Sunday, September 6, 2026
Google search engine
Homeराज्यबिहार / झारखण्डCM सम्राट चौधरी के बड़े ऐलान: शिक्षकों के प्रशिक्षण के लिए बनेगा...

CM सम्राट चौधरी के बड़े ऐलान: शिक्षकों के प्रशिक्षण के लिए बनेगा नया विश्वविद्यालय, तबादला नीति भी आसान

पटना
बिहार में मैट्रिक की परीक्षा का परिणाम एक सप्ताह (7 दिन) के भीतर जारी करने का लक्ष्य तय किया गया है।

राज्य के करीब सात लाख से अधिक शिक्षकों के प्रशिक्षण और गुणवत्ता में सुधार के लिए एक अलग से विशेष विश्वविद्यालय की स्थापना की जाएगी

ये घोषणा मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने श्रीकृष्ण मेमोरियल हाल में आयोजित शिक्षक सम्मान समारोह में की। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी, मंत्री शीला कुमारी मौजूद रहीं।

24 घंटे में इंजीनियरिंग और पॉलीटेक्निक का रिजल्ट
मुख्यमंत्री ने परीक्षा प्रणाली में लेटलतीफी पर चिंता जताते हुए कहा कि इंजीनियरिंग व पाॅलिटेक्निक का परिणाम 24 घंटे में जारी करने की व्यवस्था खड़ी की जाएगी।

यदि किसी छात्र के अंक कम आते हैं, तो उसके लिए 15 दिनों के भीतर दोबारा परीक्षा देकर तुरंत परिणाम पाने का अवसर उपलब्ध कराया जाएगा। परीक्षा सुधार को लेकर पटना उच्च न्यायालय के एक 'सिटिंग जज' की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया गया है।

मुख्यमंत्री ने बिहार विद्यालय परीक्षा समिति से आग्रह किया कि कॉपियों के मूल्यांकन को पूरी तरह से विकेंद्रीकृत कर सेंटर वाइज रिजल्ट जारी करने की दिशा में काम किया जाए

नए विश्वविद्यालय में शिक्षकों को मिलेगा प्रशिक्षण
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राथमिक विद्यालयों से लेकर उच्च शिक्षा तक राज्य में लगभग सात लाख से अधिक शिक्षक हैं। इनकी गुणवत्ता और सहूलियत के लिए सरकार एक नया विश्वविद्यालय बनाएगी, जो विशेष रूप से शिक्षकों के प्रशिक्षण का काम करेगा।

इसके साथ ही शिक्षकों के लिए स्थानांतरण नीति को भी बेहद आसान बनाया गया है। अब महिला शिक्षक यदि अपनी वर्तमान पोस्टिंग से हटना चाहती हैं, तो उन्हें बगल की पंचायत में पोस्टिंग दी जाएगी। वहीं, पुरुष शिक्षक भी अपने पंचायत या प्रखंड के बगल में तबादला ले सकेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज बिहार के लाखों बच्चे कोटा जाकर तैयारी कर रहे हैं या एमिटी और लवली जैसी प्राइवेट यूनिवर्सिटी में बाहर जाकर पढ़ रहे हैं।

इस पलायन को रोकने के लिए सरकार ने बिहार में ही प्राइवेट विश्वविद्यालयों को खोलने का रास्ता साफ कर दिया है। अभी चार प्राइवेट यूनिवर्सिटी को खोलने की अनुमति दी गई है।

मदरसा और वित्त रहित शिक्षकों को मिला आश्वासन
मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि मदरसा और संस्कृत विद्यालयों के शिक्षकों का लंबित वेतन इसी सितंबर में भुगतान कर दिया जाएगा। वित्त रहित शिक्षकों के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि संस्था के आंतरिक स्रोत और सरकारी अनुदान को मिलाकर उनके लिए एक नया वेतनमान तय करने की व्यवस्था बनाई जाएगी, ताकि उन्हें न्याय मिल सके।

उन्होंने बताया कि राज्य में बीपीएससी के माध्यम से 33 हजार से अधिक शिक्षकों की बहाली प्रक्रिया जारी है। सरकार परीक्षा प्रणाली को और बेहतर बनाने के लिए गूगल, माइक्रोसाफ्ट और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी उन्नत तकनीकों का सहयोग लेने से भी पीछे नहीं हटेगी।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments