Sunday, October 25, 2026
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ओटीएस योजना से करदाताओं को 116 करोड़ रुपये की राहत

गृहकर, जलकर और सीवरकर के बकायों पर राहत, अब तक 72.96 करोड़ रुपये की वसूली

करदाताओं को तीन किस्तों में भुगतान की सुविधा, 15 दिसंबर तक उठा सकेंगे लाभ

लखनऊ
योगी सरकार द्वारा नगरीय निकायों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और करदाताओं को पुराने बकायों के निस्तारण में राहत देने के लिए संचालित एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) को व्यापक जनसमर्थन मिल रहा है। प्रदेश के सभी 762 नगरीय निकायों में लागू इस योजना के तहत अब तक 1,71,166 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से 1,33,589 आवेदन स्वीकृत किए जा चुके हैं, जबकि 34,801 आवेदन प्रक्रिया में हैं।

योगी सरकार की इस योजना के माध्यम से पात्र करदाताओं को लंबित गृहकर, जलकर और सीवरकर के बकायों के निस्तारण में राहत दी जा रही है। योजना के तहत 312.94 करोड़ रुपये की मांग के सापेक्ष अब तक 72.96 करोड़ रुपये की वसूली हुई है, जबकि पात्र लाभार्थियों को 116.43 करोड़ रुपये की राहत प्रदान की गई है। इससे 1,33,589 लाभार्थियों को प्रत्यक्ष लाभ मिला है।

आवासीय संपत्तियों के आवेदनों की संख्या सबसे अधिक
प्रदेश के 17 नगर निगम, 200 नगर पालिका परिषद और 545 नगर पंचायतों में संचालित योजना के तहत प्राप्त आवेदनों में आवासीय संपत्तियों की हिस्सेदारी सर्वाधिक है। अब तक 1,42,274 आवेदन आवासीय संपत्तियों से संबंधित हैं। वहीं, 15,999 आवेदन व्यावसायिक संपत्तियों और 12,889 आवेदन अन्य श्रेणी की संपत्तियों के हैं। योजना के तहत प्रति लाभार्थी औसतन लगभग 8,715.37 रुपये की राहत मिली है।

तीन किस्तों में भुगतान की सुविधा
करदाताओं की सुविधा के लिए योगी सरकार ने योजना के अंतर्गत बकाया राशि का भुगतान अधिकतम तीन किस्तों में करने का विकल्प भी उपलब्ध कराया है। इससे एकमुश्त भुगतान करने में कठिनाई महसूस करने वाले करदाताओं को अपने पुराने बकायों का निस्तारण करने में सहूलियत मिल रही है। योजना 15 अगस्त 2026 से संचालित है और पात्र करदाता 15 दिसंबर 2026 तक इसका लाभ उठा सकते हैं।

विशेष शिविरों के जरिए लोगों को किया जा रहा जागरूक
नगर विकास विभाग की ओर से विभिन्न नगरीय निकायों में विशेष शिविर आयोजित कर नागरिकों को योजना की पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और मिलने वाली राहत की जानकारी दी जा रही है। आवेदन और निस्तारण की प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने पर जोर दिया जा रहा है।

विभाग ने पात्र करदाताओं से अपील की है कि वे निर्धारित समयसीमा के भीतर योजना का लाभ उठाकर अपने लंबित कर बकायों का निस्तारण कराएं। सरकार की इस पहल से जहां नागरिकों को राहत मिल रही है, वहीं नगरीय निकायों के राजस्व में वृद्धि और उनकी वित्तीय आत्मनिर्भरता को मजबूत करने में भी मदद मिल रही है। योजना की जानकारी और आवेदन के लिए विभागीय पोर्टल upulbots.in का उपयोग किया जा सकता है।

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