लखनऊ। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव लगातार अपनी प्रेस कांफ्रेंस में योगी सरकार में महिला सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर रहे हैं। इसपर उत्तर प्रदेश सरकार में मत्स्य विभाग मंत्री संजय निषाद ने जोरदार पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव जिस तरह मीडिया के माध्यम से लगातार बयान दे रहे हैं, वह जनता का अपमान है। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव के हर बयान और आरोप का लोग विश्लेषण करते हैं और उसकी तुलना योगी सरकार और सपा शासनकाल से की जाती है। लोग समझदार हैं, सब जानते हैं।
मंत्री संजय निषाद ने कहा कि अखिलेश यादव चाहते हैं कि मीडिया उनके सामने नतमस्तक रहे, लेकिन आज के दौर में ऐसा संभव नहीं है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अब एआई (AI) से बने वीडियो के जरिए भी हमले किए जा रहे हैं। संजय निषाद ने कहा कि चुनाव में AI नहीं जनता वोट डालेगी। मंत्री संजय निषाद ने कहा कि जनता को गुमराह करने वाला नहीं, बल्कि जनता से सीधा जुड़ाव रखने वाला नेता चाहिए।
अंबेडकर और आरक्षण के मुद्दे पर अखिलेश से सवाल
संजय निषाद ने बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर से जुड़े मुद्दों पर भी अखिलेश यादव को घेरा। उन्होंने कहा कि सत्ता में रहने के दौरान बाबा साहेब की मूर्तियां खंडित हुईं और प्रमोशन में आरक्षण खत्म कर दिया गया। निषाद के मुताबिक, दलित समाज के लोग इन मुद्दों पर अखिलेश यादव से सवाल कर रहे हैं और उन्हें इसका जवाब देना पड़ेगा।
निषाद समाज के साथ अन्याय का लगाया आरोप
मंत्री ने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव के राज में निषाद समाज के साथ अन्याय हुआ। संजय निषाद ने निषादों के आरक्षण के मुद्दे पर अखिलेश यादव को घेरा।
सपा शासन में दंगों और कर्फ्यू का लगाया आरोप
संजय निषाद ने समाजवादी पार्टी सरकार के कार्यकाल पर कानून-व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि उस दौर में दंगों की भरमार थी, आए दिन कर्फ्यू लगता था और पीएसी (PAC) तैनात करनी पड़ती थी। संजय निषाद ने कहा कि उस समय हर त्योहार तलवार के साथ मनाया जाता था, जबकि योगी सरकार में अब त्योहार संस्कार के साथ मनाए जाते हैं।
रोजगार और नेताओं की भाषा पर भी निशाना
संजय निषाद ने कहा कि योगी सरकार ने अलग-अलग क्षेत्रों में लोगों को नौकरी देने का काम किया है। उन्होंने कहा कि सरकार के कामों पर जनता ताली बजाती है, जबकि सपा ने गालीबाज पैदा किए और हर समाज से ऐसे नेताओं को पार्टी में जगह दी गई जो गाली देते हैं।




