Monday, August 24, 2026
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जल एवं ताप विद्युत गृहों की अंतर्राष्ट्रीय मानकों के तहत विकसित होंगी प्रणालियां

एक-दिवसीय आईएसओ कार्यशाला में अभियंताओं ने लिया भाग

भोपाल
मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड अपने सभी जल एवं ताप विद्युत गृहों के अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप कार्यप्रणालियाँ एवं एकीकृत प्रबंधन प्रणालियों के नवाचार के लिये सजगता से अग्रसर हो रही है। इसी सिलसिले में कंपनी के प्रबंध संचालक मनजीत सिंह की अध्यक्षता में नयागांव, जबलपुर में स्थित नवनिर्मित मध्यप्रदेश पॉवर जनरेशन प्रशिक्षण संस्थान में आईएसओ मानकों के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में कंपनी के विभिन्न जल एवं ताप विद्युत गृहों के 15 अभियंताओं ने भाग लिया।

कंपनी के प्रशिक्षण संस्थान में आयोजित कार्यशाला में आईएसओ मैनेजर नविता ठाकुर एवं तरंग श्रीवास्तव ने वरिष्ठ अभियंताओं के समक्ष आईएसओ के मूल सिद्धांतों तथा इसके लाभों पर सहित मानकों के प्रभावी क्रियान्वयन की कंपनी की कार्यप्रणालियों के परिप्रेक्ष्य में महत्ता पर प्रस्तुति दी। इसके साथ ही सभी विद्युत गृहों के आईएसओ रोडमैप तथा विभिन्न आईएसओ मानकों को एकीकृत प्रबंधन प्रणाली के रूप में लागू किए जाने पर भी चर्चा की गई। अति. मुख्य अभियंता (प्रशिक्षण) डॉ. अशोक तिवारी ने आईएसओ ऑडिट एवं प्रमाणन की तैयारियों के संबंध में अभियंताओं को दस्तावेजीकरण, प्रक्रियाओं के मानकीकरण, अनुपालन, आंतरिक ऑडिट तथा निरंतर सुधार जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर जानकारी दी।

क्या दर्शाते है आईएसओ मानक
आईएसओ-9001 के माध्यम से गुणवत्ता प्रबंधन, प्रक्रियाओं का मानकीकरण, दस्तावेजीकरण, प्रक्रिया नियंत्रण एवं निरंतर सुधार सुनिश्चित होता है। आईएसओ-14001 के माध्यम से ताप एवं जल विद्युत संयंत्रों में पर्यावरणीय प्रभावों की पहचान एवं नियंत्रण किया जा सकता है। आईएसओ- 45001 पॉवर प्लांट में मौजूद विभिन्न सुरक्षा जोखिमों के प्रबंधन और सक्रिय सुरक्षा संस्कृति विकसित करने में सहायक है। वहीं आईएसओ-50001 के माध्यम से ऊर्जा खपत का मापन, विश्लेषण तथा ऊर्जा दक्षता में निरंतर सुधार किया जा सकता है।

मानकों के पुनरुत्थान पर है प्रबंधन का फोकस
जबलपुर स्थित शक्ति भवन, कंपनी के मुख्यालय के सभी कार्यालय आईएसओ द्वारा प्रमाणीकरण प्राप्त कर चुके हैं। इस महत्वपूर्ण उपलब्धि की बाद कंपनी प्रबंधन की नज़र अब सभी संचालित जल एवं ताप विद्युत गृहों की कार्यप्रणालियों की समीक्षा कर अंतर्राष्ट्रीय रूप से पुनरुत्थान कर आईएसओ प्रमाणीकरण प्राप्त करने की ओर है। कंपनी की चचाई एवं सारनी में आ रही बहुप्रतीक्षित नवीन सुपर क्रिटिकल ताप विद्युत इकाइयों के संदर्भ में भी कंपनी प्रबंधन द्वारा यह दृष्टिकोण भविष्य के प्रति तैयारी एवं कंपनी को एक नया रूप प्रदान करने का साक्ष्य माना जा रहा है।

प्रोफेशनल स्टैन्डर्ड के बल बनाएंगे नई पहचान-
प्रबंध संचालक मनजीत सिंह ने आईएसओ प्रमाणन को मात्र एक उपलब्धि से परे कंपनी के लिए दैनिक कार्यप्रणाली का हिस्सा बताते हुए कहा कि कंपनी के युवा अभियंताओं की ऊर्जा, दक्षता और प्रोफेशनल स्टैन्डर्ड के बल पर हम अपने सभी विद्युत गृहों को अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप और अधिक सुरक्षित, विश्वसनीय, कुशल तथा पर्यावरणानुकूल बनाएंगे। वहीं डायरेक्टर टेक्निकल सुबोध निगम ने कहा कि आईएसओ-9001, आईएसओ-14001, आईएसओ-45001 एवं आईएसओ-50001 कंपनी के विद्युत गृहों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं और इन मानकों को अलग-अलग प्रणालियों के रूप में देखने के बजाय एकीकृत प्रबंधन प्रणाली के रूप में लागू करना अधिक प्रभावी होगा।

 

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