Wednesday, July 29, 2026
Google search engine
Homeदेशवंदे मातरम् बिल राज्यसभा में पास, अपमान पर 3 साल तक की...

वंदे मातरम् बिल राज्यसभा में पास, अपमान पर 3 साल तक की जेल और जुर्माने का प्रावधान

नई दिल्ली

राज्यसभा ने ‘राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक, 2026' पारित कर द‍िया है. इस संशोधन के तहत ‘वंदे मातरम्' के अपमान से जुड़े प्रावधानों को कानूनी संरक्षण म‍िलेगा. कानून का मकसद 'वंदे मातरम' को भी राष्ट्रगान 'जन गण मन' की तरह ही कानूनी सुरक्षा देना है. इस कानून के लागू होने के बाद अगर कोई जानबूझकर 'वंदे मातरम्' का अपमान करता है या गीत में रुकावट डालता है तो उसे 3 साल तक की जेल या जुर्माना या दोनों हो सकते हैं। 

बिल पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए, गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने कहा कि बिल में किया गया संशोधन केवल एक विधायी बदलाव नहीं है. उन्होंने कहा कि यह भारत की आत्मा, राष्ट्रीय चेतना, सांस्कृतिक विरासत और स्वतंत्रता संग्राम के आदर्शों के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता को दर्शाता है। 

बीजेपी सांसद विनोद तावड़े ने एक्‍स पर पोस्‍ट में कहा, ''वंदे मातरम् का सम्मान, भारत का अभिमान! जिस मंत्र ने, जिस जय घोष ने देश की आजादी के आंदोलन को ऊर्जा दी, प्रेरणा दी, त्याग और तपस्या का मार्ग दिखाया, उस राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् का गर्व के साथ पुण्य स्मरण करना हमारा बहुत बड़ा सौभाग्य है.'' उन्‍होंने कहा,  ''आज राज्यसभा में पारित हुआ 'राष्ट्रीय सम्मान अपमान निवारण (संशोधन) विधेयक, 2026' भारत के सांस्कृतिक गौरव को पुनर्स्थापित करने का मोदी सरकार के संकल्प का प्रतिबिंब है।'

विपक्ष ने विधेयक पर चर्चा के दौरान हंगामा क्यों किया?
दोपहर के सत्र में जैसे ही राज्यसभा की कार्यवाही शुरू हुई, विपक्षी दलों ने दिल्ली में NEET पेपर लीक प्रदर्शनकारियों पर कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से जवाब की मांग करते हुए नारेबाजी शुरू कर दी। उपसभापति हरिवंश ने प्रदर्शन कर रहे सदस्यों से सदन की मर्यादा और अनुशासन बनाए रखने की अपील की। इसके बावजूद विरोध जारी रहा। हंगामे के बीच उपसभापति ने सूचीबद्ध कार्यवाही जारी रखी और विधेयक पर चर्चा शुरू कराई। बाद में जब केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास अठावले विधेयक पर बोल रहे थे, तब विपक्षी दल सदन से वॉकआउट कर गए।

नए कानून में क्या-क्या प्रावधान जोड़े गए हैं?
संशोधन विधेयक का उद्देश्य राष्ट्रीय गीत को भी उसी तरह कानूनी सुरक्षा देना है, जैसी सुरक्षा राष्ट्रीय ध्वज, संविधान और राष्ट्रगान को पहले से प्राप्त है। इसके तहत 'वंदे मातरम्' का अपमान, उसके गायन में जानबूझकर बाधा डालना या राष्ट्रीय सम्मान के खिलाफ माने जाने वाले कृत्य कानून के दायरे में आएंगे। विधेयक में राष्ट्रीय प्रतीकों के अपमान से जुड़े अपराधों के लिए अधिकतम तीन वर्ष तक की जेल का प्रावधान रखा गया है।

'वंदे मातरम्' को लेकर आगे किस बात पर चर्चा हो सकती है?

'वंदे मातरम्' की रचना बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने की थी और बाद में इसे उनके उपन्यास आनंदमठ में शामिल किया गया। आजादी के आंदोलन के दौरान यह राष्ट्रीय चेतना का प्रमुख प्रतीक बना और बाद में इसे भारत का राष्ट्रीय गीत का दर्जा मिला। नए संशोधन के बाद यह बहस भी तेज हो सकती है कि कानून में 'अपमान' और 'बाधा' की परिभाषा क्या होगी तथा क्या इसमें जानबूझकर व्यवधान पैदा करने और किसी व्यक्ति के राष्ट्रीय गीत के गायन में शामिल न होने के बीच स्पष्ट अंतर किया जाएगा।

लोकसभा में एंटी पेपर लीक ब‍िल पास
उधर, लोकसभा में एंटी पेपर लीक बिल भी पास हो गया है. मॉनसून सत्र में लंबी चर्चा के बाद ध्वनि मत से यह बिल पास हो गया है.  इस दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष में जमकर नोकझोंक भी हुई. लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी के भाषण को लेकर दोनों पक्षों में तनातनी दिखी. स्पीकर ओम बिरला ने एंटी पेपर लीक बिल के पारित होने का ऐलान किया और कल तक (गुरुवार) के लिए  सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी। 

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments