Monday, September 14, 2026
Google search engine
Homeराज्यबिहार / झारखण्डहजारों अभ्यर्थियों के भविष्य पर फैसला संभव, JPSC-JSSC समेत 4 परीक्षाओं पर...

हजारों अभ्यर्थियों के भविष्य पर फैसला संभव, JPSC-JSSC समेत 4 परीक्षाओं पर हाईकोर्ट में सुनवाई

रांची

Jharkhand High Court Hearing: झारखंड हाईकोर्ट में मंगलवार 15 सितंबर को JPSC संयुक्त सिविल सेवा प्रतियोगिता परीक्षा, JSSC CGL-2023, CDPO और फूड सेफ्टी ऑफिसर परीक्षा के विज्ञापन रद्द करने के खिलाफ दायर विभिन्न याचिकाओं पर महत्वपूर्ण सुनवाई होगी. यह मामला जस्टिस दीपक रोशन की अदालत में सुनवाई के लिए सूचीबद्ध है. इस सुनवाई पर हजारों अभ्यर्थियों की नजरें टिकी हैं, क्योंकि इन परीक्षाओं को रद्द करने के सरकार के फैसले को चुनौती दी गई है.

सरकार ने अब तक दाखिल नहीं किया जवाब

मामले की सुनवाई से पहले सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि हाईकोर्ट के निर्देश के बावजूद राज्य सरकार अब तक अपना जवाब दाखिल नहीं कर सकी है. अदालत ने सरकार को 7 सितंबर तक शपथ पत्र दाखिल करने का स्पष्ट निर्देश दिया था, लेकिन सोमवार तक सरकार की ओर से जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया. वहीं, कुछ मामलों में झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की ओर से अधिवक्ता संजय पिपरावाल के माध्यम से शपथ पत्र दाखिल किया जा चुका है. ऐसे में अदालत के सामने आयोग और सरकार के रुख में अंतर भी चर्चा का विषय बना हुआ है.

किन परीक्षाओं का मामला पहुंचा हाईकोर्ट

हाईकोर्ट में एक साथ कई याचिकाओं पर सुनवाई होनी है, जिनमें अलग-अलग प्रतियोगी परीक्षाओं के विज्ञापन रद्द करने की वैधता को चुनौती दी गई है. इनमें JSSC CGL-2023, JPSC संयुक्त सिविल सेवा (11वीं से 13वीं), CDPO और फूड सेफ्टी ऑफिसर भर्ती परीक्षाएं शामिल हैं. इन सभी परीक्षाओं को राज्य सरकार ने पूर्व में रद्द करने का निर्णय लिया था, जिसके बाद अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया.

अलग-अलग अभ्यर्थियों ने दायर की हैं याचिकाएं

JSSC CGL-2023 परीक्षा रद्द करने के खिलाफ रमेश उरांव और अन्य अभ्यर्थियों ने याचिका दायर की है. वहीं, CDPO नियुक्ति परीक्षा रद्द करने की अधिसूचना को सुभाष मुरमू और अन्य अभ्यर्थियों ने चुनौती दी है. इसी तरह दीपमाला, आशीष अक्षत, आकांक्षा मिंज और अन्य अभ्यर्थियों ने JPSC 11वीं से 13वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा का विज्ञापन रद्द करने के खिलाफ याचिका दाखिल की है. फूड सेफ्टी ऑफिसर प्रतियोगिता परीक्षा रद्द करने के मामले में सौरभ सिंह और अन्य अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट का रुख किया है.

इन सभी परीक्षाओं से हजारों अभ्यर्थियों का भविष्य जुड़ा हुआ है. लंबे समय से भर्ती प्रक्रिया पर अनिश्चितता बनी हुई है, इसलिए सोमवार की सुनवाई को बेहद अहम माना जा रहा है. अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि राज्य सरकार अदालत में अपना पक्ष रखती है या नहीं और हाईकोर्ट आगे इस मामले में क्या निर्देश देता है. अदालत के अगले आदेश से इन विवादित भर्ती प्रक्रियाओं की आगे की दिशा तय होने की उम्मीद है.

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments