Friday, August 14, 2026
Google search engine
HomeदेशUttarakhand Rain Alert: पहाड़ों में भारी बारिश का खतरा, IMD का अलर्ट...

Uttarakhand Rain Alert: पहाड़ों में भारी बारिश का खतरा, IMD का अलर्ट जारी; जानें किन जिलों में बरसेंगे बादल

देहरादून

 उत्तराखंड में आज से 17 अगस्त तक मौसम खराब रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने प्रदेशभर में बारिश का अनुमान जताया है। देहरादून, बागेश्वर और नैनीताल में भारी बारिश की संभावना को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इसके चलते शुक्रवार को देहरादून, पिथौरागढ़ और नैनीताल के स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है।

मौसम विभाग के निदेशक डॉ.सीएस तोमर ने बताया कि देहरादून, बागेश्वर और नैनीताल में भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका है। वहीं, प्रदेश के अन्य जनपदों में बारिश के अनुमान को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है। विभाग ने लोगों से मौसम की स्थिति पर नजर रखने और सावधानी बरतने की अपील की है।

पिथौरागढ़-नैनीताल में भी अलर्ट
मौसम विभाग के पूर्वानुमान को देखते हुए पिथौरागढ़ और नैनीलात के प्रशासन ने शुक्रवार को स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्र बंद रखने का निर्णय लिया है। 14 को जनपद के कक्षा 1 से 12 तक संचालित सभी शासकीय, अर्द्धशासकीय, निजी विद्यालयों व समस्त आंगनबाड़ी केन्द्रों में एक दिवसीय अवकाश घोषित किया है। मौसम विभाग के निदेशक डॉ.सीएस तोमर ने बताया कि देहरादून, बागेश्वर और नैनीताल में यलो अर्लर्ट जारी किया गया है।

उत्तराखंड में भू-धंसाव का संकट, खतरे में 461 गांव
उत्तराखंड में प्राकृतिक आपदा, भू-धंसाव और भूस्खलन का संकट लगातार गहराता जा रहा है। राज्य आपदा प्रबंधन विभाग और भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण की ताजा रिपोर्टों के अनुसार प्रदेश में 461 से अधिक गांव अति-संवेदनशील श्रेणी में चिन्हित किए गए हैं, जहां लगातार दरारें और भू-धंसाव की घटनाएं दर्ज की जा रही हैं।

धारचूला, मुनस्यारी और बलियानाला भी संकट में
पिथौरागढ़ का धारचूला और मुनस्यारी क्षेत्र, उत्तरकाशी का भटवाड़ी एवं वरुणावत क्षेत्र तथा नैनीताल का बलियानाला क्षेत्र भी गंभीर संकट से जूझ रहा है। उधर, इसरो के लैंडस्लाइड एटलस और आपदा प्रबंधन के आंकड़ों के मुताबिक, भूस्खलन के खतरे के मामले में रुद्रप्रयाग और चमोली जिले टॉप पर हैं। रुद्रप्रयाग के केदारनाथ घाटी, ऊखीमठ एवं गुप्तकाशी के 20 से अधिक गांव धंसाव झेल रहे हैं। वहीं, चमोली जिले में जोशीमठ के बाद अब थराली, पोखरी और पीपलकोटी के 50 से अधिक गांवों पर खतरा मंडरा रहा है।

दरकते पहाड़ बन रहे चुनौती
राज्य में दरकते पहाड़ लगातार चुनौती बनते जा रहे हैं। हिमालय की कमजोर भूगर्भीय संरचना के साथ ही मेन सेंट्रल थ्रस्ट जैसी फॉल्ट लाइन्स के कारण चट्टाने बेहद कमजोर हैं। इसमें अचानक कम समय में होनी वाली भारी बारिश और बादल फटने की घटनाएं पहाड़ी ढलानों को धंसा रही हैं। साथ ही बिना वैज्ञानिक अध्ययन और क्षमता जांचे बहुमंजिला इमारतों का निर्माण, पानी और सीवरेज की उचित निकासी न होने से भी जमीन के अंदर दरारें पैदा हो रही हैं।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments