Friday, October 2, 2026
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ऑपरेशन शटर डाउन से खुली साइबर धोखाधड़ी की परतें, डिजिटल सिस्टम की सुरक्षा होगी मजबूत

झालावाड़
जनकल्याणकारी योजनाओं और प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) से जुड़े डिजिटल प्लेटफॉर्म की साइबर सुरक्षा को लेकर शासन सचिवालय में समीक्षा बैठक हुई। बैठक में झालावाड़ एसपी अमित कुमार ने साइबर अपराध के खिलाफ जिले में की जा रही कार्रवाई और ‘ऑपरेशन शटर डाउन’ के निष्कर्षों पर प्रस्तुतीकरण दिया। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने प्रस्तुतीकरण की सराहना करते हुए राजस्थान पुलिस को बधाई दी। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए भी झालावाड़ एसपी के प्रयासों की प्रशंसा की।

वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से दिए गए प्रस्तुतीकरण में एसपी अमित कुमार ने ‘ऑपरेशन शटर डाउन’ के दौरान साइबर अपराध से जुड़े मामलों में की गई कार्रवाई, आरोपियों के तौर-तरीकों (Modus Operandi) और जांच के दौरान सामने आई प्रणालीगत कमियों की जानकारी दी। साथ ही, भविष्य में इस तरह की धोखाधड़ी को रोकने के लिए संबंधित विभागों के साथ किए जा रहे समन्वय और निवारक उपायों पर भी चर्चा की गई।

प्रस्तुतीकरण में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN), आपदा प्रबंधन सूचना प्रणाली (DMIS), सामाजिक सुरक्षा पेंशन और जन आधार से जुड़ी व्यवस्थाओं में साइबर सुरक्षा के पहलुओं को भी शामिल किया गया। बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक सुरक्षित और पारदर्शी तरीके से पहुंचाने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म की सुरक्षा व्यवस्था को लगातार मजबूत करना जरूरी है।

मुख्य सचिव ने सोशल मीडिया पर की तारीफ
मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने 1 अक्टूबर को सोशल मीडिया पर पोस्ट कर झालावाड़ एसपी के प्रस्तुतीकरण को “brilliant presentation” बताया। उन्होंने डीबीटी से जुड़ी व्यवस्थाओं में साइबर अपराध से मुकाबले के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए राजस्थान पुलिस को बधाई दी।

उन्होंने संबंधित विभागों को डिजिटल प्लेटफॉर्म की नियमित सुरक्षा समीक्षा करने और सामने आने वाली कमियों को दूर करने के लिए आवश्यक तकनीकी अपडेट सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

एसओजी को सौंपी गई सरकारी योजनाओं में धोखाधड़ी की जांच
बैठक के एजेंडे में सरकारी योजनाओं में हुई धोखाधड़ी की जांच और उसकी प्रभावी निगरानी भी शामिल रही। सरकारी योजनाओं से संबंधित धोखाधड़ी के मामलों की जांच एसओजी को सौंपी गई है। बैठक में जांच की प्रभावी निगरानी और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय को लेकर चर्चा की गई।

DMIS और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की भी समीक्षा
आपदा प्रबंधन, राहत एवं नागरिक सुरक्षा विभाग की ओर से संचालित DMIS योजना के तहत ‘ऑपरेशन शटर डाउन’ के दौरान बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी का पता चला है। बैठक में इस मामले से सामने आए अनुभवों और अन्य योजनाओं की सुरक्षा के लिहाज से उनके उपयोग पर चर्चा की गई। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की ओर से संचालित विभिन्न सामाजिक कल्याण योजनाओं में धोखाधड़ी की स्थिति और उसके निराकरण के उपायों पर भी विचार-विमर्श हुआ।

IT सिस्टम और PM-KISAN पर भी चर्चा
सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग के तहत विभिन्न सामाजिक कल्याण योजनाओं के पोर्टल और आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर के प्रबंधन एवं रखरखाव से जुड़े सुधारात्मक उपायों पर चर्चा हुई। वहीं, सहकारिता विभाग, जो PM-KISAN योजना के क्रियान्वयन में नोडल प्राधिकरण है, से जुड़ी धोखाधड़ी वाली दावों की स्थिति पर भी विचार किया गया। बैठक में साइबर अपराध के बदलते तौर-तरीकों के अनुरूप सरकारी डिजिटल प्लेटफॉर्म की सुरक्षा मजबूत करने, तकनीकी कमियों की पहचान करने और विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया गया।

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