Monday, September 28, 2026
Google search engine
Homeराज्यपंजाबपंजाब में ई-कचरे पर बड़ा अभियान, छात्र घरों से लाएंगे पुराने इलेक्ट्रॉनिक...

पंजाब में ई-कचरे पर बड़ा अभियान, छात्र घरों से लाएंगे पुराने इलेक्ट्रॉनिक सामान

चंडीगढ़.

घर में किसी कोने में पड़ा पुराना मोबाइल, खराब चार्जर, केबल, कैलकुलेटर या कीबोर्ड अब कबाड़ में बेचने के बजाय स्कूल पहुंचाया जा सकेगा। सरकारी स्कूलों के स्टूडेंट अब ई-कचरे के सुरक्षित निपटान की मुहिम का हिस्सा बनेंगे।

स्वच्छता अभियान 6.0 के तहत स्टूडेंट अपने घरों में पड़े अनुपयोगी इलेक्ट्रॉनिक सामान को अभिभावकों की सहमति से स्कूल में बने कलेक्शन प्वाइंट पर जमा करा सकेंगे। स्कूलों से एकत्र होने वाले इस ई-कचरे को केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) या राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एसपीसीबी) से अधिकृत रिसाइक्लर्स के माध्यम से सुरक्षित तरीके से निपटाया जाएगा। केंद्र सरकार के शिक्षा मंत्रालय और पंजाब स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से दो से 31 अक्टूबर तक विशेष अभियान चलाया जाएगा। इसका उद्देश्य स्कूलों में जमा पुराने इलेक्ट्रॉनिक सामान को हटाने के साथ-साथ स्टूडेंट और उनके परिवारों को ई-कचरे के सुरक्षित निपटान के प्रति जागरूक करना है। इससे घरों में बेकार पड़े इलेक्ट्रॉनिक सामान को भी वैज्ञानिक तरीके से रिसाइक्लिंग की व्यवस्था से जोड़ा जा सकेगा।

हर स्कूल में अलग कलेक्शन कार्नर
अभियान के तहत प्रत्येक स्कूल में ई-वेस्ट कलेक्शन कार्नर बनाया जाएगा। यहां ई-कचरे को सुरक्षित और सूखे कंटेनर में रखा जाएगा। स्टूडेंट घर में पड़े पुराने फोन, चार्जर, केबल, कैलकुलेटर, कीबोर्ड सहित अन्य अनुपयोगी इलेक्ट्रॉनिक सामान की पहचान कर सकेंगे और अभिभावकों की सहमति से उसे स्कूल में जमा करा सकेंगे। स्कूल प्रशासन इसे अधिकृत रिसाइक्लर तक पहुंचाने की व्यवस्था करेगा।

स्टूडेंट को बताया जाएगा ई-कचरे का खतरा
स्कूलों में स्टूडेंट और शिक्षकों के लिए ओरिएंटेशन सत्र आयोजित किए जाएंगे। इनमें ई-कचरे से पर्यावरण को नुकसान, सुरक्षित निपटान और सर्कुलर इकोनामी के बारे में जानकारी दी जाएगी। ई-वेस्ट आर्ट इंस्टालेशन, पोस्टर मेकिंग और निबंध लेखन प्रतियोगिताओं के माध्यम से भी स्टूडेंट को अभियान से जोड़ा जाएगा। अभियान के प्रचार के लिए इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म का इस्तेमाल किया जाएगा।

पोर्टल पर दर्ज होगा हर किलो ई-कचरा
स्कूल ईको क्लब कोआर्डिनेटर अभियान के दौरान शामिल स्टूडेंट की संख्या, आयोजित वर्कशाप और एकत्र किए गए ई-कचरे का वजन किलोग्राम में पोर्टल पर दर्ज करेंगे। जिला शिक्षा अधिकारी स्कूल क्लस्टरों की सीपीसीबी या एसपीसीबी से अधिकृत रिसाइक्लर्स अथवा प्रोड्यूसर रिस्पॉन्सिबिलिटी आर्गेनाइजेशंस (पीआरओ) के साथ मैपिंग कराएंगे। तय तिथियों पर अधिकृत रिसाइक्लर्स स्कूल या क्लस्टर हब से ई-कचरा उठाएंगे।

पुराने कंप्यूटर और टीवी की भी होगी नीलामी
स्कूलों में लंबे समय से पड़े अनुपयोगी कंप्यूटर, टीवी, डीवीडी प्लेयर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान का सरकारी नियमों के अनुसार निपटान होगा। जहां नए कंप्यूटर उपलब्ध कराए गए हैं या कराए जा रहे हैं, वहां पुराने अनुपयोगी इलेक्ट्रॉनिक सामान की नीलामी की जाएगी। इससे प्राप्त राशि राज्य के खजाने में जमा करानी होगी।

अनधिकृत कबाड़ी को बेचने पर रोक
स्कूल प्रशासन ई-कचरे को किसी स्थानीय अनधिकृत कबाड़ी या स्क्रैप डीलर को नहीं बेच सकेगा। ई-कचरे का निपटान केवल सीपीसीबी या एसपीसीबी की आधिकारिक सूची में शामिल प्रमाणित रिसाइक्लर्स के माध्यम से ही किया जाएगा।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments