Tuesday, September 8, 2026
Google search engine
Homeखेलस्वाति चौधरी ने एक दिन में जीते 2 मेडल, भारत ने पैरा...

स्वाति चौधरी ने एक दिन में जीते 2 मेडल, भारत ने पैरा आर्चरी वर्ल्ड सीरीज में मचाया धमाल

अहमदाबाद
अहमदाबाद में जारी वर्ल्ड आर्चरी पैरा सीरीज़ (स्टेज III) में मंगलवार को भारत ने दो गोल्ड, दो सिल्वर और एक ब्रॉन्ज़ मेडल जीता. पुरुषों की कंपाउंड और रिकर्व टीमों ने स्वर्ण पदक अपने नाम किया जबकि स्वाति चौधरी ने दो मेडल जीते. मौजूदा वर्ल्ड चैंपियन टोमन कुमार और श्याम सुंदर स्वामी ने इराक को 152-139 से हराकर पुरुषों की कंपाउंड टीम का गोल्ड मेडल जीता. जबकि हरविंदर सिंह और विजय सुंडी ने स्लोवाकिया को 6-2 से हराकर पुरुषों की रिकर्व टीम का खिताब अपने नाम किया.

भावना और पूजा की महिला रिकर्व टीम ने चीन से 0-6 से हारने के बाद सिल्वर मेडल जीता, जबकि स्वाति और आदिल मोहम्मद नज़ीर अंसारी मिक्स्ड टीम W1 (रिकर्व/कंपाउंड) इवेंट में रनर-अप रहे और उन्हें सिल्वर से संतोष करना पड़ा. इसके बाद स्वाति दोपहर के सेशन में लौटीं और इंडिविजुअल W1 कैटेगरी में ब्रॉन्ज़ मेडल जीता. उन्होंने इंडिविजुअल न्यूट्रल एथलीट (AIN) झंडे के तहत खेलते हुए रूस की एलेना क्रुटोवा को 6-2 से हराया. शीतल देवी और पायल नाग की जोड़ी महिला कंपाउंड टीम इवेंट में ब्रॉन्ज मेडल जीतने से भी क्योंकि उन्हें तीसरे स्थान के लिए हुए प्लेऑफ़ में चीन से हार का सामना करना पड़ा.  

स्वामी – टोमन के गोल्ड से हुई दिन की शुरुआत
मंगलवार को दिन की शुरुआत में स्वामी और टोमन ने इराक के अब्बास काधिम और अनवर अलदावोड पर शानदार जीत के साथ पुरुषों की कंपाउंड टीम इवेंट में गोल्ड मेडल जीता. भारतीयों ने धीमी शुरुआत की और पहले राउंड में 8 स्कोर किया, लेकिन जल्द ही अपनी लय पा ली. उन्होंने अगले 12 तीरों में केवल पांच अंक गंवाए और मजबूत बढ़त बना ली. इसके बाद स्वामी और टोमन ने लगातार अच्छा स्कोर किया और उनके सटीक तीरों ने इराक के लिए वापसी की बहुत कम गुंजाइश छोड़ी.

हरविंदर – सुंडी ने भी जीता गोल्ड
हरविंदर और सुंडी ने शुरुआती सेट में पिछड़ने के बाद वापसी की और स्लोवाकिया के डेविड इवान और डेनिस इवान को 6-2 से हराया. उन्होंने मैच 34-37, 36-31, 38-34, 35-31 से जीता.  भारत को शुरुआत में संघर्ष करना पड़ा था. पहले सेट में 7 स्कोर किया और कोई एरो 10 पर नहीं लगा, जिससे स्लोवाकिया को शुरुआती बढ़त मिल गई.

लेकिन भारतीय टीम जल्द ही अपनी शूटिंग की लय में आ गई और दो बार के पैरालंपिक मेडलिस्ट हरविंदर ने इसकी अगुवाई की. मुकाबले में अहम मोड़ तब आया जब तीसरे सेट में भारत ने तीन बार 10 का स्कोर करके 4-2 की बढ़त बना ली. चौथे सेट में उन्होंने अपना संयम बनाए रखा और वापसी करते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम किया.

भावना- पूजा को करना पड़ा सिल्वर से संतोष
एकतरफा फाइनल में चीन से 0-6 (23-34, 33-35, 30-31) से हारने के बाद भावना और पूजा को सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा. भारतीय टीम को पहले सेट से ही स्कोरिंग लय पाने में संघर्ष करना पड़ा, जिसमें उन्होंने 4, 5 और 6 का स्कोर किया. दूसरे सेट में उन्होंने तीन बार 8 और एक बार 9 का स्कोर करके सुधार किया, लेकिन अंकों के अंतर को पाट नहीं पाए.

तीसरे सेट में भी भारत को संघर्ष करना पड़ा, जिसमें उन्होंने 5 और 7 का स्कोर किया. पूरे फाइनल के दौरान वे एक बार भी 10 का स्कोर नहीं कर पाए और चीन ने आसानी से गोल्ड मेडल जीत लिया.

स्वाति ने एक दिन में जीते दो मेडल
स्वाति और आदिल मोहम्मद नज़ीर अंसारी ने मिक्स्ड टीम W1 (रिकर्व/कंपाउंड) इवेंट में सिल्वर मेडल जीता. वे चेक गणराज्य की सारका पुल्तार मुसिलोवा और डेविड ड्राहोनिनस्की से 1-5 (31-38, 33-37, 33-33) से हार गए. चेक टीम ने शुरुआती दो राउंड जीतकर 4-0 की बढ़त बना ली. भारत ने वापसी करते हुए तीसरा राउंड ड्रॉ कराया, लेकिन वे मुकाबले को निर्णायक दौर तक नहीं ले जा पाए और चेक गणराज्य ने गोल्ड मेडल जीत लिया.

बता दें, W1 (रिकर्व/कंपाउंड) कैटेगरी गंभीर शारीरिक अक्षमता वाले एथलीटों के लिए पैरा-आर्चरी की एक खास क्लास है.  W1 आर्चर व्हीलचेयर से मुकाबला करते हैं और एक ही इवेंट में रिकर्व या कंपाउंड बो (धनुष) का इस्तेमाल कर सकते हैं.

इसके बाद स्वाति दोपहर के सेशन में लौटीं और W1 ब्रॉन्ज मेडल मुकाबले में एलेना को 6-2 से हराकर दिन का अपना दूसरा मेडल जीता. स्वाति ने पहला राउंड 28-25 से जीता, जबकि अगले दो राउंड 27-27 और 26-26 से टाई रहे. फिर उन्होंने निर्णायक आखिरी राउंड में 26-24 से जीत हासिल की और ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया. इस तरह स्वाति ने एक ही दिन में सिल्वर और ब्रॉन्ज मेडल जीते.

इस बीच, महिलाओं के कंपाउंड टीम इवेंट में चीन की वांग हुइटिंग और गाओ फांगक्सिया से ब्रॉन्ज़ मेडल का प्लेऑफ़ हारने के बाद शीतल और पायल मेडल जीतने से बाल-बाल चूक गईं. भारतीय जोड़ी अपने 16 तीरों में लगातार अच्छा स्कोर बनाए रखने के लिए संघर्ष करती रही और मुकाबले में बने रहने के लिए ज़रूरी हाई-स्कोरिंग एंड नहीं खेल पाई. उनका सबसे अच्छा प्रदर्शन दूसरे एंड में रहा, जब वे 73-74 के स्कोर के साथ सिर्फ़ एक पॉइंट पीछे थीं. हालांकि, तीसरे एंड में खराब प्रदर्शन के कारण चीन ने ब्रॉन्ज़ मेडल जीत लिया.

 

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments