Thursday, July 30, 2026
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National Highway Project: हरियाणा को ₹50,187 करोड़ की सौगात, मेगा निवेश से तैयार होंगे नए हाईवे

चंडीगढ़.

हरियाणा में राष्ट्रीय राजमार्गों के विस्तार पर केंद्र सरकार का निवेश लगातार जारी है। भारतमाला परियोजना के तहत प्रदेश में करीब 1,114 किलोमीटर लंबे राष्ट्रीय राजमार्गों के लिए 50,187 करोड़ रुपये की परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं।

इनमें से 804 किलोमीटर लंबाई के 27 प्रोजेक्ट पूरे होकर लोगों को बेहतर सड़क संपर्क उपलब्ध करा चुके हैं, जबकि शेष 310 किलोमीटर लंबाई वाले नौ प्रोजेक्टों पर विभिन्न चरणों में निर्माण कार्य जारी है।
लोकसभा में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, निर्माणाधीन नौ परियोजनाओं की कुल स्वीकृत लागत 12,793 करोड़ रुपये से अधिक है। इन परियोजनाओं में तकनीकी, प्रशासनिक और स्थानीय स्तर की चुनौतियों के कारण समय-सीमा बढ़ानी पड़ी है, ताकि निर्माण कार्य गुणवत्ता के साथ पूरा किया जा सके। भिवानी-महेंद्रगढ़ के भाजपा सांसद धर्मबीर सिंह ने लोकसभा में इस मुद्दे पर सरकार से सवाल पूछा था।

केंद्र सरकार के अनुसार, परियोजनाओं में देरी के प्रमुख कारणों में भूमि अधिग्रहण संबंधी बाधाएं, वैधानिक मंजूरियों में विलंब, यूटिलिटी शिफ्टिंग, किसानों की आपत्तियां, ग्रेप के तहत निर्माण संबंधी प्रतिबंध, निर्माण सामग्री एवं खनिजों की उपलब्धता में दिक्कतें, कुछ ठेकेदारों का कमजोर प्रदर्शन तथा कोविड-19, अत्यधिक वर्षा और अन्य अप्रत्याशित परिस्थितियां शामिल हैं।

निर्माणाधीन प्रमुख परियोजनाओं में डीएनडी-फरीदाबाद-बल्लभगढ़ बाइपास, केएमपी लिंक और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे तक ग्रीनफील्ड कनेक्टिविटी परियोजना शामिल है। लगभग 2,414 करोड़ रुपये की लागत वाले इस प्रोजेक्ट की समय-सीमा राज्य सरकार की ओर से एलिवेटेड हिस्से का दायरा बढ़ाने के प्रस्ताव के बाद आगे बढ़ाई गई है। इसके अलावा गुरुग्राम-पटौदी-रेवाड़ी, शामली-अंबाला (भाग-2 एवं भाग-3), करनाल रिंग रोड तथा इस्माइलाबाद-अंबाला सेक्शन जैसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट भी निर्माणाधीन हैं।

केंद्र सरकार का कहना है कि इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद हरियाणा में दिल्ली-एनसीआर, औद्योगिक क्षेत्रों और पड़ोसी राज्यों के बीच कनेक्टिविटी और अधिक मजबूत होगी। इससे माल परिवहन तेज होगा, यात्रा समय घटेगा और प्रदेश के आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी।

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