Wednesday, September 16, 2026
Google search engine
Homeराज्यउत्तर प्रदेशस्वचालित परीक्षण स्टेशन के लिए नवीन राज्य नीति-2026 को मंजूरी

स्वचालित परीक्षण स्टेशन के लिए नवीन राज्य नीति-2026 को मंजूरी

स्वचालित परीक्षण स्टेशन के लिए नवीन राज्य नीति-2026 को मंजूरी

हर जिले में खुल सकेंगे तीन स्वचालित परीक्षण केंद्र, मशीनें करेंगी वाहनों की फिटनेस जांच

एटीएस के लिए जमीन और नेटवर्थ की शर्तों में बड़ी राहत, योगी सरकार ने निवेश का रास्ता किया आसान

लखनऊ
उत्तर प्रदेश की सड़कों पर चलने वाले वाहनों की सेहत (फिटनेस) को बेहतर करने के लिए योगी सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। सीएम योगी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में प्रदेश के भीतर 'स्वचालित परीक्षण स्टेशन' (ऑटोमेटिक टेस्टिंग स्टेशन-एटीएस) स्थापित करने की मंजूरी दे दी गई है। अब गाड़ियों की जांच मशीनों से की जाएगी, जिससे सटीक रिपोर्ट मिलेगी। इस व्यवस्था को पूरी तरह लागू करने के लिए सरकार ने 2 अगस्त 2023 के पुराने सरकारी आदेश को खत्म कर दिया गया है और उसकी जगह एक नई नीति 'राज्य नीति-2026' को पास किया है।

परिवहन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह ने बताया कि प्रदेश के प्रत्येक जिले में तीन एटीएस सेंटर खोले जा सकते हैं। हर सेंटर पर 24 हजार गाड़ियों तक जांच की जाएगी। वहीं पूर्व में सेंटर के लिए 2.5 एकड़ जमीन की शर्तों में भी छूट दी गई है, अब यह 1 एकड़ कर दिया गया है। वहीं एटीएस सेंटर खोलने के लिए पहले 6 करोड़ रुपये की नेटवर्थ की अनिवार्यता थी, जिसे अब हटा दिया गया है। इसके अलावा इन सेंटरों को सुचारु रूप से संचालित होने के लिए 6 महीने तक कार्रवाई में भी छूट मिलेगी।

सरकार पर कोई अतिरिक्त भार नहीं
दरअसल, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार की 23 सितंबर 2021, 31 अक्टूबर 2022, 14 मार्च 2024 और 8 मई 2024 की अधिसूचनाओं के माध्यम से केंद्रीय मोटर यान नियमावली 1989 में अध्याय-11 के तहत स्वचालित परीक्षण स्टेशन (एटीएस) का विनियमन एवं नियंत्रण जोड़ा गया है। इन्हीं नवीनतम दिशा-निर्देशों और परिपत्रों को पूर्व में जारी राज्य नीति (2 अगस्त 2023) में समाहित करते हुए नई संशोधित राज्य नीति का ड्राफ्ट तैयार कर मंत्रिपरिषद के सामने रखा गया था। योगी कैबिनेट ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। महत्वपूर्ण बात यह है कि प्रस्ताव स्वीकृत होने से उत्तर प्रदेश राज्य सरकार पर कोई अतिरिक्त व्यय भार यानी वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा। प्रस्तावित राज्य नीति अधिसूचित होने की तिथि से ही तत्काल प्रभावी हो जाएगी।

हर जनपद में एटीएस की स्थापना संभव
नई नीति के प्रभावी होने के बाद प्रदेश के प्रत्येक जनपद में स्वचालित परीक्षण स्टेशन की जल्द स्थापना संभव होगी। इससे राज्य में निजी निवेश बढ़ेगा। यानी एटीएस की स्थापना के लिए निजी क्षेत्र की भागीदारी को भी बढ़ावा मिलने का रास्ता खुलेगा।

रोजगार के नए अवसर मिलेंगे
एटीएस के संचालन के लिए तकनीकी और गैर-तकनीकी रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। इस तरह स्वचालित परीक्षण स्टेशन की स्थापना से रोजगार के नए अवसर भी उपलब्ध होंगे। वहीं नई व्यवस्था में वाहनों का फिटनेस परीक्षण बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के स्वचालित मशीनों के माध्यम से पूरी तरह पारदर्शी ढंग से होगा। इसके साथ ही सड़कों पर केवल पूरी तरह से फिट वाहनों का संचालन सुनिश्चित होने से सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments