, भारत ने तेल-गैस सप्लाई सुरक्षित रखने...

होर्मुज संकट से निपटने की तैयारी, भारत ने तेल-गैस सप्लाई सुरक्षित रखने के लिए अपनाया नया रास्ता

 नई दिल्‍ली
   
अमेरिका और ईरान के बीच फिर से जंग छिड़ने से स्‍ट्रेट ऑफ होर्मुज पर तनाव काफी ज्‍यादा बढ़ चुका है. ज्‍यादातर जहाज होर्मुज के बजाय वैकल्पिक रास्‍ते को अपना रहे हैं. S&P ग्‍लोबल एनर्जी के नए रिसर्च के अनुसार, जंग फारस की खाड़ी से तेल LNG और  निर्यात को तेजी से कम कर रही है. जबकि 17 जून को समझौता होने के बाद से तेल और गैस का निर्यात तेजी से बढ़ा था, लेकिन अब ये कम हो चुका है। 

इस रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि भारत होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में बढ़ते रिस्‍क से बचने के लिए कच्चे तेल और LNG के आयात को संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और ओमान के रास्ते मोड़ रहा है. इसका मतलब है कि भारत अपने तेल-गैस की आपूर्ति पूरी करने के लिए वैकल्किक रास्‍तों का अपना रहा है। 

ईरान की वैकल्‍प‍िक रास्‍तों पर हमले की चेतावनी
वहीं दूसरी ओर, मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर उसके तेल एक्‍सपोर्ट को रोका गया तो वह फुजैरा पाइपलाइन और सऊदी अरब की ईस्‍ट-वेस्‍ट पाइपलाइन समेत अन्‍य वैकल्पिक रास्‍तों को निशाना बना सकता है। 

तेजी से कम हो रही है टैंकरों की संख्‍या 
एसएंडपी ग्लोबल एनर्जी के पोत ट्रैकिंग डेटा से पता चलता है कि होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरने वाले लदे एलएनजी के संयुक्त 10 दिन एवरेज में जून के अंत में लगभग 0.8 कार्गो प्रति दिन से घटकर 15 जुलाई तक केवल 0.2 कार्गो प्रति दिन रह गया है। 

पिछले सप्ताह फारस की खाड़ी से केवल एक एलएनजी कार्गो के निकलने की जानकारी मिली है, जो कतर एनर्जी एलएनजी के अल रेकाय्यात पर 7 जुलाई को हुए हमले के बाद जहाज मालिकों के बीच बढ़ती सतर्कता के कारण है. संघर्ष शुरू होने के बाद से एलएनजी पोत पर यह पहला सीधा हमला था. रिसर्चर मेहरून एतेबारी ने कहा कि हमारा अनुमान है कि निर्यात को सीमित करने वाला मुख्‍य कारक गैस क्षमता में बढोतरी के बजाय जहाजरानी संबंधी बधाएं हैं। 

उत्‍पादन और लोडिंग में नहीं हो रही कमी
निर्यात में आई मंदी LNG प्‍लांटों की एक्‍शन के बिल्‍कुल अलग है. कतर एनर्जी एलएनजी और यूएसई की एडीएनओसी एलएनजी में एलएनजी उत्‍पादन और जहाजों पर माल की लोडिंग, बाहरी शिपिंग में रुकावट के बावजूद ज्‍यादा मजबूत गति से जारी है. इसके कारण फारस की खाड़ी में प्रतीक्षा कर रहे टैंकरों में LNG का भंडार बढ़ता जा रहा है। 

होर्मुज खुलते ही पूरी हो सकती है आपूर्ति
जुलाई के मध्य तक अकेले कतर के सात लदे हुए एलएनजी वाहक जहाजों में लगभग 0.57 मिलियन मीट्रिक टन एलएनजी होने का अनुमान था, जबकि एसएंडपी ग्लोबल का अनुमान है कि फारस की खाड़ी के भीतर वर्तमान में लगभग 1.9 मिलियन मीट्रिक टन एलएनजी टैंकर क्षमता मौजूद है. अगर आने वाले हफ्तों में होर्मुज जलडमरूमध्य की प्रभावी नाकाबंदी में ढील दी जाती है, तो ये जहाज निर्यात में तेजी आ सकती है, जिससे पहले से उत्पादित और लोड की गई एलएनजी आपूर्ति को सामान्‍य कर सकती है। 

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments