Monday, August 10, 2026
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आगरा में सीएनजी के रेट में बड़ा अंतर, ग्रीन गैस 105 तो गेल गैस 99 रुपये किलो

लखनऊ
चौतरफा महंगाई की मार के बीच सीएनजी एक बार फिर महंगी हो गई है। ग्रीन गैस ने लखनऊ और आगरा में सीएनजी के दामों में तीन रुपये प्रति किलो का इजाफा कर दिया है। अयोध्या, उन्नाव और सुल्तानपुर में सीएनजी के रेट दो रुपये किलो चढ़े हैं। बढ़ी दरें आठ अगस्त से लागू हो गई हैं। पिछले चार महीनों में आठ रुपए से ज्यादा की बढ़ोतरी हो चुकी है। मई से अगस्त के बीच सीएनजी के दामों में 8.25 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी हो चुकी है।

ग्रीन गैस के महाप्रबंधक (विपणन) प्रवीण सिंह ने बताया कि लखनऊ और आगरा में सीएनजी के दाम 102 से बढ़कर 105 रुपये प्रति किलो हो गए हैं। अयोध्या, उन्नाव व सुलतानपुर में सीएनजी 101.75 रुपये प्रति किलो की दर से मिलेगी।

आगरा में सीएनजी की दो कंपनियां, दोनों के दाम में बड़ा अंतर
ताज संरक्षित क्षेत्र में होने भर से आगरा के हिस्से में तमाम मुश्किलें आ रही हैं। सुप्रीम कोर्ट के तीन दशक पुराने ऐतिहासिक निर्णय के बाद आगरा में सीएनजी को प्रोत्सहित करने के प्रयास किए गए। उद्देश्य था कि ताज संरक्षित क्षेत्र में हरित ऊर्जा प्रदान की जाए। लेकिन यह ऊर्जा अनिवार्य करने के बाद भी जनपद के कुल वाहनों में 10 फीसदी भी सीएनजी चालित नहीं हो सके।

ऑटोमोबाइल वितरकों की मानें तो प्रमुख वजह सीएनजी के उड़ान भरते रेट हैं। वर्तमान में आगरा के उन सभी हिस्सों में सीएनजी 105 रुपये किलो की दर से बिक रही है, जहां ग्रीन गैस लिमिटेड का आपूर्ति नेटवर्क है। वहीं आगरा जनपद में कुछ हिस्सों में गेल गैस को वितरण की जिम्मेदारी मिली हुई है। यहां पर सीएनजी 99 रुपये किलो बिक रही है। पूरे छह रुपये किलो का अंतर है।

एक अगस्त से गेल ने बढ़ाया था रेट
एक अगस्त से पहले तक गेल गैस की सीएनजी का दाम 98 रुपये किलो था। एक अगस्त को कंपनी ने एक रुपये किलो का इजाफा कर दिया। इसके बाद रेट 99 रुपये पहुंचे। वहीं ग्रीन गैस लिमिटेड ने अपने विक्रय दर शनिवार को बढ़ाए हैं। रेट 102 रुपये किलो से बढ़ा कर 105 रुपये किलो कर दिया है। तीन हफ्ते पहले भी गेल गैस ने सीएनजी की दर में ढाई रुपये किलो का इजाफा किया था।

64 महीने में बढ़ गए 44 रुपये
सीएनजी की रेटों में उड़ान 2021 से शुरू हुआ। कोरोना की दूसरी लहर शुरू होने तक विक्रय दर 60.95 रुपये प्रति किलो चल रही थी। उसके बाद तीन बार दरों में संशोधन किया गया। और 30 दिसंबर 2021 को प्रभावी रेट 72.50 रुपये प्रति किलो कर दी गई। बात यहीं थमी नहीं। तीन महीने यह रेट प्रभावी रहने के बाद कंपनी ने 11 रुपये से भी अधिक की वृद्धि कर दी। रेट बढ़कर 83.93 रुपये प्रति किलो हो गया। एक साल भी यह रेट कायम नहीं रह सका। और कंपनी ने इसे सेंचुरी के नजदीक ला दिया।

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