Tuesday, July 28, 2026
Google search engine
Homeदेशमॉनसून सत्र से पहले सर्वदलीय बैठक में NCPI को बुलाने पर विपक्ष...

मॉनसून सत्र से पहले सर्वदलीय बैठक में NCPI को बुलाने पर विपक्ष का विरोध

नई दिल्ली
20 जुलाई से संसद का मॉनसून सत्र शुरू होने जा रहा है. इससे पहले रविवार को दिल्ली में एक अहम सर्वदलीय बैठक बुलाई गई है. संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने तृणमूल कांग्रेस के बागी नेताओं की नई पार्टी NCPI को भी इस सर्वदलीय बैठक में बुलाया है. बागी टीएमसी सांसदों को मीटिंग में बुलाने पर विपक्ष ने इस बैठक से सांकेतिक रूप से वॉकआउट कर दिया था.

दरअसल लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने अभी तक इन बागी सांसदों की नई पार्टी NCPI को आधिकारिक तौर पर मान्यता नहीं दी है. विपक्ष का कहना है कि स्पीकर ने टीएमसी के बागी सांसदों को मान्यता नहीं दी है तो उन्हें बिना मान्यता के इस सर्वदलीय बैठक में कैसे बुलाया. इसीलिए विपक्ष ने मीटिंग से वॉकआउट कर दिया था, हालांकि बाद में वो बैठक में फिर शामिल हो गया.

वहीं, बागी सांसदों ने मांग की थी कि उन्हें मुख्य टीएमसी सांसदों के साथ न बिठाया जाए. इस मांग को स्वीकार करते हुए उनके बैठने के लिए अलग बेंचों पर सीटों का इंतजाम किया है.

बागी TMC सांसदों को बुलाए जाने पर विरोध
TMC MP महुआ मोइत्रा ने कहा, 'आज, कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, DMK, JMM, आम आदमी पार्टी, नेशनल कॉन्फ्रेंस, लेफ्ट पार्टियां, शिवसेना UBT समेत पूरा विपक्ष विरोध में ऑल पार्टी मीटिंग से बाहर चला गया है. क्योंकि तथाकथित NCPI, जो एक अनरिकॉग्नाइज्ड पार्टी है, टेबल ऑफिस की दी गई लिस्ट में ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस की संख्या 28 दिखाई गई है. इन तथाकथित बागी 20 MPs, उनके मर्जर को स्पीकर ने मंजूरी नहीं दी है, 20 डिसक्वालिफिकेशन पिटीशन अभी भी पेंडिंग हैं.'

मोइत्रा ने आगे कहा कि 91वें अमेंडमेंट के बाद, एक अलग ब्लॉक के लिए कोई जगह नहीं है. तो पार्लियामेंट्री अफेयर्स मिनिस्टर ने इन 20 बागी MPs को किस आधार पर इनविटेशन दिया और वो इस मीटिंग में कैसे शामिल हो रहे हैं? हमने अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया है और अपने विरोध के सिंबल के तौर पर वॉकआउट किया है.

JMM सांसद महुआ माझी ने बैठक से पहले पत्रकारों से कहा, 'आप देख सकते हैं कि BJP कैसे दूसरी पार्टियों के MPs को अपने साथ ला रही है. शायद अभी भी जरूरी संख्या से लगभग छह सीटें कम हैं. इसलिए, उन्हें जरूर INDIA के विपक्षी गुट पर निर्भर रहना होगा. उन्होंने महिला रिजर्वेशन बिल को- जिसे हमने 2023 में बिना किसी विवाद के एकमत से पास कर दिया था, डीलिमिटेशन प्रोसेस से जोड़ने की कोशिश की.'

माझी ने आगे कहा, 'हम सभी महिला रिजर्वेशन का समर्थन करते हैं, लेकिन जिस तरह से वो इसके साथ डीलिमिटेशन लाने की कोशिश कर रहे थे, उसे लेकर आशंकाएं थीं, खासकर डीलिमिटेशन कमीशन की बनावट को लेकर… झारखंड जैसे राज्य में, अगर 2011 की जनगणना के आधार पर डीलिमिटेशन किया जाता, तो ST सीटों का काफी नुकसान होता. अगर सरकार ये भरोसा दिलाती कि कोई सीट नहीं जाएगी, बशर्ते सभी विपक्षी पार्टियां सहमत हों- हमारी पार्टी अपने रुख पर फिर से सोच सकती है. लेकिन अभी तक, इस मामले पर कोई चर्चा नहीं हुई है.'

सरकार का एजेंडा और विपक्ष की रणनीति
इस बार मॉनसून सत्र में सरकार का एजेंडा बिलों पर केंद्रित है. सरकार नए स्वरूप में परिसीमन बिल, महिला आरक्षण बिल को आगे बढ़ाने और प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और मंत्रियों को हटाने से जुड़े प्रस्तावित विधेयक पर चर्चा करना चाहती है. वहीं विपक्ष की सरकार को कई मोर्चों पर घेरने की रणनीति है. विपक्ष E20 विवाद, महंगाई, विदेश नीति और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों को संसद में उठाएगा.

किरेन रिजिजू की विपक्ष को नसीहत
मीटिंग शुरू होने से पहले किरेन रिजिजू ने मॉनसून सत्र को लेकर विपक्ष को सख्त हिदायत दी थी. उन्होंने कहा, 'संसद का मानसून सत्र कल से शुरू हो रहा है. सरकार ने आज सभी दलों के नेताओं की एक बैठक बुलाई है. हम सभी राजनीतिक दलों से इस मानसून सत्र के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने में योगदान देने और सहयोग करने का आग्रह करते हैं. संसद हर किसी की है; विधायी व्यवसाय और सरकार की ओर से पेश किए जाने वाले विधेयकों के संबंध में, मुझे उम्मीद है कि सत्तारूढ़ दल और सभी विपक्षी दलों के सदस्य भाग लेंगे.'

रिजिजू ने आगे कहा था कि संसद जितनी बेहतर चलेगी, देश को उतना ही ज्यादा लाभ होगा. मैं एक बार फिर सभी दलों के नेताओं से सदन के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने और इस प्रक्रिया में योगदान देने की अपील करता हूं. हम विपक्ष की बात सुनेंगे और हम उम्मीद करते हैं कि वो भी हमारी बात सुनेंगे.

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments