Sunday, October 11, 2026
Google search engine
Homeराज्यउत्तर प्रदेशकफ सिरप तस्करी मामले में बड़ा खुलासा, नेपाल-बांग्लादेश तक सप्लाई और दुबई...

कफ सिरप तस्करी मामले में बड़ा खुलासा, नेपाल-बांग्लादेश तक सप्लाई और दुबई निवेश की जांच तेज़

लखनऊ
उत्तर प्रदेश में कोडीनयुक्त कफ सिरप की कमाई से बढ़ा कारोबार दुबई और अन्य देशों तक पहुंचा है। कोडीनयुक्त कफ सिरप के अवैध कारोबार की जांच में अब सप्लाई नेटवर्क से लेकर रकम के कथित हवाला हस्तांतरण और दुबई में निवेश तक के साक्ष्य मिले है।

उत्तर प्रदेश एसटीएफ की जांच से जुड़े इनपुट के अनुसार, मामले के आरोपित शुभम जायसवाल ने अपने पिता के नाम पर झारखंड में शैली ट्रेड्स फर्म बनाई थी। तीन अलग-अलग फर्मों के जरिए कई स्तरों पर बिलिंग कराता था और इसी व्यवस्था के माध्यम से कारोबार का नेटवर्क संचालित किया जा रहा था।

500 करोड़ रुपये के दुबई में होटल कारोबार की जानकारी
जांच में करीब 500 करोड़ रुपये के दुबई में होटल कारोबार की जानकारी भी सामने आई है। आरोप है कि कफ सिरप के कारोबार से अर्जित रकम का एक हिस्सा हवाला के जरिये दुबई पहुंचाया गया, जहां शुभम अपने मौसेरे भाई गौरव जायसवाल के साथ होटल कारोबार कर रहा है। इस रकम के स्रोत और निवेश से जुड़े तथ्यों की पुष्टि जांच के दस्तावेजों के आधार पर महत्वपूर्ण होगी।

38 हजार पन्नों की चौथी चार्जशीट
एसटीएफ ने इस मामले में करीब 38 हजार पन्नों की चौथी चार्जशीट लखनऊ एनडीपीएस, न्यायालय में दाखिल की है। इसमें शुभम जायसवाल, उसके मौसेरे भाई गौरव जायसवाल, विकास सिंह नर्वे और अमित जायसवाल को आरोपित किया गया है। चार्जशीट में लेनदेन, बिलिंग और वर्क ऑर्डर से जुड़े दस्तावेज शामिल किए जाने की जानकारी है।

14 आरोपितों के विरुद्ध चार्जशीट
इससे पहले दाखिल आरोपपत्रों के साथ अब तक 14 आरोपितों के विरुद्ध चार्जशीट दाखिल किए जाने की बात सामने आई है। एसटीएफ की जांच में वाराणसी, चंदौली, सोनभद्र और गाजियाबाद समेत कई जिलों में शैली ट्रेड्स के माध्यम से बिलिंग किए जाने की कड़ियां सामने आई हैं। जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि संबंधित फर्मों के जरिए खरीदे और बेचे गए सिरप की वास्तविक सप्लाई कहां हुई और रकम का लेनदेन किन खातों के माध्यम से किया गया।

कोडीनयुक्त सिरप की सप्लाई नेपाल व बांग्लादेश की सीमा पार
एसटीएफ जांच में कोडीनयुक्त कफ सिरप की सप्लाई नेपाल और बांग्लादेश की सीमा पार किये जाने की पुष्टी हुई हैं। इस पहलू में यह पता लगाना अहम है कि माल किन खरीदारों तक पहुंचा और सीमा पार नेटवर्क में किन लोगों की भूमिका थी। कोडीनयुक्त कफ सिरप का नशे के लिए दुरुपयोग किए जाने की आशंका के बीच एसटीएफ बिलिंग और सप्लाई के दस्तावेजों का मिलान कर रही है।

अवैध कारोबार करीब दो वर्ष से चल रहा
जांच में यह भी आरोप है कि संबंधित अवैध कारोबार करीब दो वर्ष से चल रहा था। दिसंबर 2024 के अंतिम दिनों में जांच एजेंसी की ओर से नोटिस भेजे जाने के बाद कारोबार रोकने और जनवरी-मार्च 2025 में बचे हुए माल को फिर बेचने की कोशिश किए जाने की जानकारी सामने आई। इसके बाद जांच और गिरफ्तारियों का दायरा बढ़ने पर शुभम और गौरव भारत छोड़कर दुबई भाग गया। अब दुबई में होटल कारोबार, निवेश के स्रोत और भारत में संचालित फर्मों के साथ संभावित वित्तीय संबंधों की पुष्टि हुई है।

बैंक खातों और सप्लाई रूट की पड़ताल कर साक्ष्य जुटाए
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन और एसटीएफ ने पिछले वर्ष इस सिंडिकेट का खुलासा किया था। जांच में सामने आया कि गिरोह एबॉट कंपनी से कफ सिरप की खेप खरीदकर विभिन्न राज्यों में बेचता था और इसकी आपूर्ति नेपाल व बांग्लादेश तक करता था। एसटीएफ ने नेटवर्क, बैंक खातों और सप्लाई रूट की पड़ताल कर साक्ष्य जुटाए हैं। जांच के मुताबिक, अवैध कारोबार से कई सौ करोड़ रुपये की कमाई की गई। चार्जशीट में शुभम व गौरव के अलावा अमित जायसवाल और विकास सिंह नर्वे को भी आरोपी बनाया गया है।

 

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments