Sunday, August 23, 2026
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बिहार में यात्रियों को बड़ी राहत, एक कार्ड से दिल्ली-मुंबई तक सफर और टोल भुगतान की सुविधा

पटना
 बिहार में जल्द ही एसी-डिलक्स बस, पटना मेट्रो और रेल से यात्रा करने के लिए अलग-अलग टिकट या कार्ड रखने की जरूरत नहीं होगी। राज्य में नेशनल कामन मोबिलिटी कार्ड (एनसीएमसी) लागू करने की तैयारी शुरू हो गई है। इसके तहत एक ही कार्ड से कई परिवहन माध्यमों में यात्रा की सुविधा मिल सकेगी।

परिवहन विभाग ने शुरू की तैयारी, वेंडर की तलाश
परिवहन विभाग के सचिव राजकुमार ने अधिकारियों को एनसीएमसी से संबंधित प्रस्ताव जल्द तैयार करने का निर्देश दिया है।

इसके लिए वेंडर की तलाश भी शुरू कर दी गई है। उत्तर प्रदेश और दिल्ली समेत कई राज्यों में यह व्यवस्था पहले से लागू है।

बिहार के कार्ड से दिल्ली-मुंबई में भी सफर संभव
एनसीएमसी का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि बिहार में जारी कार्ड का इस्तेमाल दूसरे राज्यों के सार्वजनिक परिवहन में भी किया जा सकेगा।

बिहार का यात्री दिल्ली, लखनऊ या मुंबई जाने पर वहां अलग मेट्रो कार्ड या बस टिकट लेने की जरूरत से बच सकता है। टोल भुगतान में भी कार्ड के इस्तेमाल की सुविधा होगी

बस-मेट्रो में टच करते ही होगा डिजिटल भुगतान
यह कार्ड रुपे कार्ड की तरह काम करेगा। यात्री कार्ड को संबंधित मशीन पर टच कर भुगतान कर सकेंगे। इससे टिकट काउंटर पर लंबी कतार में लगने की जरूरत कम होगी। कार्ड को यूपीआइ के माध्यम से रिचार्ज करने की सुविधा भी उपलब्ध होगी।

अब मोबाइल पर पता चलेगा आपकी बस कहां पहुंची
परिवहन विभाग यात्रियों की सुविधा के लिए ‘व्हेयर इज माय बस’ एप भी विकसित करने की तैयारी कर रहा है। यह एप ‘व्हेयर इज माय ट्रेन’ की तर्ज पर काम करेगा। यात्री मोबाइल पर बस की लोकेशन और उसके संभावित पहुंचने का समय देख सकेंगे।

लाइव ट्रैकिंग से बस अड्डों पर भीड़ होगी कम
एप के माध्यम से बिहार राज्य परिवहन निगम की बसों की लाइव ट्रैकिंग की जाएगी। इसमें ई-टिकटिंग समेत अन्य सेवाओं को भी जोड़ा जाएगा। इससे यात्रियों को बस के इंतजार में लंबे समय तक बस अड्डे पर खड़े रहने की जरूरत नहीं होगी।

यात्रियों के साथ स्वजनों का भी बचेगा समय
बस की लाइव लोकेशन मिलने से यात्रियों को अपनी यात्रा की बेहतर जानकारी मिलेगी। उन्हें लेने आने वाले स्वजन भी बस के पहुंचने का अनुमान पहले से लगा सकेंगे।

विभाग का मानना है कि इससे बस अड्डों पर अनावश्यक भीड़ कम होगी और यात्रियों के साथ उनके स्वजनों का समय भी बचेगा।

 

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