Sunday, October 11, 2026
Google search engine
Homeराज्यपंजाबविधानसभा चुनाव से पहले पंजाब को मिलेगा नया स्थायी DGP, गौरव यादव...

विधानसभा चुनाव से पहले पंजाब को मिलेगा नया स्थायी DGP, गौरव यादव की नियुक्ति लगभग तय

चंडीगढ़
 पंजाब विधानसभा चुनाव से करीब पांच महीने पहले राज्य को स्थायी पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) मिलना लगभग तय हो गया है। 1992 बैच के आइपीएस अधिकारी गौरव यादव को नियमित डीजीपी नियुक्त किया जा रहा है।इसके साथ ही पिछले चार साल से कार्यवाहक डीजीपी के सहारे चल रही पंजाब पुलिस को स्थायी प्रमुख मिलने का रास्ता साफ हो गया है। गौरव यादव जुलाई 2022 से कार्यवाहक डीजीपी की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। हालांकि, उनकी नियुक्ति का औपचारिक आदेश जारी होना अभी बाकी है।

स्थायी डीजीपी की नियुक्ति के लिए पंजाब सरकार ने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) को 14 आइपीएस अधिकारियों के नाम भेजे थे। आयोग ने इन नामों पर विचार करने के बाद तीन अधिकारियों का पैनल राज्य सरकार को भेजा था।

इसमें गौरव यादव के अलावा शरद सत्य चौहान और हरप्रीत सिंह सिद्धू के नाम शामिल हैं। तीनों अधिकारी 1992 बैच के आइपीएस अधिकारी हैं। मुख्यमंत्री की सैद्धांतिक मंजूरी के बाद गौरव यादव के नाम पर अंतिम मुहर लगने की संभावना सबसे अधिक है।

चार साल से अतिरिक्त प्रभार के तहत संभाल रहे थे जिम्मेदारी
गौरव यादव जुलाई 2022 से पंजाब पुलिस के प्रमुख की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। उस समय से उन्हें कार्यवाहक डीजीपी के तौर पर तैनात किया गया था। राज्य में स्थायी डीजीपी की नियुक्ति का मामला लंबे समय तक लंबित रहा। इस दौरान पुलिस प्रमुख की जिम्मेदारी अतिरिक्त प्रभार के तहत चलती रही। अब मुख्यमंत्री की मंजूरी के बाद नियमित नियुक्ति की प्रक्रिया आगे बढ़ने की उम्मीद है।

पैनल में शरद सत्य चौहान और हरप्रीत सिंह सिद्धू भी शामिल
यूपीएससी की ओर से भेजे गए तीन अधिकारियों के पैनल में शरद सत्य चौहान और हरप्रीत सिंह सिद्धू भी शामिल हैं। शरद सत्य चौहान 1992 बैच के आइपीएस अधिकारी हैं और पंजाब में सतर्कता प्रमुख के तौर पर जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। उनकी सेवानिवृत्ति 31 मार्च 2028 को निर्धारित है।

वहीं, हरप्रीत सिंह सिद्धू भी 1992 बैच के आइपीएस अधिकारी हैं और विशेष डीजीपी के पद पर तैनात हैं। उनकी सेवानिवृत्ति 31 मई 2027 को होनी है।

हाई कोर्ट ने 13 अक्टूबर तक मांगी अनुपालन रिपोर्ट
स्थायी डीजीपी की नियुक्ति में देरी का मामला पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट तक पहुंच चुका है। अधिवक्ता निखिल थमन की ओर से दायर जनहित याचिका में लंबे समय तक अतिरिक्त प्रभार के तहत पुलिस प्रमुख की जिम्मेदारी दिए जाने पर सवाल उठाए गए थे।

यूपीएससी से पैनल मिलने के बाद भी नियुक्ति का फैसला लंबित रहा। अब हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को 13 अक्टूबर तक अनुपालन रिपोर्ट देने की समयसीमा दी है।

मुख्यमंत्री भगवंत मान की सैद्धांतिक मंजूरी के बाद इस समयसीमा से पहले नियुक्ति की औपचारिक घोषणा होने की संभावना है। आदेश जारी होने पर गौरव यादव नियमित डीजीपी के तौर पर पंजाब पुलिस की कमान संभालेंगे। इससे चार साल से अधिक समय से चली आ रही कार्यवाहक डीजीपी की व्यवस्था समाप्त हो जाएगी।

 

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments