Saturday, August 8, 2026
Google search engine
Homeराज्यछत्तीसगढ़सरकारी कुर्सी पर राजनीति का रंग? पंचायत सचिव की कथित सोशल मीडिया...

सरकारी कुर्सी पर राजनीति का रंग? पंचायत सचिव की कथित सोशल मीडिया सक्रियता पर कांग्रेस का हमला, निष्पक्ष जांच की उठी मांग

मनेंद्रगढ़/एमसीबी

क्या शासकीय कर्मचारी अपनी संवैधानिक जिम्मेदारियों को भूलकर राजनीतिक विचारधारा के प्रचार-प्रसार का माध्यम बन सकते हैं? यही सवाल इन दिनों मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है। ग्राम पंचायत लालपुर में पदस्थ पंचायत सचिव पर सोशल मीडिया के माध्यम से कथित रूप से राजनीतिक एवं विवादित पोस्ट साझा करने के आरोप ने सरकारी सेवा की निष्पक्षता और आचरण नियमों पर गंभीर बहस छेड़ दी है।

जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अशोक वास्तव ने इस पूरे मामले को प्रशासन की निष्पक्षता से जोड़ते हुए जिला कलेक्टर को शिकायत सौंपकर तथ्यात्मक जांच और विभागीय कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि कोई शासकीय कर्मचारी सार्वजनिक व्हाट्सएप समूहों या सोशल मीडिया मंचों पर राजनीतिक सामग्री साझा करता है, तो यह केवल व्यक्तिगत अभिव्यक्ति का विषय नहीं रह जाता, बल्कि सरकारी सेवा आचरण नियमों और प्रशासनिक निष्पक्षता पर भी प्रश्न खड़े करता है।

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि पंचायत सचिव ने एक व्हाट्सएप समूह में भारत की पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय मती इंदिरा गांधी से संबंधित राजनीतिक एवं विवादित पोस्ट अग्रेषित की। कांग्रेस का दावा है कि इस संबंध में स्क्रीनशॉट भी शिकायत के साथ प्रस्तुत किए गए हैं। यदि जांच में ये आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह शासकीय कर्मचारी के अपेक्षित निष्पक्ष आचरण के विपरीत माना जा सकता है।

अशोक वास्तव ने कलेक्टर से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच कराई जाए तथा दोष सिद्ध होने पर संबंधित कर्मचारी के विरुद्ध सेवा आचरण नियमों के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। शिकायत की प्रतिलिपि पुलिस अधीक्षक और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को भी भेजी गई है।

यह मामला केवल एक सोशल मीडिया पोस्ट तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उस मूल प्रश्न को सामने लाता है कि क्या सरकारी कर्मचारी अपने पद की गरिमा और निष्पक्षता को हर परिस्थिति में बनाए रख रहे हैं। लोकतांत्रिक व्यवस्था में प्रशासन से अपेक्षा की जाती है कि वह राजनीतिक प्रभावों से दूर रहकर निष्पक्ष रूप से कार्य करे। अब निगाहें प्रशासन की जांच पर टिकी हैं कि वह इस शिकायत की सत्यता का परीक्षण किस प्रकार करता है और नियमों के अनुरूप क्या कदम उठाता है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments