मुंबई
RRB ALP 2026 Vacancy Increase Notification: भारतीय रेलवे में असिस्टेंट लोको पायलट (ALP) बनने का सपना देख रहे लाखों युवाओं के लिए रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) और रेलवे मंत्रालय की ओर से एक शानदार खुशखबरी आई है। रेलवे भर्ती बोर्ड ने CEN 01/2026 के तहत निकाली गई एएलपी भर्ती में रिक्तियों की संख्या में बड़ा इजाफा किया है। पहले जहां 11,127 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई थी, वहीं अब रेलवे बोर्ड ने 3,500 नए पदों को मंजूरी देते हुए कुल पदों की संख्या बढ़ाकर 14,627 कर दी है।
यदि आप भी रेलवे लोको पायलट परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं, तो आधिकारिक RRB ALP 2026 Vacancy Increase Notification से जुड़े सभी प्रमुख बिंदुओं—जोन-वाइज सीटों का आवंटन, चयन प्रक्रिया, सीबीटी 1 परीक्षा तिथि और तैयारी की रणनीति को विस्तार से समझना जरूरी है।
RRB ALP Recruitment 2026: ओवरव्यू
| विवरण | आधिकारिक जानकारी |
| भर्ती संस्था | रेलवे भर्ती बोर्ड (RRBs), रेल मंत्रालय |
| केंद्रीयकृत रोजगार सूचना (CEN) | CEN 01/2026 |
| पद का नाम | असिस्टेंट लोको पायलट (ALP) |
| प्रारंभिक अधिसूचित पद | 11,127 |
| अतिरिक्त मंजूर पद | +3,500 |
| संशोधित कुल पद | 14,627 |
| वेतनमान | पे लेवल-2 (7वां वेतन आयोग), मूल वेतन ₹19,900/- + भत्ते |
| आरआरबी बोर्ड आदेश तिथि | 29 सितंबर 2026 |
| CBT-1 परीक्षा तिथि | 3 नवंबर से 5 नवंबर 2026 |
| आधिकारिक पोर्टल | rrbapply.gov.in |
3,500 पदों की बढ़ोतरी क्यों की गई?
रेलवे बोर्ड द्वारा देश भर के विभिन्न जोनल रेलवे और प्रोडक्शन यूनिट्स में एएलपी पदों की वर्तमान आवश्यकता, नई ट्रेनों के परिचालन, और आगामी सेवानिवृत्तियों की समीक्षा के बाद यह निर्णय लिया गया है।
रेलवे ने जोनल स्तर पर लोको पायलटों की कमी को दूर करने के लिए ओआईआरएमएस (OIRMS) पोर्टल पर अतिरिक्त इंडेंट की अनुमति दी है। बोर्ड के आदेशानुसार आरक्षण नियमों (SC, ST, OBC, EWS, UR) का कड़ाई से पालन करते हुए इन 3,500 नए पदों को चिन्हित ज़ोन में वितरित किया गया है।

अतिरिक्त 3,500 पदों का ज़ोन-वाइज वितरण
रेलवे बोर्ड के आदेश के तहत जिन प्रमुख रेलवे ज़ोन में अतिरिक्त रिक्तियां जोड़ी गई हैं, उनका विवरण इस प्रकार है:
- South Central Railway (SCR): 700 अतिरिक्त पद
- East Central Railway (ECR): 500 अतिरिक्त पद
- East Coast Railway (ECoR): 450 अतिरिक्त पद
- South East Central Railway (SECR): 200 अतिरिक्त पद
- इसके अलावा अन्य प्रमुख जोनल इकाइयों व मेट्रो रेलवे (जिसका इंडेंट SER द्वारा रखा जाना है) में शेष पदों का आवंटन किया गया है।
मूल 11,127 पदों में सबसे अधिक रिक्तियां आरआरबी सिकंदराबाद (1,420), आरआरबी रांची (1,300), आरआरबी मुंबई (1,193) और कोलकाता ज़ोन में थीं। अब नए 3,500 पदों के जुड़ने से उम्मीदवारों के चयन की संभावना पहले से कहीं अधिक बढ़ गई है।
इस बढ़ोतरी का उम्मीदवारों पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
हाल ही में जारी RRB ALP 2026 Vacancy Increase Notification उम्मीदवारों के लिए कई सकारात्मक बदलाव लेकर आया है:
- कट-ऑफ में संभावित राहत: रिक्तियों में लगभग 31.5% की बढ़ोतरी होने के कारण CBT-1 और CBT-2 दोनों स्तरों पर कट-ऑफ अंकों में राहत मिलने की पूरी उम्मीद है।
- CBT-2 के लिए अधिक उम्मीदवारों का चयन: नियमानुसार, CBT-1 से CBT-2 के लिए कुल विज्ञापित पदों का 15 गुना अभ्यर्थियों को शॉर्टलिस्ट किया जाता है।
- पहले 11,127 पदों पर लगभग 1,66,905 उम्मीदवार शॉर्टलिस्ट होते।
- अब 14,627 पदों के आधार पर लगभग 2,19,405 उम्मीदवारों को CBT-2 देने का अवसर मिलेगा। यानी 52,500 अतिरिक्त छात्र दूसरे चरण में प्रवेश पा सकेंगे।
