Friday, September 11, 2026
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सफेद साड़ी वाली स्त्री से लेकर बदलती तारीख तक, तैमारा घाटी के रहस्य आज भी अनसुलझे!

रांची
रांची और जमशेदपुर को जोड़ने वाला नेशनल हाईवे 33 (NH 33 Jharkhand) हमेशा से अपने खूबसूरत नजारों और घुमावदार रास्तों के लिए जाना जाता है। इसी हाईवे पर राजधानी रांची से लगभग 30 किलोमीटर की दूरी स्थित है 'तैमारा घाटी(Mystery Of Taimara Ghati)'। चारों तरफ ऊंचे पहाड़ों, घने जंगलों और हरियाली से घिरी यह घाटी(Jharkhand Tourism) दिखने में जितनी मनोरम है, इससे जुड़े रहस्य और दावे उतने ही हैरान करने वाले हैं।

समय और तारीख बदलने का रहस्य
तैमारा घाटी की सबसे अजीब बात यहां मोबाइल और घड़ियों में होने वाले अचानक बदलावों को माना जाता है। स्थानीय लोगों और वहां से गुजरने वाले यात्रियों का दावा है कि घाटी के लगभग एक किलोमीटर के दायरे में प्रवेश करते ही मोबाइल का नेटवर्क गायब हो जाता है। इतना ही नहीं, फोन में दिख रही तारीख और समय अपने आप बदल जाते हैं।

कई बार मोबाइल की घड़ी वर्तमान समय से पीछे या आगे चली जाती है, और कैलेंडर में साल बदल जाता है। क्षेत्र के एक स्थानीय स्कूल के शिक्षकों के अनुसार, समय में होने वाले इस उतार-चढ़ाव के कारण डिजिटल बायोमेट्रिक मशीन पर हाजिरी लगाना नामुमकिन हो जाता है, क्योंकि मशीन में तारीखें गलत दर्ज होने लगती हैं। इस तकनीकी गड़बड़ी की वजह से स्कूल में रजिस्टर पर ही हाजिरी लगानी पड़ती है। घाटी को पार करते ही मोबाइल का समय अपने आप ठीक हो जाता है।

हादसे और सफेद साड़ी वाली स्त्री का दावा
तैमारा घाटी को कई लोग दुर्घटनाओं के क्षेत्र के रूप में भी जानते हैं। यहां हुए सड़क हादसों को लेकर क्षेत्र में तरह-तरह की कहानियां प्रचलित हैं। कुछ लोगों का मानना है कि सड़क पर अचानक सफेद लिबास में एक आकृति दिखाई देती है, जिसे बचाने के प्रयास में तेज रफ्तार गाड़ियां अनियंत्रित होकर हादसे का शिकार हो जाती हैं। इन दुर्घटनाओं को रोकने और क्षेत्र में शांति बनाए रखने के उद्देश्य से हाईवे के किनारे एक मंदिर का निर्माण भी कराया गया है।

क्या है वैज्ञानिक तर्क और अफवाह?
इस रहस्यमयी घटना के पीछे अलग-अलग राय हैं।
कर्क रेखा का प्रभाव: कुछ लोगों का मानना है कि इस क्षेत्र से कर्क रेखा (Tropic of Cancer) गुजरती है। उनका तर्क है कि इसके कारण यहां चुंबकीय या भौगोलिक प्रभाव उत्पन्न होता है, जो इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और नेटवर्क को प्रभावित करता है।

मात्र एक अफवाह: दूसरी तरफ, कई स्थानीय निवासी और यात्री इन दावों को पूरी तरह नकारते हैं। उनका मानना है कि समय का बदलना और रहस्यमयी घटनाओं की बातें केवल सुनी-सुनाई बातें और अफवाहें हैं।

हालांकि, आज यह फोरलेन सड़क बेहद खूबसूरत दिखाई देती है और बारिश के मौसम में पर्यटक यहां रुककर प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लेते हैं। लेकिन इसके बावजूद, तैमारा घाटी से जुड़ी यह पहेली आज भी लोगों के बीच उत्सुकता और चर्चा का विषय बनी हुई है।

 

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