Tuesday, July 14, 2026
Google search engine
Homeराज्यपंजाबपंजाब सरकार का बड़ा फैसला, प्राइवेट स्कूलों की मनमानी पर रोक, फीस...

पंजाब सरकार का बड़ा फैसला, प्राइवेट स्कूलों की मनमानी पर रोक, फीस बढ़ोतरी की सीमा 5% तय

चंडीगढ़.

पंजाब में निजी स्कूलों की मनमानी फीस वृद्धि पर अंकुश लगाने की दिशा में राज्य सरकार को बड़ी सफलता मिली है। पंजाब के राज्यपाल ने "द पंजाब रेगुलेशन आफ फी आफ अनएडेड एजुकेशन इंस्टीट्यूशंस (अमेंडमेंट) आर्डिनेंस, 2026" पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। इसके साथ ही अब राज्य के निजी गैर-सहायता प्राप्त स्कूल अपनी मर्जी से फीस में 5 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी नहीं कर सकेंगे।

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने स्वयं इस संबंध में जानकारी साझा करते हुए राज्यपाल का आभार जताया और इसे पंजाब के विद्यार्थियों तथा अभिभावकों के हित में लिया गया बड़ा फैसला बताया। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि राज्यपाल ने बच्चों और अभिभावकों के हित में लिए गए सरकार के महत्वपूर्ण निर्णय पर अपनी मंजूरी देकर बड़ी राहत दी है। उन्होंने कहा कि लंबे समय से निजी स्कूलों की ओर से मनमाने ढंग से फीस बढ़ाने की शिकायतें मिल रही थीं, जिससे आम परिवारों पर आर्थिक बोझ बढ़ता जा रहा था। इसी को देखते हुए सरकार यह संशोधन अध्यादेश लेकर आई थी।

अब मनमानी नहीं कर पाएंगे स्कूल
मुख्यमंत्री के अनुसार, अध्यादेश लागू होने के बाद अब कोई भी निजी स्कूल अपनी इच्छा के अनुसार फीस नहीं बढ़ा सकेगा। यदि फीस में वृद्धि करनी होगी तो वह निर्धारित सीमा के भीतर ही संभव होगी और 5 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी नहीं की जा सकेगी। सरकार का मानना है कि इससे लाखों अभिभावकों को राहत मिलेगी और शिक्षा के नाम पर होने वाली मनमानी पर रोक लगेगी। इंटरनेट मीडिया पर साझा किए गए संदेश में मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार शिक्षा को व्यापार नहीं बनने देगी। उन्होंने कहा कि शिक्षा हर बच्चे का अधिकार है और सरकार आम लोगों की जेब पर पड़ने वाले अतिरिक्त आर्थिक बोझ को कम करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। सरकार का उद्देश्य गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है, न कि शिक्षा को कमाई का माध्यम बनने देना।

10 जुलाई को हुए हस्ताक्षर
उधर, सामने आए आधिकारिक पत्र के अनुसार, लोक भवन, पंजाब स्थित राज्यपाल सचिवालय ने 10 जुलाई 2026 को मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव को पत्र भेजकर सूचित किया कि 9 जुलाई 2026 को राज्यपाल ने "द पंजाब रेगुलेशन आफ फी आफ अनएडेड एजुकेशन इंस्टीट्यूशंस (अमेंडमेंट) आर्डिनेंस, 2026" पर विधिवत हस्ताक्षर कर दिए हैं। इसके साथ अध्यादेश की मूल हस्ताक्षरित प्रति और स्कूल शिक्षा विभाग की संबंधित फाइल भी सरकार को आवश्यक कार्रवाई के लिए वापस भेज दी गई है। राज्य सरकार का कहना है कि यह कदम शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा। सरकार का दावा है कि नए प्रावधान लागू होने से निजी स्कूलों की मनमानी फीस वृद्धि पर प्रभावी नियंत्रण होगा, अभिभावकों को आर्थिक राहत मिलेगी और शिक्षा व्यवस्था को अधिक संतुलित एवं जनहितैषी बनाया जा सकेगा।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments