Saturday, August 29, 2026
Google search engine
Homeराज्यहरियाणा में मेडिकल एडमिशन के नए नियम लागू, सीट छोड़ने पर फीस...

हरियाणा में मेडिकल एडमिशन के नए नियम लागू, सीट छोड़ने पर फीस के साथ लगेगा 3 साल का प्रतिबंध

चंडीगढ़
हरियाणा के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस और बीडीएस के छात्र अगर दाखिले के बाद सीट छोड़ते हैं तो उन्हें अगले तीन साल तक प्रवेश के लिए प्रतिबंधित कर दिया जाएगा।

इसके साथ ही 10 लाख रुपये की बांड मनी भी चुकानी होगी। निजी संस्थानों में बीच में कोर्स छोड़ने पर संबंधित शैक्षणिक सत्र की फीस सहित अगले शैक्षणिक सत्र की 50 प्रतिशत फीस भी देनी होगी।

मैनेजमेंट कैटेगरी में दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों पर भी नियम लागू होगा। चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए राज्य के सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त व निजी मेडिकल व डेंटल कॉलेजों में एमबीबीएस और बीडीएस में दाखिले की प्रक्रिया अधिसूचित कर दी है।

85 फीसदी सीटें हरियाणा स्टेट मेरिट कैटगरी में भरी जाएंगी
सरकारी मेडिकल कॉलेजों में कुल सीटों में से 15% सीटें नीट-यूजी की अखिल भारतीय मेरिट व 85% सीटें हरियाणा स्टेट मेरिट कैटेगरी से भरी जाएंगी।

पंडित बीडी शर्मा यूनिवर्सिटी आफ हेल्थ साइंसेज रोहतक को ऑनलाइन संयुक्त केंद्रीयकृत काउंसलिंग कराने की जिम्मेदारी दी है। निजी मेडिकल व डेंटल संस्थानों में 50% सीटें स्टेट कोटा व 50% मैनेजमेंट कैटेगरी में रहेंगी।

एनआरआइ कोटा मैनेजमेंट कैटेगरी में से 15% होगा। स्टेट कोटा की पांच प्रतिशत सीटें दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए आरक्षित रहेंगी। ओपन मेरिट-स्टेट कोटा सीटों के लिए अभ्यर्थी का हरियाणा का मूल निवासी होना जरूरी है। मैनेजमेंट कैटेगरी के लिए पूरे भारत से अभ्यर्थी पात्र होंगे।

निजी कॉलेज में एकमुश्त एडवांस राशि नहीं होगी जमा
निजी मेडिकल कॉलेज पूरे कोर्स की ट्यूशन फीस एकमुश्त एडवांस जमा नहीं करा सकेंगे। सरकारी मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस की पांच वर्षों की वार्षिक फीस चार लाख 22 हजार 910 रुपये व सरकारी सहायता प्राप्त मेडिकल कॉलेज में आठ लाख 10 हजार रुपये होगी। रजिस्ट्रेशन-कम-काउंसलिंग फीस सामान्य श्रेणी के लिए 2500 रुपये, हरियाणा के आरक्षित श्रेणी के लिए 1250 रुपये और एनआरआइ के लिए 10,000 रुपये निर्धारित की है।

तीन साल का प्रतिबंध भी लगेगा, निजी संस्थानों में बीच में कोर्स छोड़ने वाले छात्र को अगले सत्र की 50% फीस भी देनी होगी
अभ्यर्थी को भरना पड़ेगा बांड सरकारी मेडिकल कॉलेजों के लिए पुरुष अभ्यर्थियों को 25 लाख 77 हजार 90 रुपये व महिला अभ्यर्थियों को 23 लाख 19 हजार 381 रुपये का बांड भरना होगा।

सरकारी सहायता प्राप्त मेडिकल कालेज में यह राशि पुरुषों के लिए 21 लाख 90 हजार और महिलाओं के लिए 19 लाख 71 हजार रुपये रखी है।

 

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments