Monday, July 27, 2026
Google search engine
Homeराज्यहरियाणा सरकार का बड़ा फैसला, 60 आईटीआई में आधुनिक सुविधाओं से मजबूत...

हरियाणा सरकार का बड़ा फैसला, 60 आईटीआई में आधुनिक सुविधाओं से मजबूत होगी तकनीकी शिक्षा

चंडीगढ़.

हरियाणा सरकार ने प्रधानमंत्री स्किल एंड इंप्लायबिलिटी ट्रांसफार्मेशन थ्रू अपग्रेडेड आइटीआइ (पीएम-सेतु) योजना के तहत राज्य में कौशल विकास को नई गति देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। योजना के अंतर्गत राज्य के 12 हब-एंड-स्पोक क्लस्टरों में 60 औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आइटीआइ) का उन्नयन किया जाएगा। इस पर 2892 करोड़ रुपये की लागत आएगी।

मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में सोमवार को पीएम-सेतु योजना की राज्य स्तरीय संचालन समिति (स्टीयरिंग कमेटी) की पहली बैठक हुई। इसमें बताया गया कि प्रस्तावित 12 क्लस्टरों में से कुरुक्षेत्र, कलायत (कैथल), पलवल, छारा (झज्जर), सोनीपत, मतलौडा (पानीपत) तथा बेरली कलां (रेवाड़ी) सहित सात क्लस्टरों की पहचान कर ली गई है। इनमें से कुरुक्षेत्र, पलवल, छारा, कलायत और सोनीपत क्लस्टरों के लिए रिक्वेस्ट फार प्रपोजल (आरएफपी) भी जारी किए जा चुके हैं।

युवा सशक्तीकरण एवं उद्यमिता विभाग के प्रधान सचिव राजीव रंजन ने बताया कि प्रत्येक क्लस्टर में एक हब आइटीआइ होगा, जिसके साथ औसतन चार स्पोक आइटीआइ जुड़े होंगे। इन संस्थानों में आधुनिक एवं नए पाठ्यक्रम, प्रशिक्षकों का प्रशिक्षण, प्लेसमेंट सेवाएं तथा उत्पादन इकाइयां विकसित की जाएंगी। राज्य के तीन क्लस्टरों को वर्ष 2026-27 में संचालित करने का लक्ष्य रखा गया है। कुरुक्षेत्र एवं कैथल क्लस्टरों के लिए, जिनमें राजकीय आइटीआइ कुरुक्षेत्र के साथ पांच तथा राजकीय आइटीआइ कलायत के साथ चार स्पोक संस्थान जुड़े हैं और जिनकी संयुक्त छात्र क्षमता 4,800 से अधिक है, जिंदल नवीन अवसार लिमिटेड के नेतृत्व वाले कंसोर्टियम तथा उसकी सामाजिक भागीदार जिंदल फाउंडेशन ने 520 करोड़ रुपये से अधिक की पांच वर्षीय रणनीतिक निवेश योजना प्रस्तुत की है।

इस योजना का वित्तपोषण केंद्र सरकार, राज्य सरकार तथा उद्योग साझेदार द्वारा संयुक्त रूप से किया जाएगा। राज्य संचालन समिति द्वारा अनुमोदित इन रणनीतिक निवेश योजनाओं को अंतिम स्वीकृति के लिए राष्ट्रीय संचालन समिति को भेजा जाएगा, जहां प्रत्येक क्लस्टर के लिए बजट का अंतिम निर्धारण किया जाएगा। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने विभाग को निर्देश दिए कि शेष क्लस्टरों का चयन शीघ्र किया जाए तथा उनके लिए आरएफपी प्रक्रिया समयबद्ध ढंग से पूरी की जाए, ताकि योजना के क्रियान्वयन में कोई विलंब न हो।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments