Thursday, August 6, 2026
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पटना साइबर पुलिस की कार्रवाई तेज, फरार आरोपी की तलाश में छापेमारी जारी

पटना  
बिहार के उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव को फोन पर अपशब्द कहने और गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी देने वाले शातिर बदमाश के खिलाफ पुलिस को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। पटना साइबर थाने की पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस के आधार पर धमकी देने वाले मुख्य आरोपी की पहचान कर ली है। मिली जानकारी के मुताबिक, जिस मोबाइल फोन से उपमुख्यमंत्री को धमकी भरे कॉल किए गए थे, पुलिस ने उसे शेखपुरा के एक घर में छापेमारी कर जब्त कर लिया है। हालांकि, पुलिस की भनक लगते ही धमकी देने वाला शातिर आरोपी फिलहाल फरार होने में कामयाब रहा, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की विशेष टीमें संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही हैं।

पार्सल और ओटीपी के नाम पर ठगी का प्रयास
यह पूरी घटना सरकारी महकमे से लेकर आम जनता के बीच भारी चर्चा का विषय बनी हुई है। दरअसल, बदमाशों द्वारा सीधे सूबे के उपमुख्यमंत्री से ही पार्सल के नाम पर साइबर ठगी करने का प्रयास किया गया था। घटना वाले दिन डिप्टी सीएम को एक अनजान नंबर से कॉल आया और कॉलर ने उनसे कहा कि आपकी एक पार्सल बुकिंग आई है। जब उन्होंने साफ लहजे में कहा कि उनका कोई पार्सल बुक नहीं है और यह कहकर कॉल काट दिया, तो बदमाश ने उन्हें दोबारा फोन घुमा दिया। इस बार कॉलर ने बेहद शातिर अंदाज में कहा कि आपके नंबर पर एक ओटीपी गया है, उसे जल्दी दीजिए। जब डिप्टी सीएम ने फिर से मना कर दिया, तो अपराधी अपना आपा खो बैठा और फोन पर ही उनके साथ बदतमीजी व गाली-गलौज करते हुए गंभीर परिणाम भुगतने की खुली चेतावनी दे डाली।

साइबर डीएसपी नीतीश चंद्र धारिया ने शुरू की जांच
इस बेहद संवेदनशील मामले को लेकर उपमुख्यमंत्री के निजी सचिव वीरेंद्र कुमार ने बिना कोई वक्त गंवाए पटना के साइबर थाने में एक लिखित शिकायत देकर आधिकारिक तौर पर एफआईआर दर्ज कराई थी। इसके बाद हरकत में आई साइबर पुलिस की टीम ने जब मोबाइल लोकेशन को ट्रेस किया, तो उसके तार सीधे शेखपुरा जिले से जुड़े मिले। मामले की पुष्टि करते हुए साइबर डीएसपी नीतीश चंद्र धारिया ने बताया कि जब्त किए गए मोबाइल फोन की कड़ाई से तकनीकी छानबीन की जा रही है। शुरुआती जांच में ऐसा प्रतीत हो रहा है कि इस मोबाइल का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर लोगों से ऑनलाइन साइबर ठगी करने के लिए किया जा रहा था। डीएसपी ने साफ कहा है कि फरार आरोपी की गिरफ्तारी के बाद ही इस पूरे सिंडिकेट और इसकी असली सच्चाई का पूरी तरह से पर्दाफाश हो सकेगा।

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