Sunday, September 27, 2026
Google search engine
Homeविदेशजिस आतंक को पाकिस्तान ने पाला, वही बना आफत; ग्लोबल टेररिज्म इंडेक्स...

जिस आतंक को पाकिस्तान ने पाला, वही बना आफत; ग्लोबल टेररिज्म इंडेक्स में नंबर-1

वशिंगटन
जब सांप पालोगे तो एक दिन तुमको डसेगा ही', ये पुरानी कहावत इन दिनों पाकिस्तान पर सटीक बैठ रही है। भारत के खिलाफ जहां पाकिस्तान ने सांप यानी आतंकी पाले अब वहीं उसे डंस रहे हैं। ये बात कोई और कोई नहीं बल्कि खुद पाकिस्तान के लोग कह रहे हैं। हाल ही में अमेरिका में पाकिस्तान के पूर्व राजदूत हुसैन हक्कानी ने अपने ही मुल्क की सच्चाई दुनिया के सामने लाई। उन्होंने ग्लोबल टेररिज्म इंडेक्स 2026 में पाकिस्तान को आतंकवाद से सबसे ज्यादा प्रभावित देश बताए जाने पर रिएक्शन दिया। उन्होंने कहा कि, पाकिस्तान अब आतंकी संगठनों को लेकर अपनाई गई अपनी पुरानी नीतियों के नतीजे भुगत रहा है।

'सांप पालोगे तो डसेगा ही…'
हुसैन हक्कानी ने एक्स पर ग्लोबल टेररिज्म इंडेक्स में पाकिस्तान की स्थिति वाला एक ग्राफिक शेयर किया। इसके साथ उन्होंने लिखा कि जब कोई अपने घर के पीछे सांप पालता है तो एक दिन वही सांप घर के लोगों को भी काट सकता है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने करीब 50 साल पहले चरमपंथी जिहादी संगठनों को हथियार और समर्थन देना शुरू किया था। अब वही पाकिस्तान आतंकवादी हमलों से सबसे ज्यादा प्रभावित देशों में सबसे ऊपर है। हक्कानी ने सवाल उठाया कि क्या पाकिस्तान अपनी पुरानी नीतियों से कोई सबक सीखने के लिए तैयार है।

ये बयान इंस्टीट्यूट फॉर इकोनॉमिक्स एंड पीस (आईईपी) की 2026 की रिपोर्ट जारी होने के बाद आई हैं। रिपोर्ट में पाकिस्तान को आतंकवाद से सबसे ज्यादा प्रभावित देशों की लिस्ट में पहले स्थान पर रखा गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, 2025 में पाकिस्तान में आतंकवाद से जुड़ी 1,139 मौतें हुईं और 1,045 आतंकवादी घटनाएं दर्ज की गईं। रिपोर्ट में कहा गया है कि 2013 के बाद पाकिस्तान में आतंकवाद से होने वाली मौतों का आंकड़ा 2025 में सबसे ज्यादा रहा।

ग्लोबल टेररिज्म इंडेक्स में पाकिस्तान नंबर-1
रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान ने ग्लोबल टेररिज्म इंडेक्स में 8.574 अंक हासिल किए और इस मामले में बुर्किना फासो से आगे रहा। पाकिस्तान हर साल इस इंडेक्स में आतंकवाद से सबसे ज्यादा प्रभावित 10 देशों में शामिल रहा है। हालांकि, 2025 में पहली बार पाकिस्तान इस सूची में नंबर-1 पर पहुंचा। इंस्टीट्यूट फॉर इकोनॉमिक्स एंड पीस की रिपोर्ट के अनुसार, 2025 में पाकिस्तान में आतंकवाद से होने वाली मौतों में करीब 6 फीसदी की बढ़ोतरी हुई। यह लगातार छठा साल है, जब देश में आतंकवाद से जुड़ी मौतों का आंकड़ा बढ़ा है। हालांकि, आतंकवादी घटनाओं की संख्या में थोड़ी कमी आई। 2024 में पाकिस्तान में 1,098 आतंकवादी घटनाएं दर्ज की गई थीं, जो 2025 में घटकर 1,045 रह गईं। रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान में किडनैंपिग घटनाओं में भी बड़ी बढ़ोतरी हुई। 2024 में ऐसी 101 घटनाएं दर्ज हुई थीं, जो 2025 में बढ़कर 655 हो गईं।

वहीं, दुनियाभर में आतंकवाद से होने वाली मौतों में कमी आई है। 2025 में आतंकवाद के कारण 5,582 लोगों की मौत हुई, जो 2024 के मुकाबले 28 फीसदी कम है। इसी तरह आतंकवादी हमलों की संख्या भी करीब 22 फीसदी घटकर 2,944 रह गई। इंस्टीट्यूट फॉर इकोनॉमिक्स एंड पीस के मुताबिक, 81 देशों में आतंकवाद की स्थिति में सुधार हुआ, जबकि 19 देशों में हालात पहले से खराब हुए।

बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा में हाल बेहाल
रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान के पश्चिमी इलाके आतंकवादी गतिविधियों के मुख्य केंद्र बने हुए हैं। इंस्टीट्यूट फॉर इकोनॉमिक्स एंड पीस (आईईपी) के अनुसार, 2025 में पाकिस्तान में हुए 74 फीसदी से ज्यादा आतंकवादी हमले बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा में हुए। इन दोनों राज्यों में आतंकवाद से जुड़ी करीब 67 फीसदी मौतें भी हुईं। रिपोर्ट में कहा गया है कि आतंकवादी गतिविधियों में बढ़ोतरी की एक बड़ी वजह 2021 में अफगानिस्तान में तालिबान की सत्ता में वापसी और इसके बाद पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा पर बढ़े हमले हो सकते हैं। रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान के पड़ोसी देशों के साथ तनावपूर्ण रिश्ते और तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) तथा बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (बीएलए) की बढ़ती हिंसा ने देश के सामने सुरक्षा की बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है।

पाकिस्तान के लिए काल बनी TTP
इंस्टीट्यूट फॉर इकोनॉमिक्स एंड पीस (आईईपी) की रिपोर्ट के मुताबिक, तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) पाकिस्तान में आतंकवाद से होने वाली मौतों के पीछे सबसे बड़े संगठनों में से एक है। रिपोर्ट के अनुसार, टीटीपी लगातार पांचवें साल पाकिस्तान का सबसे घातक आतंकवादी संगठन रहा। 2025 में पाकिस्तान में आतंकवाद से हुई 56 फीसदी मौतों के लिए टीटीपी को जिम्मेदार बताया गया। इस दौरान संगठन ने 595 हमले किए, जिनमें 637 लोगों की मौत हुई। यह आंकड़ा 2024 के मुकाबले करीब 13 फीसदी ज्यादा है।

आईईपी ने टीटीपी को 2025 में दुनिया का तीसरा सबसे घातक आतंकवादी संगठन भी बताया है। रिपोर्ट के मुताबिक, दुनिया के चार सबसे घातक आतंकवादी संगठनों में टीटीपी अकेला ऐसा संगठन था, जिसके कारण होने वाली मौतों में 2025 में बढ़ोतरी दर्ज की गई। आईईपी की रिपोर्ट के मुताबिक, 2025 में दुनिया के चार सबसे घातक आतंकवादी संगठनों में इस्लामिक स्टेट, जमात नुसरत अल-इस्लाम वल मुस्लिमीन (जेएनआईएम), तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) और अल-शबाब शामिल थे।

रिपोर्ट में कहा गया है कि टीटीपी के हमलों में लगातार चार साल से बढ़ोतरी हो रही है। 2025 में संगठन ने 595 हमले किए और ये सभी हमले पाकिस्तान में हुए। इनमें से ज्यादातर हमले अफगानिस्तान की सीमा से लगे खैबर पख्तूनख्वा इलाके में हुए। रिपोर्ट के अनुसार, यह क्षेत्र टीटीपी की आतंकवादी गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बना हुआ है।

पैसेंजर ट्रेन पर BLA के हमले का जिक्र
रिपोर्ट में बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) की बढ़ती गतिविधियों का भी जिक्र किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, 2025 में पाकिस्तान में हुए सबसे बड़े आतंकवादी हमलों में से एक के पीछे बीएलए का हाथ था। रिपोर्ट के अनुसार, आतंकवादियों ने क्वेटा रेलवे स्टेशन के पास रेलवे ट्रैक पर विस्फोट किया और इसके बाद एक पैसेंजर ट्रेन पर कब्जा कर लिया। इस दौरान 442 लोगों को बंधक बनाया गया। रिपोर्ट में बताया गया है कि इस घटना में 21 बंधकों, 4 सैन्यकर्मियों और 33 आतंकवादियों की मौत हुई।

इंस्टीट्यूट फॉर इकोनॉमिक्स एंड पीस के अनुसार, टीटीपी के हमलों में लगातार चार साल से बढ़ोतरी हो रही है। 2025 में टीटीपी ने 595 हमले किए और ये सभी हमले पाकिस्तान में हुए। इनमें ज्यादातर हमले अफगानिस्तान की सीमा से लगे खैबर पख्तूनख्वा इलाके में किए गए।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments