Monday, July 27, 2026
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स्कूल-कॉलेजों, सार्वजनिक स्थलों, हाट-बाजारों, रेलवे स्टेशनों और ग्रामीण क्षेत्रों में पुलिस ने चलाया व्यापक जनसंवाद अभियान

भोपाल 

मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा संचालित राज्यव्यापी जन-जागरूकता अभियान “नशे से दूरी है जरूरी 2.0” के अंतर्गत प्रदेशभर में व्यापक स्तर पर जनजागरूकता गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। अभियान का उद्देश्य युवाओं एवं आमजन को नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराते हुए नशामुक्त, स्वस्थ एवं सशक्त समाज के निर्माण के लिए जनभागीदारी सुनिश्चित करना है।

अभियान के दूसरे दिन प्रदेश के विभिन्न जिलों एवं पुलिस इकाइयों द्वाराकुल 1000 से अधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर 2लाख60 हजार से अधिकलोगों को प्रत्यक्ष रूप से जागरूक किया गया।इनमें स्कूल-कॉलेजों में जागरूकता कार्यक्रम, जनसंवाद, रैलियां, शपथ कार्यक्रम, जागरूकता फिल्म एवं शॉर्ट फिल्म प्रदर्शन, सोशल मीडिया कंटेंट, हाट-बाजारों एवं सार्वजनिक स्थलों पर जनजागरूकता, रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों एवं आमजन से संवाद तथा ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष कार्यक्रम शामिल रहे।

युवाओं और विद्यार्थियों को बनाया अभियान का केंद्र

पुलिस द्वारा बड़ी संख्या में स्कूलों, कॉलेजों एवं अन्य शैक्षणिक संस्थानों में पहुंचकर विद्यार्थियों को नशे के शारीरिक, मानसिक, सामाजिक एवं आर्थिक दुष्परिणामों की जानकारी दी गई। विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को नशे से दूर रहने की शपथ दिलाई गई तथा स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। अनेक स्थानों पर जागरूकता रील्स, शॉर्ट फिल्म और वीडियो क्लिप के माध्यम से नशे के दुष्परिणामों को प्रभावी ढंग से समझाया गया।

सार्वजनिक स्थलों पर जनसंवाद और रैलियां

अभियान के अंतर्गत पुलिस टीमों द्वारा हाट-बाजारों, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, प्रमुख चौराहों एवं अन्य सार्वजनिक स्थलों पर आमजन से सीधा संवाद किया गया। नागरिकों को नशीले पदार्थों के सेवन से होने वाले दुष्परिणामों की जानकारी देते हुए नशे से दूर रहने तथा समाज के अन्य लोगों को भी जागरूक करने का आह्वान किया गया। अनेक जिलों में जनजागरूकता रैलियों एवं मानव श्रृंखलाओं के माध्यम से नशामुक्ति का संदेश दिया गया।

विशेष जागरूकता गतिविधियों में भी बढ़-चढ़कर भागीदारी

बालाघाट पुलिस द्वारा जिले के 12 थाना क्षेत्रों एवं विभिन्न चौकियों में लगभग 32हजार से अधिक नागरिकों तक जागरूकता संदेश पहुँचाया गया तथा करीब 12,000 से अधिक लोगों को ऑनलाइन नशा मुक्ति शपथ दिलाकर QR कोड के माध्यम से तत्काल डिजिटल प्रमाण-पत्र उपलब्ध कराए गए। वहींशहर में आयोजित जगन्नाथ रथ यात्रा के दौरान लगाए गए विशेष जागरूकता स्टॉल के माध्यम से लगभग 2500 से अधिक श्रद्धालुओं तक नशामुक्ति का संदेश पहुँचाते हुए उन्हें ऑनलाइन शपथ दिलाई गई।

इंदौर में डिजिटल एवं स्थानीय इंफ्लुएंसर्स के साथ बैठक आयोजित कर सोशल मीडिया के माध्यम से अभियान के संदेश को व्यापक स्तर पर प्रसारित करने की रणनीति बनाई गई। जनजागरूकता रथ के माध्यम से शहर के विभिन्न क्षेत्रों एवं बस्तियों में जागरूकता गतिविधियां संचालित की गईं। स्वास्थ्य जागरूकता एवं कैंसर स्क्रीनिंग गतिविधियों को भी अभियान से जोड़ा गया। स्थानीय युवाओं एवं जागरूक नागरिकों की सहभागिता से जनजागरूकता रैलियां आयोजित की गईं।

ग्वालियर जिले में 40 थाना क्षेत्रों के स्कूलों, कॉलेजों, शैक्षणिक संस्थानों एवं सार्वजनिक स्थलों पर 62 जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसी प्रकार खरगोन, छतरपुर, कटनी, खंडवा, आगर-मालवा, अनूपपुर, उमरिया सहित अनेक जिलों में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों, शिक्षकों, ग्रामीणों एवं आम नागरिकों को जागरूक किया गया।

भोपाल ग्रामीण क्षेत्र में 7 कार्यक्रमों के माध्यम से 2,100 लोगों को तथा भोपाल नगरीय क्षेत्र में विभिन्न जागरूकता गतिविधियों के माध्यम से नागरिकों एवं विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित किया गया। सीहोर, हरदा, दमोह, दतिया, उज्जैन, जबलपुर, गुना, इंदौर सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों में भी पुलिस द्वारा व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।

आलीराजपुर और आगर मालवा में स्कूलों और कॉलेजों में छात्र-छात्राओं को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराने के लिए रील्स और शॉर्ट फिल्म दिखाई गईं। आलीराजपुर में इसके साथ ही बालिकाओं को 'गुड टच-बैड टच' (Good Touch-Bad Touch) की महत्वपूर्ण जानकारी भी दी गई।

पीटीएस पचमढ़ी में पुलिस स्टाफ, पुलिस परिवार और नव-आरक्षकों को ऑनलाइन शपथ दिलाई गई और इसके लिए बाकायदा प्रमाण पत्र (Certificates) भी जारी किए गए। इसके अलावा सोशल मीडिया और स्थानीय समाचार पत्रों के माध्यम से भी जागरूकता फैलाई गई।

पीटीएस उमरिया और आरएपीटीसी इंदौर में पुलिस कंट्रोल रूम से विशेष जागरूकता रैलियां निकाली गईं और प्रमुख चौराहों (जैसे गांधी चौक) पर आमजनों को नशामुक्ति की शपथ दिलाई गई।

पीटीएस उज्जैन में प्रशिक्षणरत 640 नव-आरक्षकों को पुलिस अधीक्षक द्वारा एक साथ नशे से दूर रहने की शपथ दिलाई गई। इसके साथ ही ग्राम पंचायत ताजपुर के ग्रामीणों को भी जागरूक किया गया।

रेलवे परिसरों में भी चलाया गया विशेष अभियान

जीआरपी द्वारा रेलवे स्टेशनों पर आने-जाने वाले यात्रियों, विद्यार्थियों, कुलियों, वेंडरों एवं ऑटो चालकों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया गया। रेलवे स्टेशनों एवं आसपास के क्षेत्रों में जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से नशामुक्त समाज के निर्माण में सभी से सक्रिय सहयोग का आह्वान किया गया।

सामूहिक शपथ से मजबूत हुआ नशामुक्ति का संकल्प

अभियान के दौरान विद्यार्थियों, शिक्षकों, ग्रामीणों, आम नागरिकों एवं विभिन्न संस्थाओं से जुड़े लोगों को नशे से दूर रहने की सामूहिक शपथ दिलाई गई। लोगों ने स्वयं नशा नहीं करने तथा अपने परिवार, मित्रों और समाज को भी नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया।

मध्यप्रदेश पुलिस का यह अभियान केवल जागरूकता कार्यक्रमों तक सीमित न रहकर समाज के प्रत्येक वर्ग को नशे के विरुद्ध एकजुट करने का प्रयास है। पुलिस द्वारा युवाओं, विद्यार्थियों, अभिभावकों, शिक्षकों, सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों से अपील की गई है कि वे नशामुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाएं।

 

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