Wednesday, October 21, 2026
Google search engine
Homeराज्यमध्य प्रदेश5.50 करोड़ के निर्माण कार्यों पर सवाल, एक सप्ताह बाद भी कार्रवाई...

5.50 करोड़ के निर्माण कार्यों पर सवाल, एक सप्ताह बाद भी कार्रवाई का इंतजार

5.50 करोड़ के निर्माण कार्यों पर सवाल, एक सप्ताह बाद भी कार्रवाई का इंतजार

विलगांव चौधरी पंचायत के 33 निर्माण कार्यों की सूची सामने आने के बाद भी कार्रवाई पर स्थिति स्पष्ट नहीं; मौके पर निर्माण कार्यों के सत्यापन और जिम्मेदारी तय करने की मांग

मुरैना
 विलगांव चौधरी ग्राम पंचायत में करीब 5.50 करोड़ रुपये के 33 निर्माण कार्यों को लेकर सवाल उठाए जाने के एक सप्ताह बाद भी कार्रवाई को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है। निर्माण कार्यों की सूची सामने आने के बाद कई कार्यों की जमीनी हकीकत पर सवाल खड़े हुए थे। आरोप लगाए गए थे कि कुछ निर्माण मौके पर मौजूद नहीं हैं, जबकि कुछ अधूरे हैं और कुछ की गुणवत्ता पर सवाल हैं। इसके बावजूद अब तक जांच और कार्रवाई की स्थिति सामने नहीं आने से जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं।

उपलब्ध दस्तावेज में पेरीफेरल स्टोन बंड, रपटा निर्माण और तालाब-कम-पोखर निर्माण सहित 33 कार्यों का उल्लेख है। इनकी कुल लागत करीब 5.50 करोड़ रुपये बताई गई है। साथ ही 80 लाख रुपये की एक अलग राशि से संबंधित मद का भी जिक्र है। ऐसे में सवाल है कि इन कार्यों की वास्तविक स्वीकृत लागत कितनी है, कितना भुगतान किया गया और कितने निर्माण मौके पर पूरे मिले?

सरपंच-सचिव से उपयंत्री तक की भूमिका की जांच कब?

मामले में सरपंच ऊषा बघेले और उपयंत्री सुनील शाक्य के नाम उपलब्ध दस्तावेज में दर्ज हैं। अब मांग उठ रही है कि जनपद पंचायत जौरा और संबंधित अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंचकर सभी निर्माण कार्यों का भौतिक सत्यापन करे। माप पुस्तिका, बिल-वाउचर, स्वीकृति आदेश और भुगतान रिकॉर्ड का मिलान कराया जाए, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके।

बड़ा सवाल—जांच कब, कार्रवाई कब?

यदि निर्माण कार्यों में गड़बड़ी की शिकायतें सामने आई हैं, तो अब तक जांच की क्या स्थिति है? क्या संबंधित अधिकारियों ने मौके पर निरीक्षण किया? क्या किसी जिम्मेदार से जवाब-तलब किया गया? और यदि अनियमितता मिली है, तो कार्रवाई कब होगी?

फिलहाल मामले में जांच और कार्रवाई की आधिकारिक स्थिति स्पष्ट होना बाकी है। अब देखना होगा कि संबंधित विभाग आरोपों की जांच कर जिम्मेदारी तय करता है या करोड़ों रुपये के निर्माण कार्यों का मामला फाइलों तक ही सीमित रहता है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments