Monday, June 22, 2026
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भारत की रक्षा शक्ति को बड़ी मजबूती, लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल रोकने वाले सिस्टम का सफल परीक्षण

नई दिल्ली

डिफेंस सेक्टर में भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है. इसी कड़ी में आज सुबह-सुबह एक बड़ी खबर तब सामने आई, जब रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट कर बताया कि DRDO ने लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों और मध्यम दूरी की एंटी-शिप क्षमता के खिलाफ मल्टी-लेयर्ड सुरक्षा का प्रदर्शन करने के लिए लगातार तीन फ्लाइट टेस्ट सफलतापूर्वक किए गए. रक्षा मंत्री ने इस पोस्ट के साथ तीन मिसाइलों के परीक्षण की तस्वीरें भी साझा की है. रक्षा मंत्री के पोस्ट ने पोस्ट में यह भी लिखा कि DRDO के इस सफल परीक्षण से भारत उन चुनिंदा देशों में शामिल हो गया, जिसके पास इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) को रोकने की क्षमता है. रक्षा मंत्री ने इस सफलता के लिए डीआरडीओ के वैज्ञानिकों को बधाई दी है। 

डीआरडीओ को मिली यह सफलता पड़ोसी देश चीन और पाकिस्तान की टेंशन बढ़ाने वाला है. इन दोनों देशों के साथ भारत के सीमा सहित कई मुद्दों पर विवाद लंबे समय से है. ऐसे में डीआरडीओ को मिली यह सफलता न केवल दुश्मनों के ठिकानों को तबाह करने वाला है. बल्कि दुश्मन देशों की ओर से होने वाले खतरनाक हमलों को भी रोकने वाला है। 

भारत की रक्षा अनुसंधान एंव विकास संगठन (DRDO) को मिली इस सफलता के बारे में एक्स पोस्ट में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लिखा- DRDO ने देश की रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने वाली कई अहम तकनीकों का सफलतापूर्वक टेस्ट किया है, जो दुश्मन के अलग-अलग तरह के खतरों से निपटने में मदद करेंगी। 

उन्होंने आगे लिखा लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों और मध्यम दूरी की एंटी-शिप क्षमता के खिलाफ मल्टी-लेयर्ड डिफेंस वाले तीन फ़्लाइटों का टेस्ट सफलतापूर्वक पूरे किए गए। 
रक्षा मंत्री ने लिखा कि इस टेस्ट में मल्टी-लेयर्ड BMD क्षमता का सफलतापूर्वक प्रदर्शन किया गया. इंटरसेप्टर ने अपने-अपने लक्ष्यों को सफलतापूर्वक निशाना बनाया. इन सिस्टम को नई मिसाइल चुनौतियों से निपटने के लिए आधुनिक तकनीकों से डिजाइन और विकसित किया गया है। 

चुनिंदा देशों की लिस्ट में शामिल हुआ भारत
इन सफल परीक्षणों ने भारत को उन चुनिंदा देशों में ला खड़ा किया है जिनके पास ICBM (इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल) तक की बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने की क्षमता है. 'नेवल एंटी-शिप मिसाइल-मीडियम रेंज' के पहले फ़्लाइट-टेस्ट के दौरान मध्यम दूरी की एंटी-शिप सुरक्षा का प्रदर्शन किया गया. इन अहम तकनीकों का सफलतापूर्वक प्रदर्शन करने के लिए DRDO को बधाई। 

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