Thursday, July 2, 2026
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शत-प्रतिशत नामांकन, आउट ऑफ स्कूल बच्चों की विद्यालय वापसी और नियमित उपस्थिति पर रहेगा विशेष फोकस

स्कूल चलो अभियान के दूसरे चरण में 1.32 लाख परिषदीय विद्यालयों में हुआ भव्य प्रवेशोत्सव

– रोली-चंदन का तिलक, पुष्पवर्षा और स्वागत गीतों के साथ बच्चों का किया गया आत्मीय स्वागत

– शत-प्रतिशत नामांकन, आउट ऑफ स्कूल बच्चों की विद्यालय वापसी और नियमित उपस्थिति पर रहेगा विशेष फोकस

– जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों, विद्यालय प्रबंधन समितियों और समुदाय की सहभागिता से अभियान को मिला जन आंदोलन का स्वरूप

लखनऊ,
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के  सहारनपुर से स्कूल चलो अभियान के दूसरे चरण का शुभारंभ करने के साथ ही उत्तर प्रदेश के लगभग 1.32 लाख परिषदीय विद्यालयों में नए शैक्षिक सत्र का उत्साहपूर्ण शुभारंभ हुआ। विद्यालय पहुंचे नन्हे विद्यार्थियों का रोली-चंदन का तिलक लगाकर, पुष्पवर्षा, स्वागत गीतों और तालियों की गूंज के बीच आत्मीय अभिनंदन किया गया। प्रवेशोत्सव के माध्यम से बच्चों और अभिभावकों के लिए विद्यालयों में उत्सव जैसा वातावरण तैयार किया गया, जिससे नए सत्र की शुरुआत उत्साह और आत्मीयता के साथ हो सके।

योगी सरकार द्वारा चलाये जा रहे स्कूल चलो अभियान का उद्देश्य प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, सुरक्षित एवं प्रेरक शिक्षण वातावरण तथा सीखने के समान अवसर उपलब्ध कराना है। अभियान के दूसरे चरण में विद्यालय से बाहर बच्चों की पहचान, उनका नामांकन, ड्रॉपआउट बच्चों की पुनर्वापसी तथा नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया जाएगा। सरकार का लक्ष्य शिक्षा को जनभागीदारी का अभियान बनाते हुए यह सुनिश्चित करना है कि प्रदेश का कोई भी बच्चा विद्यालय और शिक्षा के अधिकार से वंचित न रहे। नए शैक्षिक सत्र के साथ शुरू हुआ यह अभियान उसी संकल्प को धरातल पर साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

मुख्यमंत्री के स्कूल अभियान के शुभारंभ के साथ ही सभी जनपदों के परिषदीय विद्यालयों में प्रवेशोत्सव आयोजित किए गए। शिक्षकों, जनप्रतिनिधियों, विद्यालय प्रबंधन समितियों, अभिभावकों और स्थानीय समुदाय की सहभागिता से बच्चों का स्वागत किया गया। अनेक विद्यालयों में सांस्कृतिक कार्यक्रम, प्रेरक गतिविधियां, पौधरोपण, पुस्तक वितरण और परिचय सत्र आयोजित किए गए, जिससे बच्चों का विद्यालय से भावनात्मक जुड़ाव मजबूत हो सके।

हर बच्चे तक शिक्षा पहुंचाने का संकल्प
अभियान के दूसरे चरण में विशेष रूप से ऐसे बच्चों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा जो अभी तक विद्यालय से नहीं जुड़े हैं या बीच में पढ़ाई छोड़ चुके हैं। घर-घर संपर्क, अभिभावकों से संवाद और सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से प्रत्येक पात्र बच्चे को विद्यालय तक लाने का प्रयास किया जाएगा। इसके साथ ही नियमित उपस्थिति, गुणवत्तापूर्ण शिक्षण और बेहतर अधिगम वातावरण सुनिश्चित करने के लिए भी विशेष प्रयास किए जाएंगे।

पहले चरण में 20 लाख से अधिक नए नामांकन
स्कूल चलो अभियान के पहले चरण में प्रदेशभर में 20 लाख से अधिक बच्चों का नया नामांकन कराया गया। अभियान के अंतर्गत तीन वर्ष आयु के बच्चों का बाल वाटिका तथा छह वर्ष आयु के बच्चों का कक्षा एक में नामांकन कराया जाएगा। साथ ही विद्यालय छोड़ चुके बच्चों की पहचान कर उन्हें पुनः शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। प्रत्येक पात्र बच्चे तक पहुंचने के लिए व्यापक जनजागरूकता गतिविधियां भी आयोजित की जाएंगी।

बच्चों के सर्वांगीण विकास को गति
विद्यालयों में मूलभूत सुविधाओं का विस्तार, समय पर निःशुल्क पाठ्य सामग्री का वितरण तथा बालिकाओं के लिए रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण अभियान जैसे प्रयास बच्चों के सर्वांगीण विकास को गति दे रहे हैं। अभियान का लक्ष्य प्रत्येक बच्चे को विद्यालय तक पहुंचाकर उसे सीखने, आगे बढ़ने और विकसित भारत के निर्माण में सहभागी बनाना है।

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