Monday, June 15, 2026
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योगी सरकार का उत्तर प्रदेश को देश का अग्रणी खेल केंद्र बनाने की दिशा में बड़ा कदम

लखनऊ. 
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश खेल और शिक्षा के क्षेत्र में लगातार नई उपलब्धियां हासिल कर रहा है। इसी क्रम में मेरठ स्थित मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए विभिन्न स्नातक, परास्नातक और डिप्लोमा पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया शुरू कर दी है। अभ्यर्थी 10 जुलाई तक विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। यह पहल प्रदेश के खिलाड़ियों और खेल क्षेत्र में करियर बनाने की इच्छा रखने वाले युवाओं के लिए एक सुनहरा अवसर लेकर आई है।

बीएससी योग और एमएससी योग में प्रवेश शुरू
इस वर्ष से विश्वविद्यालय में तीन वर्षीय बैचलर ऑफ फिजिकल एजुकेशन एंड स्पोर्ट्स (बीपीईएस) और बीएससी योग पाठ्यक्रम में प्रवेश दिए जाएंगे। इसके साथ ही दो वर्षीय एमएससी योग कार्यक्रम में भी दाखिले होंगे। खेल क्षेत्र में नए अवसरों को ध्यान में रखते हुए विश्वविद्यालय ने स्पोर्ट्स जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में एक वर्षीय पीजी डिप्लोमा कोर्स भी शुरू किया है। विवि में बीपीईएस कोर्स 2025-26 से शुरू हो चुका है। प्रवेश प्रक्रिया से संबंधित विस्तृत प्रॉस्पेक्टस वेबसाइट https://sportsuniup.com/ पर उपलब्ध कर दिया गया है। खिलाड़ियों और छात्रों को आवेदन के लिए लगभग एक महीने का समय दिया गया है।

कई खेलों में पीजी डिप्लोमा कोर्स भी हो रहा शुरू
अगर सीटों की बात करें तो बीपीईएस में 50, बीएससी योग में 40, एमएससी योग में 20 और स्पोर्ट्स जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में 15 सीटों पर प्रवेश होंगे। इसके अलावा इस सत्र से स्कूल ऑफ कोचिंग के अंतर्गत एथलेटिक्स, बैडमिंटन, बॉक्सिंग, हॉकी, कबड्डी, कुश्ती और योग जैसे खेलों में एक वर्षीय पीजी डिप्लोमा कोर्स भी शुरू हो रहा है। इन सभी में पीजी डिप्लोमा के लिए 15-15 सीट पर प्रवेश होगा। इन पाठ्यक्रमों का उद्देश्य छात्रों को रोजगारोन्मुख और व्यावहारिक शिक्षा उपलब्ध कराना है ताकि वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकें।

उत्कृष्ट खिलाड़ियों को सीधे प्रवेश की सुविधा
विश्वविद्यालय में उत्कृष्ट खिलाड़ियों को सीधे प्रवेश की सुविधा प्रदान की गई है। ओलंपिक, एशियाई खेल, राष्ट्रमंडल खेल, विश्व चैंपियनशिप, एशियाई चैंपियनशिप और अन्य अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले खिलाड़ियों को सीधे प्रवेश दिया जाएगा। इसके अलावा खेलो इंडिया, एसजीएफआई राष्ट्रीय खेल, सीनियर, जूनियर और सब-जूनियर राष्ट्रीय चैंपियनशिप में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को भी विशेष अवसर मिलेगा। विश्वविद्यालय ने सभी पाठ्यक्रमों में 10 प्रतिशत अतिरिक्त सीटें उत्कृष्ट खिलाड़ियों के लिए आरक्षित रखने का निर्णय लिया है। ये सीटें स्वीकृत क्षमता के अतिरिक्त होंगी।

कुल 12 कोर्सों में होगा प्रवेश
मेजर ध्यानचंद खेल विश्वविद्यालय के कुलपति मेजर जनरल दीप अहलावत ने बताया कि शैक्षणिक सत्र 2026-27 से विश्वविद्यालय में 9 डिप्लोमा, 2 स्नातक और 1 परास्नातक पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे। कुल 12 नए कोर्सों में प्रवेश फिटनेस टेस्ट के आधार पर होगा। कक्षा 12वीं के अंकों और फिटनेस टेस्ट के प्रदर्शन को मिलाकर मेरिट तैयार की जाएगी। उन्होंने बताया कि पदक विजेता खिलाड़ियों को सीधे प्रवेश की सुविधा दी जाएगी। कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय का मुख्य उद्देश्य खिलाड़ियों का समग्र विकास करना है। साथ ही इसका विजन उत्तर प्रदेश को देश का अग्रणी खेल केंद्र बनाना है।

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