Monday, July 6, 2026
Google search engine
Homeअध्यात्मआटा गूंथने के बाद क्यों बनाते हैं उंगलियों के निशान? जानिए वास्तु...

आटा गूंथने के बाद क्यों बनाते हैं उंगलियों के निशान? जानिए वास्तु और धार्मिक कारण

 रसोई में काम करते हुए आपने अक्सर अपनी दादी-नानी या घर की महिलाओं को देखा होगा कि वे आटा गूंथने के बाद उस पर अपनी उंगलियों से निशान बना देती हैं. कुछ लोग इसे सिर्फ एक आदत या परंपरा मान लेते हैं. लेकिन, सनातन धर्म और वास्तु शास्त्र में इसे खाने से जुड़ा खास नियम बताया गया है.

शास्त्रों के मुताबिक, अगर आटा गूंथकर उसे बिल्कुल गोल और प्लेन छोड़ दिया जाए, तो यह घर में नकारात्मकता ला सकता है. आइए जानते हैं कि आटे पर उंगलियों की छाप छोड़ने के पीछे का धार्मिक और वास्तु कारण क्या है.

पितरों और पिंड दोष से जुड़ा है कनेक्शन
वास्तु शास्त्र के मुताबिक, जब आटे को पूरी तरह से गोल, चिकना और प्लेन छोड़ दिया जाता है, तो वह पिंड का रूप ले लेता है. हिंदू धर्म में पिंड का उपयोग मृत पूर्वजों (पितरों) को श्राद्ध या तर्पण के दौरान अर्पित करने के लिए किया जाता है. ऐसी मान्यता है कि जब रसोई में पिंड के आकार का गोल आटा रखा होता है, तो पितर या अन्य अदृश्य नकारात्मक शक्तियां उसकी ओर आकर्षित होने लगती हैं. गूंथे हुए आटे पर उंगलियों के निशान बनाकर उसकी उस विशेष गोलाई (पिंड के आकार) को तोड़ा जाता है. ऐसा करने से वह अन्न जीवित मनुष्यों के खाने योग्य और शुद्ध बना रहता है.

नकारात्मक ऊर्जा से बचाव
वास्तु शास्त्र के अनुसार, रसोई घर को पूरे घर का ऊर्जा केंद्र माना जाता है. प्लेन और गोल रखा हुआ आटा रसोई में नकारात्मक ऊर्जा को सक्रिय कर सकता है. इससे घर के सदस्यों के बीच बिना बात के कलह, मानसिक तनाव और चिड़चिड़ापन बढ़ने की संभावना रहती है. उंगलियों के निशान बनाने से आटे की ऊर्जा बदल जाती है और वह केवल परिवार के पोषण के लिए सकारात्मक ऊर्जा का स्रोत बनता है.

मां अन्नपूर्णा का सम्मान और बरकत
हिंदू संस्कृति में अन्न को ब्रह्म माना गया है और रसोई को मां अन्नपूर्णा का निवास स्थान. आटे की गोलाई को तोड़कर उसे रोटियां बनाने के लिए तैयार करना, मां अन्नपूर्णा के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने का एक तरीका है. माना जाता है कि नियम और परंपरा के अनुसार बनाया गया भोजन परिवार में सुख, समृद्धि और बरकत लाता है.

वैज्ञानिक नजरिया
धार्मिक कारणों के अलावा इसका एक व्यवहारिक पहलू भी है. पुराने समय में जब संयुक्त परिवार होते थे और रसोई में एक साथ कई काम चलते थे, तब आटे पर उंगलियों के निशान इस बात का संकेत होते थे कि यह आटा पूरी तरह से गूंथा जा चुका है और अब यह रोटी बनाने के लिए तैयार है. इससे रसोई में काम करने वाले दूसरे सदस्यों को भ्रम नहीं होता था.

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments