Tuesday, October 6, 2026
Google search engine
Homeराज्यबिहार / झारखण्ड45 हजार गांवों के लिए बदलेगा टैक्स नियम, पंचायतों की बढ़ेगी कमाई...

45 हजार गांवों के लिए बदलेगा टैक्स नियम, पंचायतों की बढ़ेगी कमाई लेकिन घर-मालिकों पर नहीं पड़ेगा

पटना
सरकार गांव वालों को बड़ी राहत देने जा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में घर अथवा व्यावसायिक संपत्ति पर लगने वाले कर को लेकर पंचायती राज विभाग ने नियमावली में सुधार की औपचारिकता पूर्ण कर ली है।

नई नियमावली में ऐसी कर व्यवस्था तैयार की गई जिससे ग्रामीणों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ न पड़े और पंचायतों की स्थानीय आय के स्रोत भी स्पष्ट हो सकें। इसके लिए विधान मंडल से पारित कानून एवं नियमावली संशोधन किया गया है।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के निर्देश पर गत दिनों पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश की अध्यक्षता में विभागीय अधिकारियों के साथ हुई बैठक में इस पर सहमति बनी। प्रस्तावित सुधार के तहत गांवों में सामान्य आवासीय मकान या निजी व्यावसायिक संपत्ति पर सीधे संपत्ति कर लगाने की व्यवस्था में बदलाव किया गया है।

विभाग का मानना है कि ग्रामीण क्षेत्रों की आर्थिक और सामाजिक परिस्थितियां शहरी क्षेत्रों से अलग हैं, इसलिए नगर निकायों की तर्ज पर ग्रामीण क्षेत्रों में संपत्ति आधारित कर व्यवस्था लागू करना व्यावहारिक नहीं होगा।

पंचायती राज विभाग पंचायतों को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने के लिए कर एवं शुल्क से जुड़े दूसरे विकल्पों पर काम पूरा कर लिया है। नियमावली में यह स्पष्ट किया जाएगा कि पंचायतें किन सेवाओं अथवा स्थानीय सुविधाओं के एवज में शुल्क ले सकती हैं। इससे पंचायतों को आय का स्रोत मिलेगा और ग्रामीणों पर सीधे संपत्ति कर का भार भी नहीं पड़ेगा।

विभाग स्तर पर पूर्व नियमावली को शिथिल कर नए प्रविधानों की समीक्षा के उपरांत संशोधन का प्रारूप तैयार किया जा रहा है। इसमें कर निर्धारण, वसूली और पंचायतों की आय से जुड़े प्रविधानों को सरल और स्पष्ट करने पर बल रहेगा।

नई व्यवस्था का उद्देश्य पंचायतों की वित्तीय क्षमता बढ़ाने के साथ ग्रामीणों के हितों का संरक्षण करना है। नियमावली में संशोधन के बाद पंचायतों को स्थानीय स्तर पर संसाधन जुटाने के लिए अधिक स्पष्ट अधिकार मिल सकेंगे।

निजी स्कूल, मोबाइल टावर, रेस्टोरेंट पर टैक्स
नए प्रविधान के तहत ईंट भट्ठे, निजी स्कूल, मोबाइल टावर, रेस्टोरेंट, चावल मिल, निजी अस्पताल आदि को कर के दायरे में लाने की तैयारी है। इसी तरह बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठान से कर वसूली की तैयारी है। होर्डिंग, बैनर आदि व्यावसायिक गतिविधियों पर कर देना होगा।

मकान मालिक को व्यावसायिक संपत्ति पर कर नहीं देना होगा। पंचायती राज विभाग कैबिनेट से शीघ्र प्रस्ताव स्वीकृत कराएगा।

गांवों का नेटवर्क
    गांवों की संख्या: 45,103
    पंचायतों की संख्या: 8041

 

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments