Thursday, August 13, 2026
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MP में दुकानों-मॉल के लिए बड़ा फैसला, 24 घंटे खुलने की छूट; 48 घंटे से ज्यादा काम नहीं कर सकेंगे कर्मचारी

भोपाल 
 मध्यप्रदेश में होटल, मॉल, रेस्टोरेंट और अन्य व्यवसायिक संस्थान अब दिन ही नहीं, बल्कि पूरी रात भी खुले रह सकेंगे. मध्यप्रदेश विधानसभा के बाद अब राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने मध्यप्रदेश कार्यस्थल सशक्तिकरण संहिता 2026 को अपनी मंजूरी दे दी है. इसके साथ ही यह अधिनियम अब प्रदेश भर में लागू हो गया है. प्रदेश में होटल, मॉल आदि प्रतिष्ठिान 24 घंटे और सभी 7 दिन खुल सकेंगे. इससे लोग रात में भी जाकर खरीदारी कर सकेंगे. इसके साथ ही लोगों को भी रात में काम के अवसर मिलेंगे. संस्थानों को अलग-अलग शिफ्ट में कर्मचारियों को रखना होगा. हालांकि, शराब की दुकानों की समय सीमा का निर्णय स्थानीय प्रशासन लेगा। 

कराना होगा सिर्फ एक बार रजिस्ट्रेशन
राज्य सरकार ने नए अधिनियम में संस्थानों के लिए अपने प्रतिष्ठिान के रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया भी आसान कर दी है. अब संस्थान को इसकी नियमानुसार विभाग को सूचना देनी होगी. इसके बाद उनका रजिस्ट्रेशन कर उन्हें इसका सर्टिफिकेट दे दिया जाएगा. रजिस्ट्रेशन बार-बार रिन्यु नहीं कराना होगा. संस्थान बंद होने पर लिखित में इसकी सूचना देनी होगी, इसके बाद रजिस्ट्रेशन निरस्त कर दिया जाएगा। 

हफ्ते में 48 घंटे से ज्यादा काम नहीं
नई व्यवस्था में कर्मचारी के काम के घंटे तय रहेंगे। एक सप्ताह में कर्मचारी से अधिकतम 48 घंटे काम कराया जा सकेगा। अतिरिक्त काम के लिए कर्मचारी की सहमति जरूरी होगी और ओवरटाइम का भुगतान भी तय नियमों के मुताबिक करना होगा।

इससे लोगों को रात में भी खरीदारी या होटल-रेस्टोरेंट की सुविधा मिल सकेगी। खासतौर पर बड़े मॉल, होटल, रेस्टोरेंट और अन्य प्रतिष्ठानों को 24 घंटे कारोबार करने का मौका मिलेगा।

दुकान का एक बार ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन
अब दुकान या प्रतिष्ठान का बार-बार रजिस्ट्रेशन और रिन्यूअल कराने की जरूरत नहीं होगी। एक बार ऑनलाइन पंजीयन कराने के बाद प्रमाण-पत्र और एक यूनिक पहचान नंबर मिलेगा। बाद में दुकान या प्रतिष्ठान की जानकारी में कोई बदलाव होता है तो उसे ऑनलाइन अपडेट करना होगा।

कर्मचारियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी मालिक की
नई संहिता में कर्मचारियों की सुरक्षा पर भी जोर दिया गया है। प्रतिष्ठान मालिकों को काम की जगह पर साफ-सफाई, सुरक्षा उपकरण, आग से बचाव और आपात स्थिति से निपटने की व्यवस्था करनी होगी। किसी हादसे या खतरे की स्थिति में अधिकारी जांच कर कार्रवाई कर सकेंगे।

महिला कर्मचारियों के लिए भी सुरक्षित माहौल और काम से जुड़े सुरक्षा प्रावधान किए गए हैं।

असंगठित कामगारों को भी योजनाओं का फायदा
रिक्शा चालक, घरेलू कामगार, निर्माण श्रमिक और दूसरे असंगठित क्षेत्र के कामगारों को सामाजिक सुरक्षा और सरकारी कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने पर जोर दिया गया है। इनके लिए स्वास्थ्य, शिक्षा, आवास, परिवहन और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं का लाभ पहुंचाने की व्यवस्था की जाएगी।

शिकायतों और जांच की व्यवस्था होगी आसान
श्रमिकों की शिकायतों के निपटारे के लिए प्रशासनिक व्यवस्था और समितियां बनाई जाएंगी। श्रम विभाग के अधिकारी जरूरत पड़ने पर प्रतिष्ठानों की जांच कर सकेंगे और जरूरी दस्तावेज मांग सकेंगे। नियमों का उल्लंघन मिलने पर कार्रवाई भी की जा सकेगी।

काम के घंटे लेबर लॉ के हिसाब से ही
भले ही मॉल, दुकान और अन्य संस्थानों को 24 घंटे खोलने का नियम बना दिया गया हो, लेकिन संचालकों को कर्मचारियों को रखने और उसने कार्य कराने के लिए श्रम विभाग के न्यूनतम कार्य के घंटों के नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा. किसी भी कर्मचारी से हर दिन के निर्धारित और साप्ताहिक 48 घंटों से अधिक काम कराने की अनुमति नहीं होगी. रात्रि के समय महिलाओं को भी काम की अनुमति होगी, लेकिन इसके लिए नियोक्ता को सुरक्षा, परिवहन और बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था करनी होगी. अतिरिक्त काम कराने के लिए संस्थान को ओवरटाइम वेतन कर्मचारी को देना होगा। 

दवाब बनाने नहीं रख सकेंगे कर्मचारी के डॉक्युमेंट
नए नियमों में कर्मचारियों के मूल डॉक्युमेंट और कोई अन्य सामान संस्थान द्वारा रखे जाने पर रोक लगा दी है. दरअसल, कई बार शिकायतें सामने आती हैं कि नियोक्ता द्वारा कर्मचारी के मूल दस्तावेज या कोई दूसरा सामान रख लिया जाता है, ताकि कर्मचारी काम छोड़कर न जा सके. नई संहिता में कर्मचारियों की सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाओं के संबंध में भी प्रावधान किया गया है. प्रतिष्ठान को कार्यस्थल पर साफ-सफाई, सुरक्षा उपकरण और आपात स्थिति से बचाव के लिए पर्याप्त व्यवस्था करनी होगी। 

शिकायतों के लिए बनाई जाएंगी समितियां
कर्मचारियों की समस्याओं को निपटाने के लिए समितियां बनाई जाएंगी. कर्मचारी संबंधित समितियों और इसके बाद प्रशासनिक अधिकारी को अपनी शिकायत दर्ज करा सकें. श्रम विभाग को अधिकार होंगे कि वे जरूरत पड़ने पर संबंधित प्रतिष्ठिान की जांच कर सकेंगे और दस्तावेज मांगकर उसकी जांच कर सकेंगे. यदि जांच के दौरान किसी तरह के नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जा सकेगी। 

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