Wednesday, June 10, 2026
Google search engine
Homeराज्यछत्तीसगढ़नैनो उर्वरकों के उपयोग से उर्वरक प्रबंधन हुआ सरल, समय और श्रम...

नैनो उर्वरकों के उपयोग से उर्वरक प्रबंधन हुआ सरल, समय और श्रम की हो रही बचत

रायपुर

राज्य शासन द्वारा कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों के उपयोग को बढ़ावा देने के प्रयासों का सकारात्मक प्रभाव अब किसानों के खेतों में दिखाई देने लगा है। आधुनिक कृषि तकनीकों एवं नवाचारों को अपनाकर किसान खेती को अधिक सुविधाजनक, किफायती और लाभकारी बना रहे हैं। सक्ती जिले के विकासखंड सक्ती अंतर्गत ग्राम अचानकपुर के प्रगतिशील किसान  गुलाबचंद राठौर भी ऐसे ही किसानों में शामिल हैं, जिन्होंने नैनो यूरिया (तरल) का सफल उपयोग कर खेती में बेहतर परिणाम प्राप्त किए हैं तथा अन्य किसानों के लिए प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है।
         
गुलाबचंद राठौर ने बताया कि उन्होंने पिछले वर्ष अपनी कृषि भूमि में नैनो यूरिया का उपयोग किया था, जिसके परिणाम अत्यंत संतोषजनक रहे। उन्होंने कहा कि पारंपरिक यूरिया की 45 किलोग्राम की भारी बोरियों की तुलना में नैनो यूरिया का परिवहन, भंडारण एवं उपयोग कहीं अधिक सरल और सुविधाजनक है। इसकी छोटी शीशी को किसान आसानी से खेत तक ले जा सकते हैं, जिससे समय, श्रम और परिवहन व्यय में उल्लेखनीय बचत होती है। उन्होंने बताया कि नैनो यूरिया के उपयोग से फसलों को आवश्यक पोषक तत्व सही समय पर उपलब्ध हो जाते हैं, जिससे फसलों की वृद्धि एवं विकास में सहायता मिलती है।
       
उर्वरकों की उपलब्धता से किसानों को मिल रही सुविधा  राठौर ने बताया कि वर्तमान खरीफ सीजन के लिए सेवा सहकारी समिति में शासन के मानकों के अनुरूप यूरिया एवं डीएपी उर्वरक पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। उन्हें भी आवश्यकता के अनुसार यूरिया एवं डीएपी खाद सहजता से प्राप्त हुआ है, जिससे कृषि कार्यों के संचालन में किसी प्रकार की कठिनाई नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि उर्वरकों की समय पर उपलब्धता किसानों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, जिससे खेती-किसानी के कार्य सुचारु रूप से संपादित किए जा सकते हैं।

कम लागत में अधिक लाभ का माध्यम बन रहा नैनो यूरिया
        
किसान  गुलाबचंद राठौर का मानना है कि नैनो यूरिया खेती की लागत को नियंत्रित करने, उर्वरक प्रबंधन को सरल बनाने तथा बेहतर उत्पादन प्राप्त करने में सहायक सिद्ध हो रहा है। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में नई तकनीकों को अपनाने से संसाधनों का बेहतर उपयोग संभव हो रहा है और किसानों की आर्थिक स्थिति भी सुदृढ़ हो रही है। नैनो उर्वरकों का उपयोग कृषि को अधिक टिकाऊ एवं पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है।

अन्य किसानों से आधुनिक तकनीक अपनाने की अपील
         
राठौर ने जिले एवं प्रदेश के किसानों से आधुनिक कृषि तकनीकों, उन्नत खेती पद्धतियों तथा नैनो उर्वरकों का उपयोग करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक पद्धति से खेती करने और नवाचारों को अपनाने से कम लागत में अधिक उत्पादन एवं बेहतर लाभ प्राप्त किया जा सकता है। इससे किसानों की आय में वृद्धि होगी और कृषि क्षेत्र को नई दिशा मिलेगी।
     
राज्य शासन द्वारा किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ने, उन्नत बीज एवं उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा वैज्ञानिक खेती को प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इन प्रयासों से किसान आधुनिक कृषि पद्धतियों को अपनाकर खेती को अधिक लाभकारी और समृद्ध बना रहे हैं।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments