Tuesday, September 8, 2026
Google search engine
Homeदेशबारिश थमी तो चढ़ा पारा, राजस्थान में 12 सितंबर से फिर बरसेंगे...

बारिश थमी तो चढ़ा पारा, राजस्थान में 12 सितंबर से फिर बरसेंगे बादल

जयपुर
राजस्थान में मानसून ने फिलहाल ब्रेक ले लिया है। प्रदेश में बारिश की गतिविधियां कमजोर पड़ने के साथ मौसम का मिजाज एक बार फिर गर्म होने लगा है। हालांकि, यह राहत ज्यादा लंबी नहीं रहने वाली। मौसम विभाग के अनुसार अगले 4-5 दिन मानसून कमजोर रहेगा, लेकिन 12 सितंबर से प्रदेश में एक बार फिर बारिश का नया दौर शुरू होने की संभावना है। आज भरतपुर और कोटा संभाग के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश हो सकती है।

सोमवार को भी प्रदेश में बारिश का दायरा काफी सीमित रहा। अलवर, कोटपूतली, सीकर और राजसमंद में ही कुछ स्थानों पर बारिश दर्ज की गई। राजसमंद के नाथद्वारा में सबसे ज्यादा करीब 28 मिलीमीटर यानी एक इंच से ज्यादा पानी बरसा। देर शाम श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ और चूरू के कुछ इलाकों में बादल छाए और हल्की बारिश के साथ तेज हवाएं चलीं।

उत्तर भारत की तरफ खिसका मानसून ट्रफ
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक सोमवार को मानसून ट्रफ अपनी सामान्य स्थिति से खिसककर उत्तर भारत की तरफ चली गई। इसका सीधा असर राजस्थान में बारिश की गतिविधियों पर पड़ा है। ट्रफ की स्थिति बदलने के कारण अब प्रदेश में अगले कुछ दिनों तक मानसून की सक्रियता कमजोर रहने का अनुमान है।

इस दौरान आसमान में बादल जरूर नजर आ सकते हैं, लेकिन व्यापक स्तर पर तेज या भारी बारिश की उम्मीद कम है। स्थानीय स्तर पर कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है। मौसम विभाग का अनुमान है कि 12 सितंबर से मानसून फिर सक्रिय होगा, जिसके बाद बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।

राजस्थान में 24 फीसदी बारिश कम
इस मानसून सीजन में राजस्थान को अब तक सामान्य बारिश का इंतजार ही है। 1 जून से 6 सितंबर तक प्रदेश में सामान्य से करीब 24 फीसदी कम बारिश रिकॉर्ड हुई है। हालात का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पूरे प्रदेश में सिर्फ चार जिले ऐसे हैं जहां सामान्य से ज्यादा बारिश हुई है।

इनमें सबसे आगे भरतपुर है। यहां 1 जून से 6 सितंबर तक सामान्य बारिश 481.7 एमएम मानी जाती है, जबकि इस सीजन में अब तक 638.8 एमएम बारिश हो चुकी है। यानी भरतपुर में सामान्य से करीब 33 फीसदी ज्यादा पानी बरसा है।

भरतपुर के अलावा दौसा, धौलपुर और झुंझुनूं में भी सामान्य से ज्यादा बारिश हुई है। इन जिलों में बारिश सामान्य से करीब 7 से 13 फीसदी अधिक रही है। दूसरी ओर अलवर में सामान्य से करीब 1 फीसदी कम और करौली में 5 फीसदी कम बारिश रिकॉर्ड की गई है।

नाथद्वारा में सबसे ज्यादा बारिश
पिछले 24 घंटे के दौरान राजसमंद का नाथद्वारा बारिश के लिहाज से प्रदेश में सबसे आगे रहा। यहां करीब 28 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा कोटपूतली, अलवर शहर और सीकर के कुछ इलाकों में भी बारिश हुई।

देर शाम पश्चिमी राजस्थान के श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ और चूरू में मौसम ने थोड़ी करवट ली। बादल छाने के साथ कुछ जगहों पर हल्की बारिश हुई और तेज हवाएं चलीं। हालांकि, यह बारिश इतनी व्यापक नहीं रही कि प्रदेश में कमजोर पड़े मानसून को फिर से सक्रिय माना जाए।

बारिश रुकी तो चढ़ने लगा पारा
बारिश थमने और धूप निकलने का असर तापमान पर भी साफ दिखाई दिया। सोमवार को करौली, कोटा, प्रतापगढ़, फतेहपुर, अलवर, पिलानी, टोंक और भीलवाड़ा समेत कई शहरों में दिन के तापमान में करीब 4 डिग्री तक बढ़ोतरी हुई।

प्रदेश में सोमवार को सबसे गर्म फलोदी रहा, जहां अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बारिश की गतिविधियां कमजोर रहने के साथ आने वाले दिनों में दिन के तापमान में और बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि, 12 सितंबर के बाद बारिश का नया दौर शुरू होने पर एक बार फिर तापमान में राहत मिलने की उम्मीद है।

आज का मौसम कैसा रहेगा?
आज भरतपुर और कोटा संभाग में कुछ स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है। पूर्वी राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में अगले 4-5 दिन मानसून कमजोर रहने का अनुमान है। ऐसे में प्रदेश में फिलहाल तेज बारिश का इंतजार करना होगा। मौसम विभाग की नजर अब 12 सितंबर से बनने वाले नए बारिश के दौर पर है। अगर सिस्टम अनुकूल रहा तो मानसून की सुस्ती टूट सकती है और प्रदेश के कई हिस्सों में दोबारा बारिश का सिलसिला तेज हो सकता है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments