Monday, September 14, 2026
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भारत भवन में दो दिवसीय ‘भारतीय मातृभाषा अनुष्ठान’ आज से, CM मोहन यादव करेंगे उद्घाटन; भारतीय भाषाओं पर होगी चर्चा

भोपाल 

राष्ट्रीय हिन्दी दिवस के अवसर पर भारत भवन में सोमवार से दो दिवसीय ‘भारतीय मातृभाषा अनुष्ठान’ की शुरुआत होगी। मुख्यमंत्री मोहन यादव शाम 4 बजे कार्यक्रम का शुभारंभ करेंगे। 14 और 15 सितंबर को होने वाले इस आयोजन का मुख्य विषय ‘मातृभाषा, संस्कृति और भारतीय जीवन-मूल्यों पर संवाद’ रखा गया है। कार्यक्रम में देशभर से वरिष्ठ पत्रकार, साहित्यकार और कवि शामिल होंगे। आयोजन का उद्देश्य भारतीय भाषाओं, बोलियों और उनमें मौजूद साहित्यिक-सांस्कृतिक विरासत पर संवाद करना है। संस्कृति विभाग के वीर भारत न्यास और संस्कृति संचालनालय द्वारा आयोजित कार्यक्रम में भारत भवन, माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, दत्तोपंत ठेंगड़ी शोध संस्थान और मातृभाषा मंच की सहभागिता रहेगी।

भाषा और पत्रकारिता पर होगी चर्चा
पहले दिन मुख्यमंत्री के शुभारंभ के बाद शाम 4:30 बजे ‘मातृभाषा से राष्ट्रभाषा : भाषाओं में भारत की आत्मा’ विषय पर चर्चा होगी। इसके बाद शाम 6 बजे ‘भाषाई पत्रकारिता, समाज की आवाज’ विषय पर विमर्श होगा। इसमें अलग-अलग भारतीय भाषाओं से जुड़े पत्रकार और विशेषज्ञ अपने विचार रखेंगे। शाम 7:30 बजे राष्ट्रीय कवि सम्मेलन होगा। इसमें कीर्ति काले, स्वयं श्रीवास्तव, दिनेश दिग्गज, शैलेन्द्र मधुर, अज़हर इकबाल और रामायणधर द्विवेदी काव्य पाठ करेंगे। कार्यक्रम की शुरुआत भारतीय भाषाओं और बोलियों के गीतों की प्रस्तुति से होगी।  

डिजिटल दौर में मातृभाषा पर मंथन
15 सितंबर को आयोजन में ‘डिजिटल युग में मातृभाषाएँ : संकट, संभावना और नई पत्रकारिता’ विषय पर चर्चा होगी। इसके बाद ‘भाषा अनेक, भारत एक’ विषय पर संवाद होगा। इसमें उर्दू, मराठी, असमिया, मलयालम सहित विभिन्न भाषाओं के पत्रकार और लेखक शामिल होंगे। शाम 7:30 बजे ‘संत राग’ कार्यक्रम में संत कवियों की वाणी की प्रस्तुति होगी। 

दुर्लभ पुस्तकों की प्रदर्शनी भी
आयोजन स्थल पर भारतीय भाषाओं और बोलियों से जुड़ी शब्द-चित्र प्रदर्शनी लगाई जाएगी। इसके अलावा भारतीय परंपरा के महत्वपूर्ण व्यक्तित्वों और विभिन्न विषयों पर आधारित पुस्तकों का लोकार्पण भी होगा। आयोजकों के अनुसार भारतीय सभ्यता और संस्कृति की स्मृतियां मातृभाषाओं, बोलियों और लिपियों में सुरक्षित हैं। इस आयोजन के जरिए भाषाई विरासत, साहित्य और पत्रकारिता के योगदान पर चर्चा के साथ नई पीढ़ी को भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। 

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