Thursday, October 22, 2026
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पंजाब विधानसभा सत्र: SIR से लेकर झोटा हत्याकांड तक, विपक्ष के निशाने पर रहेगी सरकार

चंडीगढ़
 पंजाब विधानसभा का छह दिवसीय विशेष सत्र आज से शुरू होगा। 27 अक्टूबर तक चलने वाले इस सत्र में नशा तस्करी, कानून-व्यवस्था और भ्रष्टाचार के मुद्दों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव के आसार हैं। सत्र की शुरुआत दिवंगत हस्तियों को श्रद्धांजलि देने के साथ होगी।

इसके बाद सदन में पांच रिपोर्ट और तीन अहम प्रस्ताव पेश किए जाएंगे। आम आदमी पार्टी सरकार का फोकस केंद्र की भाजपा सरकार पर रह सकता है, जबकि विपक्ष नशे के खिलाफ कार्रवाई और कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर सरकार को घेरने की तैयारी में है।

झोटा हत्याकांड और कानून-व्यवस्था पर घेराबंदी
विपक्ष नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या का मामला सदन में उठा सकता है। कांग्रेस मुख्यमंत्री भगवंत मान के इस्तीफे की मांग भी उठा सकती है।

नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा पहले ही कह चुके हैं कि कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर सरकार को जवाबदेही से बचने नहीं दिया जाएगा। इसके अलावा तुरबंजारा के मजदूर गुलजार सिंह की आत्महत्या के मामले में वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा को घेरने की तैयारी है।

आम आदमी पार्टी नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान की उपलब्धियां गिनाकर विपक्ष के आरोपों का जवाब दे सकती है। पार्टी नशे की समस्या के लिए पिछली सरकारों को जिम्मेदार ठहरा सकती है। साथ ही गुजरात के बंदरगाहों और अंतरराष्ट्रीय सीमा से नशीले पदार्थों की तस्करी रोकने में केंद्र सरकार की भूमिका पर सवाल उठाए जा सकते हैं।

मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रस्ताव की तैयारी
आम आदमी पार्टी सरकार मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रस्ताव लाने की तैयारी में है। वहीं, विपक्ष प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की कार्रवाई को लेकर सरकार को घेर सकता है। आम आदमी पार्टी इन कार्रवाइयों को राजनीतिक बदले की कार्रवाई के तौर पर पेश कर सकती है।

चार हस्तियों को श्रद्धांजलि, पांच रिपोर्ट होंगी पेश
सदन में पूर्व मंत्री चुन्नी लाल भगत, पूर्व सांसद सरदार बस्दिर सिंह बाजवा, पूर्व विधायक रणजीत सिंह और प्रसिद्ध डॉक्टर रतन लाल मित्तल के निधन पर शोक प्रस्ताव पेश किया जाएगा।

सत्र के दौरान पंजाब राज्य वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन की वर्ष 2021-22 की 55वीं वार्षिक रिपोर्ट, पेप्सू रोड ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन के वर्ष 2017-18 के वार्षिक खाते और पंजाब राज्य अनाज खरीद कॉरपोरेशन लिमिटेड (पंग्रेन) की वर्ष 2018-19 की 16वीं वार्षिक रिपोर्ट व खाते सदन के पटल पर रखे जाएंगे।

इसके अलावा ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (गमाडा) के वर्ष 2020-21 और 2021-22 के वार्षिक लेखा विवरण भी पेश किए जाएंगे।

सिल्क रूट, अस्पतालों और मतदाता सूचियों पर प्रस्ताव
विधायक जसवंत सिंह गज्जनमाजरा के प्रस्ताव में मध्य एशियाई देशों के साथ व्यापार को बढ़ावा देने के लिए पुराने सिल्क रूट को दोबारा खोलने का मुद्दा केंद्र सरकार के सामने उठाने की सिफारिश की जाएगी। इसमें किसानों की आत्महत्याओं में कमी और नहरी पानी की उपलब्धता से खेती को हुए लाभ का भी जिक्र होगा।

उनके दूसरे प्रस्ताव में पंजाब के सरकारी अस्पतालों के इमरजेंसी वार्डों का नाम भाई कन्हैया जी के नाम पर रखने और उनके जीवन दिवस को राष्ट्रीय स्तर पर मनाने के लिए कदम उठाने की मांग की जाएगी।

वहीं, नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा का प्रस्ताव विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) के तहत तैयार मतदाता सूचियों को रद्द कर घर-घर भौतिक सत्यापन के आधार पर अपडेट की गई सूचियों से चुनाव कराने की सिफारिश से संबंधित है।

इसमें मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा और चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए यह मामला केंद्र सरकार, सुप्रीम कोर्ट और चुनाव आयोग के समक्ष उठाने की मांग भी शामिल है

27 तक दिन चलेगा सत्र
22 से 27 अक्टबूर तक चलने वाले सत्र के दौरान विपक्ष की रणनीति को भांपते हुए आम आदमी पार्टी द्वारा बुधवार को ही विधायकों को युद्ध नशे के विरुद्ध, गैंग्सटरां ते वार और राज्य में लगातार हो रही नशे की बरामदगी के आंकड़े उपलब्ध करवाए हैं। दो मंत्रियों को देश के विभिन्न राज्यों में नशे के आंकड़ों से अवगत करवाया गया है।

एसआइआर के खिलाफ लाया जाएगा प्रस्ताव

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक पहले दिन एक वरिष्ठ विधायक द्वारा राज्य में हाल ही में संपन्न हुए मतदाता सूचियों के गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) के खिलाफ प्रस्ताव पेश किया जाएगा, जिसमें मांग की गई है कि पंजाब विधानसभा सर्वसम्मति के साथ उक्त प्रस्ताव पास करे कि आगामी विधानसभा चुनाव, एसआइआर होने से पहले मौजूद मतदाता सूचियों के मुताबिक कराया जाए। इसका कारण राज्य में एसआइआर के नाम पर लाखों वोट काट दिए गए हैं, जिसका मतदान पर असर पड़ेगा।

हालांकि यह प्रस्ताव विपक्ष से जुड़े एक विधायक द्वारा लाया जाना है, लेकिन प्रस्ताव का विषय ऐसा है, जिस पर सत्तापक्ष से भी इस प्रस्ताव को समर्थन हासिल होने की संभावना है। इसीलिए यह प्रस्ताव काफी अहम रहेगा।

 

 

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