- CBAT (साइको टेस्ट) में प्रवेश: कंप्यूटर आधारित एप्टीट्यूड टेस्ट (CBAT) के लिए पदों के 8 गुना उम्मीदवारों को बुलाया जाता है। अब 14,627 पदों के हिसाब से 1,17,000 से अधिक छात्र एप्टीट्यूड टेस्ट के लिए चयनित होंगे।
आरआरबी एएलपी भर्ती 2026: चयन प्रक्रिया के चरण
असिस्टेंट लोको पायलट बनने के लिए उम्मीदवारों को निम्नलिखित चार चरणों से गुजरना होता है:
[चरण 1: CBT-1 (स्क्रीनिंग टेस्ट)]
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[चरण 2: CBT-2 (भाग A मेरिट + भाग B ट्रेड टेस्ट)]
↓
[चरण 3: CBAT (कंप्यूटर आधारित एप्टीट्यूड टेस्ट)]
↓
[चरण 4: दस्तावेज सत्यापन (DV) एवं A-1 मेडिकल टेस्ट]
चरण 1: प्रथम चरण कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT-1)
- समय अवधि: 60 मिनट
- कुल प्रश्न: 75 बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs)
- विषय: गणित (20 प्रश्न), मेंटल एबिलिटी/रीजनिंग (25 प्रश्न), जनरल साइंस (20 प्रश्न), सामान्य जागरूकता/करेंट अफेयर्स (10 प्रश्न)
- नेगेटिव मार्किंग: प्रत्येक गलत उत्तर पर $1/3$ अंक काटा जाएगा।
- उद्देश्य: यह चरण केवल स्क्रीनिंग प्रकृति का है; इसके अंक अंतिम मेरिट में नहीं जुड़ते हैं।
चरण 2: द्वितीय चरण परीक्षा (CBT-2)
CBT-2 दो भागों में विभाजित होता है:
- भाग-A (90 मिनट, 100 प्रश्न): मैथ्स, रीजनिंग, बेसिक साइंस एंड इंजीनियरिंग। अंतिम मेरिट सूची में भाग-A के प्राप्तांकों का 70% वेटेज होता है।
- भाग-B (60 मिनट, 75 प्रश्न): संबंधित ट्रेड/तकनीकी विषय का टेस्ट। यह केवल क्वालिफाइंग होता है जिसमें 35% न्यूनतम अंक लाना अनिवार्य है।
चरण 3: कंप्यूटर बेस्ड एप्टीट्यूड टेस्ट (CBAT)
- केवल वे अभ्यर्थी जो CBT-2 के भाग-A और भाग-B दोनों में उत्तीर्ण होते हैं, उन्हें CBAT के लिए बुलाया जाता है।
- CBAT के प्रत्येक टेस्ट बैटरी में न्यूनतम 42 T-स्कोर हासिल करना अनिवार्य है।
- अंतिम मेरिट में CBAT के अंकों का 30% वेटेज जोड़ा जाता है।
चरण 4: दस्तावेज सत्यापन और मेडिकल टेस्ट
- अंतिम मेरिट (70% CBT-2 Part-A + 30% CBAT) के आधार पर चुने गए अभ्यर्थियों को बुलाया जाता है।
- इसमें रेलवे का अत्यंत सख्त A-1 मेडिकल फिटनेस टेस्ट लिया जाता है, जिसमें $6/6$ विज़न अनिवार्य है और किसी भी प्रकार की लेसिक सर्जरी (LASIK) की अनुमति नहीं होती।
ALP 2026 पात्रता मानदंड एवं शर्तें
जो अभ्यर्थी इस भर्ती में शामिल हो रहे हैं, उनके पास निम्नलिखित योग्यताएं होना अनिवार्य है:
- शैक्षणिक योग्यता:
- 10वीं पास के साथ संबंधित ट्रेड (Fitter, Electrician, Machinist, Diesel Mechanic आदि) में ITI, अथवा
- मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स, या ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग में 3 वर्षीय डिप्लोमा या बी.ई./बी.टेक डिग्री।
- आयु सीमा: न्यूनतम 18 वर्ष और अधिकतम 30 वर्ष (आरक्षित श्रेणियों जैसे OBC को 3 वर्ष, SC/ST को 5 वर्ष की नियमानुसार छूट)।
- मेडिकल स्टैंडर्ड: शारीरिक रूप से पूर्ण स्वस्थ और A-1 विज़न स्टैंडर्ड।
परीक्षा की तैयारी के लिए महत्वपूर्ण टिप्स
अब जबकि परीक्षा 3 से 5 नवंबर 2026 के बीच आयोजित होनी तय है, उम्मीदवारों को अपनी तैयारी को अंतिम रूप देना चाहिए:
- एनसीईआरटी जनरल साइंस पर फोकस करें: CBT-1 में 10वीं कक्षा स्तर के भौतिकी और रसायन विज्ञान के सिद्धांत सीधे पूछे जाते हैं। फॉर्मूले और यूनिट्स पर पकड़ मजबूत रखें।
- मॉक टेस्ट और स्पीड मैनेजमेंट: 60 मिनट में 75 प्रश्नों को हल करने के लिए टाइम मैनेजमेंट सबसे जरूरी पहलू है। प्रतिदिन कम से कम 1 से 2 फुल-लेंथ ऑनलाइन टेस्ट हल करें।
- नेगेटिव मार्किंग से बचें: 1/3 नेगेटिव मार्किंग से स्कोर काफी नीचे आ सकता है। जिन प्रश्नों पर पूर्ण विश्वास हो, केवल उन्हीं को हल करें।
- ट्रेड विषय को नजरअंदाज न करें: बहुत से छात्र नॉन-टेक्निकल में अच्छे अंक ले आते हैं लेकिन CBT-2 के ट्रेड भाग में असफल हो जाते हैं। अपनी आईटीआई या डिप्लोमा ट्रेड के मूल सिद्धांतों को दोहराते रहें।




