Tuesday, October 20, 2026
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माउंट आबू में वन्यजीवों की बढ़ी चहलकदमी, कहीं पैंथर का जोड़ा तो कहीं सड़क पर दिखा तेंदुआ

Sirohi : पर्वतीय पर्यटन स्थल माउंट आबू में आबादी के आस-पास पैंथरों और भालुओं की आवाजाही बढ़ने से लोगों में डर बना हुआ है, वहीं वन्यजीव प्रेमियों में उत्साह है। रविवार सुबह देलवाड़ा मार्ग पर गोरा छपरा क्षेत्र में एक विद्यालय के समीप पैंथर का जोड़ा नजर आया। वहीं, रात करीब 9 बजे देलवाड़ा स्थित कुआंरी कन्या मंदिर के पास सड़क पर एक पैंथर चहलकदमी करता दिखाई दिया। गोरा छपरा क्षेत्र में राहगीरों की नजर सड़क किनारे एक चट्टान पर पड़ी, जहां एक पैंथर घास के बीच खड़ा था, जबकि दूसरा घास में बैठा हुआ था। दोनों पैंथर करीब पांच से सात मिनट तक घास के बीच अठखेलियां करते रहे। इस दौरान एक पैंथर आस-पास नजरें दौड़ाता दिखाई दिया, मानो शिकार की तलाश में हो। राहगीरों ने इस रोमांचक नजारे को अपने कैमरों में कैद कर लिया। कुछ देर बाद दोनों पैंथर चट्टान और घास के बीच से निकलकर झाड़ियों में चले गए।

रात में सड़क पर दिखा पैंथर
देलवाड़ा स्थित कुआंरी कन्या मंदिर के समीप रविवार रात करीब 9 बजे एक पैंथर सड़क के बीच चहलकदमी करता नजर आया। वह बिना किसी को नुकसान पहुंचाए मंदिर के आगे से गुजरते हुए सड़क किनारे झाड़ियों में ओझल हो गया।

वन्यजीवों से दूरी रखें, सावधानी बरतें
वन्यजीव प्रेमियों के अनुसार, वन्यजीवों से दूरी बनाए रखना और उनके साथ किसी प्रकार की छेड़छाड़ नहीं करना जरूरी है। सूर्यास्त के बाद वन्यजीव भोजन की तलाश में आबादी क्षेत्र की ओर आ जाते हैं और सुबह वन क्षेत्र में लौट जाते हैं। ऐसे में लोगों को विशेषकर सूर्योदय से पहले और सूर्यास्त के बाद सतर्क रहना चाहिए।

28 नवंबर से होगा 2 दिवसीय माउंट आबू बर्ड फेस्टिवल
पर्वतीय पर्यटन स्थल माउंट आबू में पक्षियों के संरक्षण और जैव विविधता के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए 28 नवंबर से 2 दिवसीय माउंट आबू बर्ड फेस्टिवल का आयोजन किया जाएगा। माउंट आबू वन्यजीव अभयारण्य में 250 से अधिक पक्षी प्रजातियां दर्ज की गई हैं। इनमें ग्रीन मुनिया, इंडियन पैराडाइज फ्लाईकेचर, क्रेस्टेड सर्पेट ईगल और इंडियन पिट्टा प्रमुख हैं। यहां की विशिष्ट जलवायु, वनस्पति और भौगोलिक परिस्थितियां इसे राजस्थान के अन्य क्षेत्रों से अलग पहचान देती हैं। बर्ड फेस्टिवल के माध्यम से इस समृद्ध जैव विविधता के संरक्षण और माउंट आबू को पक्षी पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में पहचान दिलाने पर जोर रहेगा।

 

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