Wednesday, September 16, 2026
Google search engine
Homeराज्यबिहार / झारखण्डपंचायत चुनाव से पहले EBC आरक्षण की तैयारी तेज, 50 फीसदी की...

पंचायत चुनाव से पहले EBC आरक्षण की तैयारी तेज, 50 फीसदी की सीमा रहेगी लागू

 पटना
बिहार में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में अत्यंत पिछड़ा वर्ग (ईबीसी) के लिए आरक्षण का मानक जल्द तय होगा। पंचायती राज विभाग की विशेषज्ञ टीम की ओर से तैयार मानक संबंधी गाइडलाइन एक माह अंदर अत्यंत पिछड़ा वर्ग आयोग को चला जायेगा। इसी मानक पर आयोग पंचायत चुनाव में ईबीसी को आरक्षण का प्रतिशत तय करने की अनुशंसा करेगा। पंचायत चुनाव में एससी-एसटी और ईबीसी (एनेक्सर-1) के लिए अधिकतम 50% ही आरक्षण देना है। पिछले दिनों अत्यंत पिछड़ा वर्ग आयोग ने पंचायती राज विभाग को पत्र लिख कर गाइडलाइन मांगी थी। इसी पत्र के आधार पर ड्राफ्ट तैयार किया गया है।

एससी-एसटी से बचे हिस्से में ही ओबीसी को आरक्षण
जनगणना के आधार पर कुल आबादी में जितनी आबादी एससी और एसटी की होगी, इन वर्ग को उतना प्रतिशत आरक्षण देना है। इसके बाद ही ईबीसी को आरक्षण दिया जा सकेगा। बीते पंचायत चुनाव में पिछड़ा वर्ग को 20% आरक्षण मिला था। शेष 30 फीसदी एससी-एसटी को मिला था। अगर एससी-एसटी की आबादी 40 फीसदी होगी, तो इन्हें 40 फीसदी आरक्षण के बाद शेष 10 फीसदी ही ओबीसी को मिलेगा। अंतिम रूप से 2011 की ही जनगणना है। आयोग यह भी देखेगा कि पिछले चुनावों में ईबीसी में भी दो-चार जातियों में ही तो प्रतिनिधित्व नहीं बंट जा रहा है। पंचायतों में कुल जनप्रतिनिधियों में सभी वर्गों के लिए 50 प्रतिशत महिलाओं को आरक्षण का प्रावधान है।

पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने कहा है कि पंचायत चुनाव में ईबीसी को आरक्षण के लिए सरकार ने अत्यंत पिछड़ा वर्ग के लिए आयोग को समर्पित आयोग घोषित किया है। अब जल्द ही पंचायती राज विभाग से आयोग को ईबीसी के अध्ययन से संबंधित गाइडलाइन भेज दिया जायेगा।

यह होगी गाइडलाइन
● आरक्षण का दायरा 50 फीसदी से अधिक नहीं होना चाहिए

● पंचायतवार अत्यंत पिछड़ा वर्ग की आबादी का आकलन

● ईबीसी के परिवारों की आर्थिक स्थिति

● संसद, विधानसभा, नगर निकाय व पंचायतों में ईबीसी का वर्तमान प्रतिनिधित्व

● अत्यंत पिछड़ा वर्ग का सामाजिक और शैक्षणिक स्थिति

अत्यंत पिछड़ा वर्ग में 122 जातियां
अत्यंत पिछड़ा वर्ग में लगभग 122 जातियां हैं। गाइडलान के आधार पर ईबीसी आयोग पंचायतों में ईबीसी की स्थिति का आकलन कर रिपोर्ट सरकार को देगी। इसके बाद सरकार इस रिपोर्ट को निर्वाचन विभाग को भेज देगी। राज्य स्तर पर आरक्षण का दायरा तय नहीं होगा, बल्कि पंचायत ही मानक होगा।
अत्यंत पिछड़ा वर्ग में प्रमुख जातियां

कहार, कुम्हार, धानुक, लोहार, तेली, मल्लाह, कानू, नाई आदि
यह होगी गाइडलाइन
● आरक्षण का दायरा 50 फीसदी से अधिक नहीं होना चाहिए

● पंचायतवार अत्यंत पिछड़ा वर्ग की आबादी का आकलन

● ईबीसी के परिवारों की आर्थिक स्थिति

● संसद, विधानसभा, नगर निकाय व पंचायतों में ईबीसी का वर्तमान प्रतिनिधित्व

● अत्यंत पिछड़ा वर्ग का सामाजिक और शैक्षणिक स्थिति

मुख्य बातें-:
● सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर पंचायत चुनावों में ईबीसी को आरक्षण देने के पहले त्रिस्तरीय जांच अनिवार्य।

● इसमें पहली शर्त है कि किसी भी स्थिति में आरक्षण का दायरा 50 प्रतिशत से अधिक नहीं होगा।

● दूसरा, अत्यंत पिछड़ा वर्ग की किन-किन जातियों को आरक्षण की वास्तव में आवश्यकता है।

● तीसरा इसके लिए समर्पित आयोग हो, जो समयसीमा में अध्ययन कर रिपोर्ट दे।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments