Tuesday, July 14, 2026
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MP Rain Alert: 22 जिलों में आज बारिश की संभावना, 16 जुलाई से नया वेदर सिस्टम लाएगा झमाझम बरसात

भोपाल 

मध्य प्रदेश में देर से पहुंचे मानसून की रफ्तार फिलहाल थम गई है. राज्य के लगभग 60 प्रतिशत हिस्से से बारिश के बादल गायब दिख रहे हैं. मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले पांच दिनों तक बारिश की संभावना नहीं दिख रही है। आईएमडी (IMD) के अनुसार, 16 जुलाई से नया सिस्टम एक्टिव हो सकता है, जिसके बाद तेज बारिश होने का अनुमान है. राज्य में फिलहाल कुछ जिलों में हल्की बारिश की ही संभावना जताई जा रही है। 

आज इन जिलों में हल्की बारिश के आसार
मध्य प्रदेश के ज्यादातर हिस्से से बादल गायब हैं तो कुछ जिलों में बारिश की संभावना है. आज राज्य के सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, बैतूल, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, धार और अलीराजपुर जिले में बारिश का अनुमान जताया गया है। 

 IMD (मौसम केंद्र) की माने तो 16 जुलाई से नया सिस्टम एक्टिव हो सकता है। इससे तेज बारिश के संकेत है।इससे पहले प्रदेश में हल्की बारिश का दौर जारी रहेगा। सोमवार को 22 जिले- सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, बैतूल, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, धार और आलीराजपुर में बादल और हल्की बारिश के आसार है।

वहीं, नीमच, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ, आगर-मालवा, इंदौर, उज्जैन, राजगढ़, शाजापुर, देवास, विदिशा, भोपाल, सीहोर, हरदा, नर्मदापुरम, रायसेन, नरसिंहपुर, जबलपुर, कटनी, दमोह, पन्ना, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया और ग्वालियर में धूप खिली रहेगी।

कहीं भी तेज बारिश नहीं, रिमझिम होती रहेगी मौसम एक्सपर्ट शैलेंद्र कुमार नायक ने बताया कि प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की सक्रियता में फिलहाल कमी देखने को मिल रही है। इस वजह से पिछले 4-5 दिन से प्रदेश में कहीं भी भारी या अति भारी बारिश नहीं हुई है। अगले कुछ दिन तक रिमझिम बारिश जरूर होती रहेगी। 16 जुलाई से ज्यादा असर दिखेगा।

मानसून क्यों हुआ कमजोर? एक्सपर्ट नायक ने बताया, वर्तमान में मानसून को एक्टिव करने वाली प्रमुख मौसम प्रणालियां कमजोर पड़ गई हैं अथवा उनका प्रभाव मध्य प्रदेश से दूर चला गया है। यही कारण है कि अधिकांश क्षेत्रों में केवल बादल छाए रहने और हल्की फुहारों जैसी स्थिति बनी हुई है।

9 दिन की देरी से पहुंचा मानसून 
मध्य प्रदेश में मानसून 24 जून को पहुंचा था और 9 दिन में पूरे राज्य में फैल गया. इस बार राज्य में मानसून 9 दिन की देरी से आया था, जो अमूमन 10-14 जून के बीच पहुंच जाता है. देरी से आने के कारण बारिश भी कम हुई. इस वजह से जून में 30 प्रतिशत कम बारिश हुई, लेकिन जुलाई में मानसून खूब बरसा. इस माह तो लगातार 9 दिन तक भारी बारिश होती रही. इस वजह से बारिश 8 प्रतिशत ज्यादा हो गई है। 

देश के राज्यों के साथ मानसून मध्यप्रदेश से भी खफा हो गया है. प्रदेश के करीब 60 प्रतिशत हिस्से से मानसून के बादल पूरी तरह से गायब हो चुके हैं, जिससे लोगों को भीषण गर्मी और उमस का सामना करना पड़ रहा है. मौसम केंद्र भोपाल के अनुसार अगले 5 दिनों तक राज्य में कहीं भी भारी बारिश होने के आसार नहीं हैं. एक ओर जहां अगले 24 घंटे में यूपी बिहार में मानसून की जोरदार बारिश होने के आसार हैं, तो वहीं दूसरी ओर मध्य प्रदेश अगले 3-4 दिनों तक बारिश को तरस सकता है, जिससे किसानों की परेशानी भी बढ़ सकती है। 

अगले 5 दिन नहीं होगी भारी बारिश, मामूली बारिश के आसार
​मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा के अनुसार, '' मध्यप्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की सक्रियता में फिलहाल कमी आई है. यही वजह है कि पिछले 4-5 दिनों से प्रदेश के किसी भी हिस्से में भारी या अति भारी बारिश रिकार्ड नहीं की गई है. आगामी पांच दिनों तक भारी चेतावनी का कोई अलर्ट नहीं है. इस दौरान केवल स्थानीय स्तर पर बादलों की आवाजाही बनी रहेगी और कुछ क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ रिमझिम बारिश या बौछारें गिर सकती हैं, जिससे तापमान में आंशिक उतार-चढ़ाव बना रहेगा। 

आखिर कहां थम गई मानसून की बारिश?
​मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, '' वर्तमान में मानसून ट्रफ श्रीगंगानगर, हिसार, मेरठ, शाहजहांपुर, गोरखपुर, मुजफ्फरपुर और वहां से पूर्व की ओर दक्षिण असम से होकर गुजर रही है. इसके साथ ही एक पश्चिमी विक्षोभ मध्य क्षोभमंडलीय पछुआ हवाओं में एक ट्रफ के रूप में मध्य समुद्र तल से 5.8 किलोमीटर ऊपर देशांतर 72 डिग्री पूर्व और अक्षांश 30 डिग्री उत्तर में बना हुआ है. उत्तर-पूर्वी बिहार और दक्षिण बांग्लादेश के आसपास भी ऊपरी हवा में साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय हैं. इन्हीं सिस्टमों के प्रभाव से 16 जुलाई से राज्य में मानसून के दोबारा जोर पकड़ने की उम्मीद है। 

यहां छा सकते हैं बादल, मामूल फुहार की संभावना
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार सोमवार को राज्य के 22 जिलों में बादलों की आवाजाही और मामूल फुहार पड़ने संभावना जताई गई है. इन जिलों में सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरोली, मैहर, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, बैतूल, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, बड़वानी, धार और अलीराजपुर शामिल हैं। 

​भोपाल और इंदौर सताएगी उमस और गर्मी
प्रदेश का एक बड़ा हिस्सा ऐसा भी रहेगा जहां मौसम पूरी तरह शुष्क रहेगा. मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार नीमच, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ, आगर-मालवा, इंदौर, उज्जैन, राजगढ़, शाजापुर, देवास, विदिशा, भोपाल, सीहोर, हरदा, नर्मदापुरम, रायसेन, नरसिंहपुर, जबलपुर, कटनी, दमोह, पन्ना, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया और ग्वालियर में सोमवार को तेज धूप खिली रहेगी. इन क्षेत्रों में बादलों के साफ रहने से दिन के तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है, जिससे गर्मी और उमस से बेचैनी हो सकती है। 

अब उम्मीद बंगाल की खाड़ी से एक्सपर्ट नायक ने बताया कि 13 से 19 जुलाई के दौरान उत्तर बंगाल की खाड़ी में एक नया ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण यानी, साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम बनने का अनुमान है। यदि यह सिस्टम निम्न दाब क्षेत्र में बदला तो प्रदेश में फिर से तेज बारिश का दौर शुरू हो जाएगा।

मौसम विभाग का अनुमान है कि प्रशांत महासागर में 3 नए सिस्टम बन रहे हैं, अगर इनमें से एक भी बंगाल की खाड़ी तक पहुंच गया तो मानसून फिर से एक्टिव हो सकता है।

बारिश का आंकड़ा सिर्फ 1 प्रतिशत ज्यादा प्रदेश में पिछले 5 दिन से भारी बारिश नहीं हुई है। इस वजह से 30 प्रतिशत वाला आंकड़ा अब 1 प्रतिशत पर आकर ठहर गया है। रविवार की बात करें तो प्रदेश में अब तक सिर्फ एक प्रतिशत बारिश ही ज्यादा दर्ज की गई है।

मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में अब तक 241.8 मिमी (9.5) बारिश हो चुकी है, जो सामान्य बारिश के 239.8 मिमी (9.4) से 1% अधिक है। हालांकि, यह कोटे की 25 प्रतिशत है।

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