Thursday, June 18, 2026
Google search engine
Homeराज्यबिहार / झारखण्डभारतीय सेना की पहल से झारखंड को बड़ी राहत, ‘दृष्टि 2026’ शिविर...

भारतीय सेना की पहल से झारखंड को बड़ी राहत, ‘दृष्टि 2026’ शिविर में मुफ्त नेत्र जांच और इलाज

रांची
जनसेवा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाते हुए भारतीय सेना ने मिलिट्री हॉस्पिटल नामकुम में ‘दृष्टि 2026’ मेगा नेत्र चिकित्सा शिविर का शुभारंभ किया है. 16 से 19 जून तक आयोजित इस चार दिवसीय शिविर के माध्यम से झारखंड के लोगों को अत्याधुनिक नेत्र चिकित्सा और विशेषज्ञ उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है. शिविर का उद्घाटन सर्जन वाइस एडमिरल आरती सरीन, पीवीएसएम, एवीएसएम, वीएसएम, महानिदेशक सशस्त्र सेना चिकित्सा सेवाएं (DGAFMS) द्वारा किया गया.

विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम दे रही सेवा
नई दिल्ली स्थित आर्मी हॉस्पिटल (रिसर्च एंड रेफरल) के विशेषज्ञ नेत्र चिकित्सकों की टीम पूर्व सैनिकों, उनके आश्रितों और रांची एवं आसपास के जिलों से आए नागरिकों को परामर्श, जांच और उन्नत उपचार दे रही है. शिविर में मोतियाबिंद ऑपरेशन, ग्लूकोमा उपचार और रेटिना संबंधी रोगों के लिए एंटी-VEGF इंजेक्शन जैसी विशेष सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, जो आंखों की रोशनी सुधारने और अंधापन रोकने की संभावना को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं.

सेना की पहल से राहत
विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधाओं को सीधे रांची तक पहुंचाकर भारतीय सेना ने लोगों को महानगरों में इलाज के लिए होने वाली लंबी और खर्चीली यात्राओं से राहत दी है. उद्घाटन समारोह में डीजीएएफएमएस ने पूर्वी कमान, मिलिट्री हॉस्पिटल नामकुम और विशेषज्ञ चिकित्सा टीमों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह की पहल गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं को आम लोगों तक पहुंचाने और उनके जीवन की गुणवत्ता में सुधार लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं.  

बड़ी संख्या में लाभार्थी पहुंचे
पहले ही दिन बड़ी संख्या में लोग शिविर में पहुंचे, जिससे इसकी जरूरत और महत्व साफ दिख गया. ‘दृष्टि 2026’ भारतीय सेना की उस सेवा भावना का सशक्त उदाहरण है, जो सीमाओं की सुरक्षा से आगे बढ़कर समाज के जरूरतमंद लोगों तक आशा, उपचार और बेहतर जीवन का संदेश पहुंचाती है.

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments