चंडीगढ़
हरियाणा में सफाई, सीवर, पालिका, परिषद, नगर निगम और अग्निशमन विभाग के कर्मचारियों की हड़ताल फिलहाल नियमितीकरण की मांग पर अटकी हुई है। हरियाणा सरकार कर्मचारियों की 13 में से 12 मांगें मानने को तैयार है, लेकिन दो वर्ष की सेवा पूरी कर चुके कच्चे कर्मचारियों को नीति बनाकर नियमित करने की मुख्य मांग पर सहमति नहीं बन रही। कर्मचारी नेताओं का कहना है कि जब तक नियमितीकरण की नीति नहीं बनती, आंदोलन जारी रहेगा।
नगरपालिका कर्मचारी संघ हरियाणा के प्रधान नरेश कुमार शास्त्री और हरियाणा अग्निशमन विभाग कर्मचारी यूनियन के राज्य प्रधान राजेंद्र सिंद ने कहा कि सरकार द्वारा टर्मिनेशन, निलंबन और मुकदमे दर्ज करने जैसी कार्रवाई के बावजूद कर्मचारी पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने दावा किया कि शुक्रवार को प्रदेश के 84 शहरों में 500 से अधिक कर्मचारियों ने सामूहिक मुंडन करवाकर विरोध दर्ज कराया।
वेतन में 15 प्रतिशत वृद्धि करने को तैयार
कर्मचारी नेताओं ने कहा कि दो वर्ष की सेवा पूरी कर चुके कच्चे कर्मचारियों को नियमित करने के लिए सरकार को स्पष्ट नीति बनानी चाहिए। उनका आरोप है कि वर्षों से ठेका व्यवस्था में काम कर रहे सफाई और सीवर कर्मचारियों को रोजगार की स्थायी सुरक्षा नहीं मिल रही।
वहीं, सरकार का तर्क है कि पूरे देश में दो वर्ष की सेवा के आधार पर कच्चे कर्मचारियों को नियमित करने जैसी कोई नीति नहीं है। सरकार नियमितीकरण की बजाय कर्मचारियों को सेवा सुरक्षा के दायरे में लाने और उनके वेतन में 15 प्रतिशत वृद्धि करने को तैयार है।
आंदोलन को आगे बढ़ाते हुए संघ ने पांच और छह सितंबर को प्रदेश सरकार के मंत्रियों के आवासों और कैंप कार्यालयों पर झाड़ू प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। कर्मचारी नेताओं का कहना है कि सरकार ने वर्ष 2014 में सफाई कर्मचारियों को पक्का करने का वादा किया था, जिसे अब तक पूरा नहीं किया गया।
उनका कहना है कि नियमितीकरण और अन्य मांगों पर ठोस लिखित आदेश जारी होने तथा दमनात्मक कार्रवाई वापस लिए जाने तक हड़ताल जारी रहेगी।




