Friday, September 11, 2026
Google search engine
Homeराज्यबहादुरगढ़ अस्पताल में बवाल, SMO से मारपीट; रेडियोग्राफर पर पहले भी उठ...

बहादुरगढ़ अस्पताल में बवाल, SMO से मारपीट; रेडियोग्राफर पर पहले भी उठ चुके थे सवाल

बहादुरगढ़.

सिविल अस्पताल के ट्रामा सेंटर में एसएमओ एवं कार्यवाहक पीएमओ के साथ मारपीट के मामले में आरोपित रेडियोग्राफर संदीप के खिलाफ पहले भी डॉक्टरों और अस्पताल प्रबंधन से विवाद की शिकायतें सामने आती रही हैं। डॉक्टरों के अनुसार, वह कई बार चिकित्सकों से उलझ चुका है।

अधिकारियों के पास लगातार शिकायतें पहुंचने के बाद उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की सिफारिश की गई थी। इसी बीच हुई मारपीट की घटना ने अस्पताल के डॉक्टरों में रोष और बढ़ा दिया है। घटना के बाद डॉक्टरों ने वर्क सस्पेंड किया और नर्सिंग आफिसर एकत्रित हुए तो इससे सेवाएं प्रभावित हुई। स्टाफ के साथ मरीजों में भी अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। काफी मरीज बिना इलाज लौटे। अस्पताल की एसएमओ डॉ. ममता ने बताया कि रेडियोग्राफर को लेकर अधिकारियों के पास पहले भी शिकायतें पहुंची थीं। वहीं एसएमओ डॉ. विनय ने खुद बताया कि दो दिन पहले भी वह उनके कमरे में पहुंचा था और उस समय भी उसका व्यवहार तैश में था। तब उसे बाद में मिलने के लिए कहा गया था। वहीं स्टाफ ने बताया कि कुछ दिन पहले ट्रामा सेंटर के गेट के सामने गाड़ी खड़ी करने को लेकर भी विवाद हुआ था। एंबुलेंस का रास्ता रुकने की स्थिति में कई बार कहने के बावजूद गाड़ी नहीं हटाने पर पुलिस बुलाने की नौबत आ गई थी।

हादसे के दौरान ड्यूटी पर नहीं पहुंचने का आरोप
डॉक्टरों के अनुसार दो दिन पहले केएमपी पर हुए भीषण हादसे के दौरान भी रेडियोग्राफर की रात्रि ड्यूटी थी। हादसे में तीन लोगों की मौत हुई थी और 23 लोग घायल हुए थे। आरोप है कि आपात स्थिति में उसे बुलाए जाने के बावजूद वह मौके पर नहीं पहुंचा। यह मामला भी अस्पताल के प्रशासनिक अधिकारियों के संज्ञान में आया था। इसके बाद उससे जवाब-तलब करने की प्रक्रिया शुरू की गई थी। बताया जा रहा है कि जिस समय एसएमओ ट्रामा सेंटर के निरीक्षण पर पहुंचे, उस समय रेडियोग्राफर की नियमित ड्यूटी नहीं थी।

पुलिस की पूछताछ में सामने आई ये बात
हालांकि, पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि संबंधित स्टाफ की मांग पर उसे बुलाया गया था। इसकी अभी विभाग ने पुष्टि नहीं की है। इसके बाद हुई घटना ने अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना के बाद डॉक्टरों के साथ नर्सिंग स्टाफ भी काफी देर तक एकत्रित रहा। चिकित्सकों ने आरोपित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए स्वास्थ्य विभाग के महानिदेशक और अन्य अधिकारियों को भी रिपोर्ट भेजी है। डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि यदि मामले में उचित कार्रवाई नहीं हुई तो कार्य बहिष्कार किया जा सकता है। इधर, पुलिस जांच अधिकारी ने बताया कि एसएमओ की ओर से शाम को शिकायत दी है। शिकायत के आधार पर मारपीट के मामले में प्राथमिकी दर्ज करने की कार्रवाई की जा रही है। अस्पताल कर्मचारियों से भी जानकारी जुटाई जा रही है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments