Saturday, October 24, 2026
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Rajgir Mahotsav 2026: ग्रामश्री मेला, सिलाव का खाजा और लोककलाओं का संगम, जानें महोत्सव की खास बातें

बिहारशरीफ(नालंदा)
 अंतरराष्ट्रीय पर्यटन नगरी राजगीर में एक बार फिर संस्कृति, संगीत और स्वाद का संगम देखने को मिलेगा। तीन दिवसीय राजगीर महोत्सव की तैयारियां शुरू हो गई हैं। इस बार महोत्सव 26 नवंबर से शुरू होगा।

28 नवंबर तक ये महोत्सव लगातार चलेगा। पांचवीं बार राजगीर स्टेट गेस्ट हाउस परिसर में यह महोत्सव आयोजित होने जा रहा है। इसमें सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, लोककलाओं और पारंपरिक व्यंजनों के रंग में आगंतुक सराबोर होंगे।

शास्त्रीय संगीत से बॉलीवुड नाइट तक सजेगी शाम
महोत्सव में शास्त्रीय संगीत, लोकनृत्य, सूफी गायन और बॉलीवुड नाइट मुख्य आकर्षण होंगे। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कलाकारों की प्रस्तुतियों से शामें गुलजार होंगी।

सुर-लय-ताल की महफिल के बीच दर्शकों को संगीत और नृत्य की विभिन्न विधाओं का आनंद मिलेगा। इसके साथ ही ग्रामश्री मेला, व्यंजन मेला, कृषि यांत्रिकीकरण प्रदर्शनी और पुस्तक मेला भी लोगों को आकर्षित करेंगे।

ग्रामश्री मेले में दिखेगा देसी हुनर
महोत्सव में ग्रामश्री मेला ग्रामीण उत्पादों और पारंपरिक कलाओं का प्रमुख केंद्र बनेगा। यहां हस्तशिल्प, खादी, हस्तकरघा और काष्ठ कला से बने उत्पादों की खरीदारी का मौका मिलेगा।

स्थानीय कारीगरों को अपने हुनर और उत्पादों को लोगों तक पहुंचाने का मंच मिलेगा। व्यंजन मेले में देशी-विदेशी और पश्चिमी पकवानों के साथ सिलाव के प्रसिद्ध खाजा का स्वाद चखने का अवसर मिलेगा। इससे स्थानीय व्यंजनों और पारंपरिक स्वाद को भी पहचान मिलेगी।

दंगल से तांगा दौड़ तक, दिखेगा रोमांच
सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ पारंपरिक खेल और प्रतियोगिताएं भी महोत्सव की रौनक बढ़ाएंगी। दंगल, तांगा सज्जा और तांगा दौड़ जैसे आयोजन लोगों के आकर्षण का केंद्र होंगे।

इसके अलावा रंगोली, मेहंदी, चित्रकला और ताइक्वांडो प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जाएंगी। इनमें प्रतिभागियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को जिला प्रशासन की ओर से सम्मानित भी किया जाएगा।

स्थानीय कला, शिल्प और व्यंजनों को मिलेगा मंच
पिछले वर्ष किसी कारण से राजगीर महोत्सव का आयोजन नवंबर के बजाय दिसंबर में हुआ था। इस बार नवंबर में आयोजन होने से पर्यटन नगरी की सांस्कृतिक पहचान को नई ऊर्जा मिलने की उम्मीद है।

महोत्सव स्थानीय कला, शिल्प और व्यंजनों को व्यापक मंच प्रदान करेगा। इससे राजगीर आने वाले पर्यटकों को क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत से परिचित होने का अवसर मिलेगा।

सांस्कृतिक विरासत से पर्यटकों को जोड़ने पर जोर
महोत्सव के संबंध में प्रशासनिक पदाधिकारी ने बताया कि इस बार आयोजन का स्वरूप कई मायनों में बदला रहेगा। इसके बावजूद राजगीर की सांस्कृतिक धरोहर से पर्यटकों को परिचित कराने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, पारंपरिक प्रतियोगिताओं और स्थानीय उत्पादों के जरिए महोत्सव को आकर्षक बनाने की तैयारी की जा रही है।

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