Friday, August 7, 2026
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100 साल बाद भारत लौट सकती है वाग्देवी की प्रतिमा, भोजशाला की धरोहर वापस लाने में जुटी सरकार

 धार
 धार की ऐतिहासिक भोजशाला से एक सदी पहले ब्रिटेन ले जाई गई 11वीं शताब्दी की देवी वाग्देवी की सफेद संगमरमर की प्रतिमा को वापस लाने के लिए भारत ने राजनयिक प्रयास तेज कर दिए हैं।

केंद्र सरकार मध्य प्रदेश सरकार के अनुरोध और उच्च न्यायालय के निर्देशों के बाद लंदन संग्रहालय के साथ लगातार संपर्क में है, जिससे 2014 के बाद से 650 से अधिक प्राचीन कलाकृतियों को सफलतापूर्वक स्वदेश लाने वाले भारत के रिकॉर्ड में एक और बड़ा अध्याय जुड़ने की उम्मीद जगी है।

भोपाल में आयोजित बिक्स सम्मेलन में मुख्य मुद्दा
धार की ऐतिहासिक भोजशाला से जुड़ी देवी वाग्देवी की प्रतिमा की वापसी, भोपाल में आयोजित ब्रिक्स संस्कृति कार्य समूह और संस्कृति मंत्रियों की बैठक का सबसे प्रमुख स्थानीय व सांस्कृतिक मुद्दा होगी।

भारत इस चार दिवसीय सम्मेलन का उपयोग औपनिवेशिक काल के दौरान चोरी, तस्करी या अवैध रूप से विदेश ले जाई गईं मूर्तियों, शिल्पों और प्राचीन कलाकृतियों को वापस लाने के लिए ब्रिक्स देशों के बीच एक मजबूत वैश्विक रणनीति और सहयोग ढांचा तैयार करने के लिए करेगा।

क्या लौट पाएगी प्रतिमा
मध्य प्रदेश के लिए, व्यापक वैश्विक बहस का एक तात्कालिक और भावनात्मक रूप से आवेशित स्थानीय मुद्दा है। ऐसे में अब सवाल यह है कि क्या लंदन के ब्रिटिश संग्रहालय से देवी वाग्देवी के रूप में पूजी जाने वाली प्रतिमा अंततः धार लौट पाएगी?

केंद्रीय संस्कृति सचिव विवेक अग्रवाल ने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार से अनुरोध प्राप्त होने के बाद केंद्र ने राजनयिक और संस्थागत चैनलों के माध्यम से लगातार संपर्क बनाए रखा है।

एमपी सरकार ने लिखा पत्र
अग्रवाल ने कहा, "केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय में सचिव का पदभार संभालने के तुरंत बाद, मध्य प्रदेश सरकार ने हमें पत्र लिखकर ब्रिटिश संग्रहालय में रखी देवी वाग्देवी की प्रतिमा को वापस लाने का अनुरोध किया। तब से हम राजनयिक चैनलों के साथ-साथ संग्रहालय स्तर पर भी लगातार काम कर रहे हैं।"

 

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