Wednesday, August 26, 2026
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हरियाणा में कोचिंग की नई नीति लागू, भ्रामक दावों और ‘अप्रूव्ड’ शब्द के इस्तेमाल पर रोक

चंडीगढ़.

हरियाणा के उच्च शिक्षा विभाग ने निजी कोचिंग संस्थानों के संचालन को लेकर नियमों को अब स्पष्ट रूप से लागू करने की व्यवस्था कर दी है। विभाग ने 24 अगस्त 2026 को हरियाणा प्राइवेट कोचिंग इंस्टीट्यूट्स (रजिस्ट्रेशन एंड रेगुलेशन) रूल्स, 2026 की अधिसूचना जारी की है।

ये नियम राजपत्र में प्रकाशन की तारीख से प्रभावी होंगे। नई व्यवस्था के तहत पहले से चल रहे और नए स्थापित होने वाले प्रत्येक निजी कोचिंग संस्थान को संबंधित जिला प्राधिकरण के निर्धारित पोर्टल पर फार्म-1 के पार्ट-1 और पार्ट-2 में ऑनलाइन आवेदन करना होगा। इसके साथ 10 हजार रुपये रजिस्ट्रेशन फीस इलेक्ट्रानिक माध्यम से जमा करनी होगी। जिला प्राधिकरण आवेदन की 30 दिन में जांच करेगा। कमी मिलने पर संस्थान को उसे दूर करने के लिए 10 दिन का समय दिया जाएगा। आवेदन पूरा पाए जाने पर रजिस्ट्रेशन प्रमाणपत्र जारी होगा, जिसकी वैधता तीन वर्ष होगी।

मान्यता प्राप्त शब्द नहीं कर सकते इस्तेमाल
नए नियमों में कोचिंग संस्थानों के प्रचार को लेकर भी महत्वपूर्ण प्रविधान किया गया है। संचालक को केवल "रजिस्टर्ड कोचिंग इंस्टीट्यूट" शब्द का इस्तेमाल करना होगा। साइन बोर्ड, प्रास्पेक्टस या किसी भी प्रकार के प्रचार-प्रसार में "संबद्ध" या "मान्यता प्राप्त" शब्दों का इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा। इसके अलावा स्कूल या किसी शिक्षण संस्थान में पढ़ रहे विद्यार्थियों की कोचिंग कक्षाएं उनके स्कूल/संस्थान के अध्ययन या कार्य समय के दौरान नहीं चलाने की शर्त रखी गई है। कोचिंग संस्थान को शिक्षकों की योग्यता, कक्षा की समय-सारणी, फीस स्ट्रक्चर और सामान्य जानकारी वेबसाइट तथा संस्थान के प्रमुख स्थान पर प्रदर्शित करनी होगी।

फीस, रिफंड और "ईजी एग्जिट" का ब्यौरा देना होगा
रजिस्ट्रेशन आवेदन के साथ संस्थान को अपने पाठ्यक्रम की जानकारी, उसे पूरा करने की अवधि, ट्यूशन फीस समेत सभी प्रकार की फीस, फीस रिफंड पालिसी, ईजी एग्जिट, लेक्चर, ट्यूटोरियल, ग्रुप डिस्कशन और टेस्ट शेड्यूल की जानकारी देनी होगी। प्रत्येक बैच में अधिकतम विद्यार्थियों की संख्या तथा शिक्षकों और काउंसलर की शैक्षणिक योग्यता और बायोडाटा भी देना होगा।

कोचिंग सेंटर में सुविधाओं की भी होगी जांच
आवेदन में संस्थान को फर्नीचर, रोशनी, पीने का पानी, पुरुष और महिला के लिए अलग शौचालय, अग्नि सुरक्षा, प्राथमिक चिकित्सा, पार्किंग, पुस्तकालय/रीडिंग रूम, वाई-फाई, स्मार्ट बोर्ड, कंप्यूटर लैब, हॉस्टल और कैंटीन जैसी सुविधाओं की स्थिति बतानी होगी। इसके साथ ही स्टाफ के चरित्र एवं पूर्ववृत्त के पुलिस सत्यापन, फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट, स्ट्रक्चर स्टेबिलिटी सर्टिफिकेट और दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए भवन के बाधारहित होने की जानकारी भी देनी होगी।

हर साल रिकॉर्ड रखना और वेबसाइट पर अपलोड करना जरूरी
अधिनियम के तहत पंजीकृत प्रत्येक निजी कोचिंग संस्थान को फार्म-4 में निर्धारित रिकॉर्ड रखना और अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड करना होगा। इसकी जानकारी हर वर्ष संबंधित जिला प्राधिकरण को देनी होगी। रिकॉर्ड में भवन का मालिकाना/किराये का दस्तावेज, कुल क्षेत्रफल, बैचवार विद्यार्थियों की संख्या, छात्रों की उम्र-योग्यता-संपर्क विवरण, पाठ्यक्रम और फीस, फीस रिफंड नीति, शिक्षकों का पूरा विवरण, टाइम टेबल, कोचिंग लेने वाले और सफल विद्यार्थियों का विवरण, वेबसाइट अपडेट का अंतराल, आपातकालीन चिकित्सा सुविधा, हास्टल शुल्क, शिकायत निवारण व्यवस्था और चार्टर्ड अकाउंटेंट से ऑडिट किए गए वार्षिक खाते शामिल होंगे।

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