Tuesday, September 8, 2026
Google search engine
Homeराज्यछत्तीसगढ़CG में वायरल फीवर का कहर! रोजाना हजारों मरीज पहुंच रहे अस्पताल,...

CG में वायरल फीवर का कहर! रोजाना हजारों मरीज पहुंच रहे अस्पताल, बुखार-बदन दर्द की शिकायत

रायगढ़.

जिले में वायरल बुखार ने अपना रूप बदल लिया है और इसके साथ ही शहर से लेकर गांव तक हर घर में लोग इसकी चपेट में हैं. जिला अस्पताल की ओपीडी में हर रोज करीब 100 से अधिक मरीज बुखार, बदन दर्द और कमजोरी की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं.

मरीजों की संख्या हर रोज बढ़ती जा रही है. जिस कारण वार्डों में बिस्तर कम पड़ रहे हैं. डॉक्टरों के मुताबिक इस बार वायरस का व्यवहार पहले जैसा नहीं रहा. सामान्य वायरल बुखार जो पहले चार से पांच दिन में अपने आप उतर जाता था, अब दस दिन बीतने के बाद भी मरीजों का पीछा नहीं छोड़ रहा. बुखार बार-बार लौट आता है, शरीर में दर्द लंबे समय तक बना रहता है और मरीज हफ्तों तक कमजोरी से जूझते रहते हैं. यही वजह है कि अस्पताल में भर्ती मरीजों की संख्या भी लगातार बढ़ती जा रही है. इस वायरल के साथ सबसे डरवाना पहलू यह सामने आ रहा है कि कई मरीजों का प्लेटलेट काउंट तेजी से गिर रहा है. सामान्य बुखार में प्लेटलेट पर इतना असर नहीं देखा जाता, लेकिन इस बार मरीजों की रिपोर्ट में यह गिरावट डेंगू जैसे लक्षणों की याद दिला रही है. इससे परिजनों के साथ-साथ अस्पताल प्रशासन की चिंता भी बढ़ गई है, क्योंकि प्लेटलेट कम होने पर मरीज की जान को खतरा बना रहता है.

रोजाना बढ़ती मरीजों की संख्या ने जिला अस्पताल के संसाधनों पर सीधा दबाव डाला है. वार्डों में जगह की कमी, जांच के लिए लंबा इंतजार और स्टाफ पर बढ़ते बोझ के कारण कई परिवार निजी क्लीनिकों और झोलाछाप डॉक्टरों की शरण में जाने को मजबूर हो रहे हैं, क्योंकि सरकारी अस्पताल में भीड़ के चलते इलाज में देरी हो रही है. शहर के कई मोहल्लों की स्थिति यह है कि एक ही परिवार में दो-तीन सदस्य एक साथ बुखार की चपेट में हैं. बच्चों और बुजुर्गों पर इसका असर ज्यादा गंभीर देखा जा रहा है, जिससे अभिभावकों में डर का माहौल बना हुआ है. बाजारों, स्कूलों और सार्वजनिक स्थानों पर भी बीमारी की चर्चा आम हो गई है.

चिकित्सकों के अनुसार वायरस के म्यूटेट होने के कारण इसकी प्रकृति बदल गई है, जिसके चलते पुराने इलाज के तरीके और दवाइयां उतनी असरदार साबित नहीं हो पा रहीं. यही कारण है कि मरीजों को ठीक होने में सामान्य से कहीं ज्यादा वक्त लग रहा है और कई मामलों में जटिलताएं भी सामने आ रही हैं. जिला अस्पताल रायगढ़ के सिविल सर्जन दिनेश पटेल ने बताया कि वायरल फीवर अपना सायकल पूरा करता है. बुखार के कारण शरीर की इम्युनिटी कमजोर पड़ जाती है, जिससे तबीयत में सुधार होने में सामान्य से ज्यादा समय लग रहा है. वायरस की प्रकृति में बदलाव के कारण भी मरीजों को ठीक होने में लंबा वक्त लग रहा है. लोगों को सलाह है कि बुखार लगातार बना रहे या कमजोरी ज्यादा महसूस हो तो जांच कराने में देर न करें.

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments