Friday, September 11, 2026
Google search engine
Homeदेशममता बनर्जी की पार्टी के सामने नंदीग्राम की चुनौती, उपचुनाव से पहले...

ममता बनर्जी की पार्टी के सामने नंदीग्राम की चुनौती, उपचुनाव से पहले उम्मीदवार को लेकर बढ़ा सस्पेंस

कलकत्ता

पश्चिम बंगाल का नंदीग्राम उपचुनाव रोचक होता जा रहा है। ममता बनर्जी की पार्टी के नेता पहले ही मैदान से दूरी बना रहे हैं। इसका ताजा उदाहरण वरिष्ठ नेता अबु ताहिर का बयान है, जिसमें उन्होंने साफ कर दिया है कि वह चुनाव नहीं लड़ेंगे। साथ ही ममता बनर्जी को ही उतरने के लिए कहा है। खास बात है कि साल 2021 में टीएमसी सुप्रीमो को नंदीग्राम से हार का सामना करना पड़ा था। जबकि, 2026 में भी पार्टी यहां से हारी। दोनों ही चुनावों में अब मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी को जीत मिली थी।

नंदीग्राम सीट पर उपचुनाव के लिए 6 अक्तूबर को वोटिंग होने जा रही है और 9 अक्तूबर को नतीजों का ऐलान हो जाएगा। इधर, ऋतब्रत बनर्जी की अगुवाई वाले टीएमसी के दूसरे गुट ने भी ममता बनर्जी और सांसद अभिषेक बनर्जी को उपचुनाव लड़ने की चुनौती दे दी है। हालांकि, अब तक तय नहीं है कि टीएमसी किसे उम्मीदवार बनाने जा रही है।

चुनाव लड़ने से साफ इनकार
ताहिर ने कहा, 'ममता बनर्जी को नंदीग्राम उपचुनाव में आकर चुनाव लड़ना चाहिए। जब तृणमूल सत्ता में थी, तब वह चुनाव लड़ने के लिए आई थीं। अब मैं चुनाव क्यों लड़ूं?' पीटीआई भाषा के मुताबिक, उन्होंने कहा, 'टीएमसी के सत्ता में रहने के 15 वर्षों के दौरान मुझे क्या मिला? इन 15 वर्षों में मुझे कभी भी टीएमसी का उम्मीदवार नहीं माना गया। मुझे अयोग्य समझा गया। फिर अब मुझे बलि का बकरा बनाने के लिए क्यों चुना जाना चाहिए?' उन्होंने साफ कर दिया है कि अगर चुनाव लड़ने के बारे में राय ली जाती है, तो 'मैं इनकार कर दूंगा।'

क्या ममता बनर्जी लड़ेंगी चुनाव
एनडीटीवी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, कई नेताओं का मानना है कि भारतीय जनता पार्टी के बंगाल में बढ़ते प्रभाव और टीएमसी में टूट देखते हुए ममता बनर्जी को मैदान में उतरना चाहिए। हालांकि, इसे लेकर उन्होंने आधिकारिक रूप से कुछ नहीं कहा है। चैनल से बातचीत में नेताओं का कहना है कि विधायक बनकर ममता लोगों के मुद्दे उठा सकती हैं और नेता प्रतिपक्ष बन सकती हैं।

अटकलें ये भी हैं कि टीएमसी वरिष्ठ नेता अखिली गिरी पर दांव खेल सकती है। फिलहाल, आधिकारिक रूप से कुछ नहीं कहा गया। मंगलवार को मजिस्ट्रेट ने एक बैठक भी बुलाई थी, जिसमें लगभग सभी दल मौजूद थे। जबकि, टीएमसी गायब रही और इस कदम को उम्मीदवार नहीं मिलने से जोड़कर देखा जाने लगा था।

बागी गुट भी चुनौती दे रहा
बागी गुट के प्रवक्ता रिजू दत्ता ने उनके बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा ,'अबू ताहेर सही हैं। उन्हें अब चुनाव क्यों लड़ना चाहिए। यदि ममता बनर्जी चुनाव लड़ने की इच्छुक नहीं हैं तो उनके भतीजे और सभी कुछ जानने वाले राजनीतिज्ञ अभिषेक को ही चुनाव लड़ जाना चाहिए।'

TMC को दो बार लगी चोट
साल 2021 में 1956 वोट से हारी टीएमसी और तब ममता बनर्जी ही पार्टी की उम्मीदवार थीं। इसके बाद टीएमसी को दूसरा झटका 2026 में लगा जब पार्टी के नेता पवित्र कर भी 9 हजार से ज्यादा वोटों से हार गए। खास बात है कि दोनों ही मौकों पर विजेता शुभेंदु अधिकारी रहे थे। हालांकि, उन्होंने 2026 में दो सीटों पर जीत के बाद भवानीपुर को बरकरार रखा।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments